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Doctor Anurag Aggarwal on first ad after accident | इमरजेंसी डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया बाइक एक्सीडेंट के फर्स्ट एड


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Dr Anurag Aggarwal Bike Accident: अगर अचानक आप बाइक से गिर गए और आपको होश है और वहां कोई नहीं है तो आप क्या करेंगे. इस सवाल के स्टेप बाय स्टेप जवाब दे रहे हैं इमरजेंसी मेडिसीन के बहुत बड़े डॉक्टर अनुग्राल अग्रव…और पढ़ें

अचानक बाइक से एक्सीडेंट हो जाएं तो सबसे पहले क्या करें फर्स्ट एडडॉ. अनुराग अग्रवाल.
Dr Anurag Aggarwal Bike Accident: भगवान न करे ऐसा हो लेकिन फर्ज कीजिए कि अगर कोई बाइक से एक्सीडेंट करता है और उसे होश है तो सबसे पहला काम क्या करना चाहिए. आमतौर पर ऐसे मामलों में एक्सीडेंट के बाद लोग कई तरह की गलतियां करते हैं. कई बार एक्सीडेंट के समय जो लोग रहते हैं वह भी गलत तरीके से उपचार करते हैं. इसमें छोटी सी गलती बड़ा बवंडर बन जाती है. अगर व्यक्ति अकेला है और इस पर जानकारी नहीं होती तो वह खुद भी कई तरह की गलतियां कर बैठता है. इससे मुसीबतें और बढ़ जाती है. ऐसे में हमने फोर्टिस अस्पताल, नोएडा में इमरजेंसी मेडिसीन और ट्रॉमा के एडिशनल डॉक्टर डॉ. अनुराग अग्रवाल से बात की.

एक्सीडेंट के बाद सबसे पहला काम-हेल्मेट तुरंत न निकालें First Thing After Accident

इमरजेंसी के डॉक्टर अनुराग अग्रवाल ने बताया कि अगर आप अचानक एक्सीडेंट कर गए हैं और आपको होश है तो सबसे पहला काम यह है कि आप घबराए नहीं.जितना धैर्य बनाकर रहेंगे उतना आप चीजों को हैंडल कर पाएंगे. इसके बाद झटके से या ताकत लगाकर खुद को सही करने की कोशिश न करें. तत्काल आपको पता नहीं लगेगा कि चोट कहां-कहां है, इसलिए बेहद आराम से अपने आपको गाड़ी से निकालें. मूवमेंट को एकदम सीमित करें. सबसे बड़ी गलती लोग हेल्मेट निकालने में करते हैं. जब एक्सीडेंट होता है तो लोग झटके से हेल्मेट निकाल लेते हैं. यह बहुत ही गलत और खतरनाक तरीका है क्योंकि इससे स्पाइल कॉर्ड यानी रीढ़ की हड्डी और नसें खत्म हो सकती है जो जीवन और जीवन भर के लिए घातक हो सकता है. इसलिए ऐसा बिल्कुल न करें. हेल्मेट को कभी भी जल्दी-जल्दी नहीं निकालें. पहले खुद को सुरक्षित जगह पर लाएं और थोड़ा सुकून होने के बाद हेल्मेट निकालें. हालांकि अगर चोट गहरी है तो इसे निकालने के लिए एक जिग जॉग तकनीक होती है. इसके लिए प्रशिक्षण की जरूरत है लेकिन अगर आप इसे वीडियो से सीख लेंगे तो यह काम आएगा. अगर गलत तरीके से हेल्मेट निकालने की कोशिश करेंगे तो हाथ-पैरों की नसों को भी नुकसान होगा और इससे हाथ-पैर बेजान हो सकती है.

अगर आप बाइक के अंदर फंस गए

डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि चूंकि एक्सीडेंट के बाद आपको यह पता नहीं होता कि आपकी चोट कहां है. अगर यह शरीर के अंदरुनी हिस्से में हो तो बहुत-बहुत अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है. इसलिए अगर आप बाइक के नीचे आ गए और दर्द ज्यादा हो रहा है तो खुद से उठने की कोशिश न करें. इत्मीनान और धैर्य के साथ वैसे ही रहें और किसी के आने का इंतजार करें. अगर वहां कहीं नहीं आ रहा है तो बहुत आराम से फोन निकालें और अस्पताल या किसी को कॉल करें. फिर बहुत ही इत्मीनान से बाइक के नीचे से उतरे और तत्काल अस्पताल पहुंचने की कोशिश करें. यहां भी हेल्मेट को जल्दीबाजी में निकालने की कोशिश न करें और अगर चोट ज्यादा महसूस हो रही है तो अस्पताल में ही डॉक्टर को हेल्मेट निकालने दें.

