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Himalayan herbs : हिमालय की वादियां अपनी बर्फबारी के लिए जानी जाती हैं. इसकी एक पहचान यहां की जड़ी-बूटियां से भी है. ये जड़ी-बूटियां सिर से लेकर पैर तक के दर्द में रामबाण हैं. ये दिखने में एक जैसी लगती हैं, लेकिन सभी के फायदे अलग है. पहाड़ों में रहने वाले जानकार इनका सही उपयोग अच्छी तरह जानते हैं. आजकल लोग प्राकृतिक इलाज की ओर लौट रहे हैं. इस वजह से हिमालयी जड़ी-बूटियों की मांग बढ़ रही है. सर्दियों में जोड़ों के दर्द से परेशान लोग इसकी मालिश कर सकते हैं, तुरंत आराम मिलेगा.
पिथौरागढ़. हिमालय की वादियां जितनी खूबसूरत हैं, उतनी ही अनमोल वहां पाई जाने वाली जड़ी-बूटियां भी हैं. पहाड़ों में ऐसी कई जड़ी-बूटियां मिलती हैं, जो सिर से लेकर पैर तक के दर्द में राहत देने के लिए जानी जाती हैं. यही वजह है कि पुराने समय से लेकर आज तक पहाड़ी इलाकों में लोग दर्द की दवाओं से ज़्यादा इन प्राकृतिक जड़ी-बूटियों पर भरोसा करते आए हैं. इन हिमालयी जड़ी-बूटियों की एक खास बात यह भी है कि ये देखने में अक्सर एक जैसी लगती हैं. आम लोगों के लिए इन्हें पहचानना थोड़ा मुश्किल हो जाता है, लेकिन जिन लोगों का जीवन इनसे जुड़ा है, वे इन्हें आसानी से पहचान लेते हैं. पहाड़ों में रहने वाले बुज़ुर्ग, वैद्य और जड़ी-बूटी के जानकार इनका सही उपयोग अच्छी तरह जानते हैं.
कोई साइड इफेक्ट नहीं
हिमालय में पाई जाने वाली प्रमुख जड़ी-बूटियों में जम्बू, डोलू, लाल जड़ी, भूत केश, गंधरेनी और निर्वीष शामिल हैं. ये सभी हिमालयी क्षेत्रों में ही पाई जाती हैं. इनका इस्तेमाल सिरदर्द, जोड़ों के दर्द, कमर दर्द, मांसपेशियों के खिंचाव और शरीर की थकान दूर करने के लिए किया जाता है. Bharat.one से बात करते जड़ी-बूटियों के विक्रेता ईश्वर सिंह चलाल बताते हैं कि पहाड़ों में लोग पीढ़ियों से इनका इस्तेमाल करते आ रहे हैं. ये जड़ी-बूटियां प्रकृति की देन हैं. अगर इन्हें सही पहचान और सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो ये बिना किसी साइड इफेक्ट के अच्छा असर दिखाती हैं. आजकल लोग फिर से प्राकृतिक इलाज की ओर लौट रहे हैं, जिससे हिमालयी जड़ी-बूटियों की मांग बढ़ रही है. ये पूरी तरीके से प्राकृतिक है.
कैसे करें इस्तेमाल
ईश्वर सिंह कहते हैं कि पहाड़ों में इन जड़ी-बूटियों से काढ़ा, लेप और तेल तैयार किया जाता है. ठंड के मौसम में जोड़ों के दर्द से परेशान लोग इनसे बनी तेल की मालिश करते हैं, जिससे आराम मिलता है. हालांकि, जानकारों की सलाह है कि बिना जानकारी के किसी भी जड़ी-बूटी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. आज के समय में जब लोग केमिकल वाली दवाओं से बचना चाहते हैं, तब हिमालयी जड़ी-बूटियां भरोसेमंद इलाज बनकर सामने आ रही हैं.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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