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Medicinal Plants at Home: घर-आंगन में उगने वाले औषधीय पौधे सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. तुलसी, गिलोय, एलोवेरा, पुदीना, अजवाइन, रोजमेरी और अश्वगंधा जैसे पौधे इम्युनिटी बढ़ाने से लेकर सर्दी-खांसी, पाचन और तनाव जैसी समस्याओं में प्राकृतिक उपचार प्रदान करते हैं. ये पौधे कम देखभाल में आसानी से उग जाते हैं और आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर होकर परिवार की सेहत का सच्चा सहारा बनते हैं.

हमारे आस-पास कई ऐसे पौधे पाए जाते हैं, जो केवल हरियाली ही नहीं बढ़ाते, बल्कि सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव और छोटी-छोटी बीमारियों के बीच अब लोग फिर से आयुर्वेद और प्राकृतिक उपचारों की ओर लौट रहे हैं. खास बात यह है कि इनमें से कई औषधीय पौधे हमारे घर, आंगन या छत पर आसानी से उगाए जा सकते हैं और रोजमर्रा की स्वास्थ्य समस्याओं में लाभ पहुंचाते हैं.

तुलसी: इम्युनिटी की सबसे बड़ी ढाल तुलसी को भारतीय घरों में पूजनीय माना जाता है, लेकिन इसके औषधीय गुण इसे और खास बनाते हैं.तुलसी में एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं.सर्दी-खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण में तुलसी का काढ़ा बेहद फायदेमंद माना जाता है.नियमित सेवन से शरीर अंदर से मजबूत होता है.

एलोवेरा: एलोवेरा आज हर घर में आसानी से दिख जाता है.इसके अंदर मौजूद जेल त्वचा की समस्याओं, जलन और कटने-छिलने में तुरंत राहत देता है. वहीं एलोवेरा जूस पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और कब्ज जैसी परेशानियों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है. इम्युनिटी बढ़ाने में भी इसका अहम योगदान है.
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गिलोय: गिलोय को ‘अमृता’ भी कहा जाता है. यह इम्युनिटी बढ़ाने में बेहद असरदार है.गिलोय का सेवन ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है और वायरल बीमारियों से बचाव करता है. साथ ही यह शरीर में खून की कमी को दूर करने में भी सहायक माना जाता है.

लेमनग्रास: लेमनग्रास की खुशबू ही मन को सुकून देने वाली होती है.यह शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है और तनाव को कम करता है. लेमनग्रास की चाय पीने से थकान दूर होती है और पाचन भी बेहतर रहता है.साथ ही इसे बुढ़ापे की प्रक्रिया को धीमा करने में भी सहायक माना जाता है.

पत्थरचट्टा: पत्थरचट्टा एक ऐसा पौधा है, जिसे आयुर्वेद में खास महत्व दिया गया है. यह किडनी और पित्ताशय की पथरी में उपयोगी माना जाता है. इसके अलावा त्वचा रोगों और घावों के इलाज में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. घर में आसानी से उगने वाला यह पौधा कई घरेलू नुस्खों का हिस्सा है.

अपराजिता दिमाग और शरीर दोनों के लिए फायदेमंद: अपराजिता के फूलों से बनी चाय शुगर और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए लाभकारी मानी जाती है. यह त्वचा और श्वसन संबंधी रोगों में भी मदद करती है.वहीं रोजमेरी तनाव कम करने के साथ-साथ दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ाने और याददाश्त सुधारने में सहायक है. इन दोनों पौधों का नियमित और सही उपयोग बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में एक अच्छा कदम साबित हो सकता है.
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