अगर आपको खून निकल रहा है

एक्सीडेंट अगर ज्यादा तगड़ा है तो इससे मरीज को खून भी निकल सकता है. चूंकि बाहर से जो खून निकलता है उसे आप देख सकते हैं. ऐसे में जहां से खून निकल रहा है वहां कसकर बांधने की कोशिश करें. इसके लिए अगर पट्टी या ट्रूनिके सबसे बेहतर होता है. अगर यह नहीं मिल रहे हैं तो बनियान निकाल लें और इससे ब्लीडिंग वाली जगह पर कसकर बांध दें. लेकिन कई बार ब्लीडिंग अंदर से होती है जिसका उपर से पता लगाना मुश्किल है. इंटरनल ब्लीडिंग अगर हो रही है तो तत्काल इसका पता लगाना मुश्किल है. डॉ. अनुराग अग्रवाल बताते हैं कि इंटरनल ब्लीडिंग में मुख्य तौर पर लिवर और स्प्लिन के फटने का डर रहता है. इसमें बहुत जल्दी अस्पताल पहुंचना होता है. अधिकांश एक्सीडेंट वाले मरीजों की मौत इसलिए हो जाती है क्योंकि उसे देर से अस्पताल लाया जाता है. इसमें हम तत्काल अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन कर पता लगाते हैं कि शरीर के अंदरुनी भाग में कहीं कोई फ्लूड या खून तो नहीं निकल रहा है. अगर निकल रहा है तो उस स्थिति में तत्काल ऑपरेशन करने की जरूरत होती है. इसके लिए किसी लकड़ी के डंडे को फ्रेक्चर वाली जगह में पट्टी से जोर से बांध दें.

अगर हड्डियों में दर्द या फ्रेक्चर हो –

एक्सीडेट के समय हड्डियों के फ्रेक्चर होने का खतरा ज्यादा रहता है. डॉ. अनुराग अग्रवाल कहते हैं कि अगर हड्डियों में फ्रेक्चर हो गया है तो जब तक अस्पताल जाएं उस हिस्से को कसकर किसी सपोर्ट से बांध दें और उसी स्थिति में अस्पताल पहुंचे. शरीर को जितना स्थिर रखेंगे अस्पताल पहुंचने पर उतना अच्छा होगा और रिकवर पर उतनी जल्दी करेंगे.

अगर स्किन छिल जाए

डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि अगर मामूली एक्सीडेंट भी होता है तो उसमें स्किन छिल जाती है. इसे तत्काल पट्टी कराने की जरूरत होती है. अक्सर देखा गया है कि स्किन में पट्टी नहीं होने के कारण इंफेक्शन हो जाता है. इसलिए सही तरीके से पट्टी करनी जरूरी है. अगर दर्द ज्यादा हो रहा है कि बर्फ की सिंकाई फायदेमंद होता है.

अगर एक्सीडेंट के बाद भी दर्द करता रहे

डॉ. अनुराग अग्रवाल बताते हैं कि कुछ लोगों को एक्सीडेंट के कई दिनों बाद तक मांसपेशियों में दर्द करता रहता है. इसके लिए डॉक्टर से दिखाना बहुत जरूरी है. इसमें हमें यह देखना होता है कि मसल्ट में किसी लिगामेंट्स की इंजरी तो नहीं हुई है या मसल्स के अंदर कोई चीज फट तो नहीं गई है. इस स्थिति में हमें कुछ टेस्ट कराने पड़ते हैं जिसके बाद इसका इलाज किया जाता है.

एक्सीडेंट के मामले में दो तिहाई मरीजों को हम आसानी से बचा सकते हैं. एक तिहाई लोगों को बचाने में हमें दिक्कत होती है क्योंकि उसे बहुत ज्यादा इंटरनल चोटें लगती है जिसके कारण सीधा हार्ट पर असर पड़ता है और अचानक हार्ट भी बंद हो सकता है. इसमें लिवर और स्पिलिन फट जाते हैं, इसमें तत्काल अस्पताल न पहुंचा जाए तो जिंदगी बचाना बहुत मुश्किल हो जाता है. इसलिए एक्सीडेंट के समय बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है. इसमें घबराने से काम नहीं चलता बल्कि सही सूझबूझ की जरूरत होती है. आराम से खुद को उपर बताई गई विधि से बाहर करें जिंदगी बच जाएगी.

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LAKSHMI NARAYAN

Excelled with colors in media industry, enriched more than 18 years of professional experience. L. Narayan contributed to all genres viz print, television and digital media. He professed his contribution in the…और पढ़ें

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अचानक बाइक से एक्सीडेंट हो जाएं तो सबसे पहले क्या करें फर्स्ट एड


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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-what-to-do-after-bike-accident-emergency-doctor-anurag-aggarwal-explain-step-by-step-guide-to-first-ad-after-road-accident-ws-en-9609335.html

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