Pill That Cure Bad Habit: हर कोई जानता है कि शराब पीना हर तरह से नुकसानदेह है. इसके बावजूद लोग पीते हैं. कभी आपने सोचा है कि ऐसा लोग क्यों करते हैं. दरअसल, इसके पीछे हमारे दिमाग में एक खुशी वाला हार्मोन निकलता है जो हमें सुकून और बेहद खुशी महसूस कराता है. इसे लगातार करने से यह आदत मिल जाती है और हमें बेहतर खुशी वाला रिवार्ड सिस्टम देता है. यह सिर्फ शराब तक ही सीमित नहीं है. अगर आप लगातार शॉपिंग करेंगे या आप लगातार रील्स स्क्रॉलिंग करेंगे तो भी यही एहसास होगा. यहां तक कि जुआ खेलने के दौरान भी यही अहसास होता है. इसलिए आदत लगने के बाद चाहकर भी लोग इन बुरी आदतों को छोड़ नहीं पाते हैं क्योंकि जब आप ये काम नहीं करेंगे तो जो आदत वाली खुशी थी, वह नहीं मिलेगी और आप बेचैन हो जाएंगे. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि वैज्ञानिक एक ऐसी दवा पर काम कर रहे हैं जिसे खाने के बाद इंसान के दिमाग में इस तरह के रिवार्ड सिस्टम को ब्लॉक किया जा सकेगा. इससे इन बुरी लतों से पीछे छुड़ाया जा सकता है.
नशे का रिवार्ड सिस्टम हो जाता है बंद
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक नाल्ट्रेक्सोन (Naltrexone) जैसी दवाएं इन बुरी आदतों को छुड़ा सकता है. क्योंकि जिस तरह भूख कम करने वाली दवा होती है, उसी तरह यह दवा उस रिवार्ड सिस्टम को बंद कर देती है जिस रिवार्ड सिस्टम से हमें खुशी मिलती है. अब रिवार्ड सिस्टम को थोड़ा सही से समझिए. जब हम कोई सुखद काम करते हैं, जैसे स्वादिष्ट खाना खाना, सोशल मीडिया पर लाइक मिलना, शॉपिंग करना या शराब/सिगरेट लेना तो दिमाग में डोपामिन जैसे रसायन निकलते हैं. यही रसायन हमें अच्छा महसूस कराते हैं और दिमाग को इस तरह से ट्रैंड कर देता है कि यह काम दोबारा करना है. इसी पूरी प्रक्रिया को ब्रेन का रिवार्ड सिस्टम कहा जाता है. नई रिसर्च बताती है कि ये दवाएं सिर्फ शराब सहित अनियंत्रित खरीदारी, लगातार मोबाइल स्क्रॉल करने जैसी दूसरी लतों को भी कम कर सकती हैं.
कैसे काम करती है यह दवा
दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ.अस्तिक जोशी बताते हैं, शराब पीने से शरीर में कुदरती ओपिओइड्स निकलते हैं. यह ओपिओइड्स दिमाग के ऐसे रिसेप्टर्स को सक्रिय कर देता है जो खुशी वाला एहसास देता है. नाल्ट्रेक्सोन दवा इन रिसेप्टर्स से जुड़कर उन्हें ब्लॉक कर देता है. इससे दिमाग में रिवॉर्ड सिस्टम सक्रिय ही नहीं होगा जिस कारण इन चीजों को लेने के बाद दिमाग में खुशी वाला अहसास ही नहीं होगा. हालांकि नाल्ट्रेक्सोन को शराब की लत के इलाज के लिए मंज़ूरी मिली हुई है. शराब पीने से शरीर में एंडोर्फिन निकलते हैं, जो दिमाग के ओपिओइड रिसेप्टर्स को सक्रिय करते हैं और खुशी व संतोष का एहसास कराते हैं. नाल्ट्रेक्सोन इन रिसेप्टर्स को ब्लॉक कर देता है, जिससे शराब से मिलने वाला मज़ा कम हो जाता है. इसका असर यह होता है कि शराब की तलब घटती है और ज्यादा पीने या दोबारा लत लगने का खतरा कम हो जाता है. कई मरीज बताते हैं कि इलाज के दौरान उन्हें शराब पीने की इच्छा कम होती है और वे अपने सेवन पर बेहतर नियंत्रण रख पाते हैं.

अन्य बीमारियों में भी सकारात्मक नतीजे
रिपोर्ट के मुताबिक नशे से जुड़ी समस्याओं के अलावा, अब नाल्ट्रेक्सोन को व्यवहारिक लतों के इलाज में भी देखा जा रहा है. इनमें जुआ खेलने की लत, बेवजह खरीदारी करने की आदत, इंटरनेट की लत और यहां तक कि खुद को नुकसान पहुंचाने वाला व्यवहार भी शामिल है. इन सभी समस्याओं में दिमाग का एक जैसा रास्ता काम करता है, जो रिवॉर्ड सिस्टम और आत्म-नियंत्रण से जुड़ा होता है. जो लोग भावनाओं को काबू में रखने के लिए बार-बार खुद को नुकसान पहुंचाने या बिना सोचे-समझे कोई काम करने लगते हैं, उनके लिए यह दवा उन भावनाओं को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है, जो ऐसे व्यवहार को बढ़ावा देती हैं. हालांकि इस विषय पर अभी वैज्ञानिक शोध जारी है, लेकिन शुरुआती नतीजे उम्मीद जगाने वाले हैं. हालांकि जहां तक जरूरत से ज्यादा खरीदारी की लत की बात है तो इस दवा पर अभी सीमित और छोटे स्तर के अध्ययन किए गए हैं. दूसरी ओर जुआ खेलने की लत को कम करने में नाल्ट्रेक्सोन के असर का क्लीनिकल स्टडी में सबूत मिला है. कुछ अध्ययनों में चोरी करने की आदत और बाल नोचने जैसी समस्याओं में भी इसके सकारात्मक नतीजे देखे गए हैं. इसे नशे वाली दवाओं और गांजा सेवन की लत में भी परखा गया है, जहां शुरुआती नतीजे अच्छे हैं. इन सबके बावजूद अभी रिसर्च शुरुआती चरण में है इसलिए बिना डॉक्टरों की सलाह इन दवाओं का इस्तेमाल इन चीजों में कभी नहीं किया जाना चाहिए.

दवा अकेला समाधान नहीं है
यह समझना जरूरी है कि नाल्ट्रेक्सोन कोई जादुई इलाज नहीं है. किसी भी चीज की लत एक जटिल समस्या है. इसमें शरीर, मन और सामाजिक पहलू सभी शामिल होते हैं. सबसे बेहतर नतीजे तब मिलते हैं, जब दवा के साथ-साथ काउंसलिंग, व्यवहार में बदलाव, परिवार का सहयोग और लंबे समय तक फॉलो-अप भी किया जाए. सुरक्षित और असरदार इलाज के लिए सही मरीज का चयन, डॉक्टर की निगरानी और इलाज के नियमों का पालन बेहद जरूरी है. मानसिक स्वास्थ्य और लत को लेकर जागरूकता बढ़ने और समाज में इससे जुड़ी झिझक कम होने के साथ नाल्ट्रेक्सोन जैसी दवाएं उम्मीद बनकर सामने आ रही हैं. सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह दवा मरीजों को अपनी ज़िंदगी पर दोबारा नियंत्रण पाने में मदद करती है और दोबारा नशा करने का जोखिम कम हो सकता है.
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-wine-reels-gambling-all-bad-habits-quit-take-this-1-naltrexone-tablet-unique-miracle-of-science-10109740.html

















