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New Nipah-like Bat Virus PRV in Bangladesh: Scientists Warning| बांग्लादेश में निपाह जैसा नया बैट वायरस PRV हुआ और भी घातक, वैज्ञानिकों की बड़ी चेतावनी

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Bangladesh Mystery Virus: बांग्लादेश में वैज्ञानिकों ने एक नए और घातक वायरस ‘टेरोपाइन ऑर्थोरियोवायरस’ (PRV) की पहचान की है. पहले इसे निपाह वायरस समझा जा रहा था, लेकिन रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा हुआ. यह वायरस चमगादड़ से कच्चा ताड़ी (खजूर का रस) पीने के जरिए इंसानों में फैला. मलेशिया और वियतनाम के मुकाबले बांग्लादेश में यह वायरस ज्यादा खतरनाक और जानलेवा लक्षण दिखा रहा है. वैज्ञानिक इसे लेकर बड़ी चेतावनी जारी कर चुके हैं.

खजूर का रस पीना पड़ सकता है भारी! बांग्लादेश में फैला निपाह से भी खतरनाक वायरसZoom

बांग्लादेश में चमगादड़ से फैला एक और रहस्यमय वायरस. (AI Photo)

ढाका: राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे बांग्लादेश में वायरस का खौफ भी फैला हुआ है. वैज्ञानिकों ने एक ऐसे नए वायरस की पहचान की है जो निपाह वायरस की तरह ही जानलेवा साबित हो रहा है. शुरुआत में इसे निपाह संक्रमण का ही हिस्सा माना जा रहा था. नई रिसर्च ने खुलासा किया है कि यह असल में ‘टेरोपाइन ऑर्थोरियोवायरस’ (PRV) है. यह पैथोजन चमगादड़ों से इंसानों में पहुंचा है और अब पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक रूप ले चुका है. खजूर का कच्चा रस पीने वाले लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं. इसने मेडिकल साइंस की चिंता बढ़ा दी है.

क्या निपाह से भी ज्यादा खतरनाक है यह नया वायरस?

दिसंबर 2022 से मार्च 2023 के बीच बांग्लादेश के अस्पतालों में पांच मरीज भर्ती हुए थे. इन सभी में बुखार, उल्टी, तेज सिरदर्द और थकान जैसे गंभीर लक्षण देखे गए थे. मरीजों के मुंह से लार का ज्यादा टपकना और नर्वस सिस्टम में खराबी जैसे संकेत भी मिले थे. इन सभी मरीजों ने खजूर का कच्चा रस पिया था. यह वही पेय पदार्थ है जिसे चमगादड़ भी बहुत पसंद करते हैं. हालांकि जब इन मरीजों की निपाह जांच हुई तो रिपोर्ट नेगेटिव आई. इसके बाद वैज्ञानिकों ने गहराई से जांच शुरू की और इस नए वायरस का पता लगाया.

मरीजों की हालत और मौत ने क्यों चौंकाया?

अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद भी मरीजों की मुश्किलें कम नहीं हुईं. तीन मरीजों ने लगातार थकान, सांस लेने में तकलीफ और चलने में दिक्कत की शिकायत की. साल 2024 में इनमें से एक मरीज की मौत हो गई. उसकी दिमागी हालत लगातार बिगड़ रही थी और डॉक्टर इसका कारण नहीं समझ पा रहे थे. रिसर्चर्स का कहना है कि मलेशिया और वियतनाम में भी यह वायरस मिला था. वहां इसके लक्षण काफी हल्के थे लेकिन बांग्लादेश में यह बहुत आक्रामक हो गया है. यह सीधे फेफड़ों और दिमाग पर हमला कर रहा है.

बांग्लादेश: फरीदपुर के शुवरमपुर इलाके में फील्ड लैब असिस्टेंट निपाह वायरस रिसर्च के लिए सैंपल इकट्ठा करते समय अपने जाल में एक चमगादड़ पकड़ते हुए. (फाइल फोटो : रॉयटर्स)

वायरस के म्यूटेशन से बढ़ा खतरा?

  • वैज्ञानिकों को शक है कि इस वायरस ने अपनी जेनेटिक बनावट में बदलाव कर लिया है. इस बदलाव की वजह से इसकी फैलने की क्षमता और मारक क्षमता दोनों बढ़ गई हैं. पद्मा नदी के आसपास पकड़े गए चमगादड़ों में भी इसी तरह का वायरस मिला है.
  • वैज्ञानिकों का मानना है कि यह वायरस अब केवल हल्का संक्रमण नहीं रहा बल्कि जान लेने वाला बन चुका है. डॉक्टर निश्चय मिश्रा ने बताया कि अब केवल निपाह से बचना काफी नहीं है. कच्चा खजूर रस पीने से होने वाले खतरों की लिस्ट अब और लंबी हो गई है.

कैसे बचें इस जानलेवा संक्रमण से?

पद्मा नदी बेसिन के आसपास रहने वाले लोगों के लिए यह खबर किसी बड़े अलर्ट से कम नहीं है. वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि श्वसन संबंधी किसी भी बीमारी को हल्के में न लें. अब मेडिकल जांच में निपाह के साथ-साथ ‘पीआरवी’ वायरस का टेस्ट करना भी जरूरी हो गया है. खजूर के रस को बिना उबाले पीना जानलेवा साबित हो सकता है. चमगादड़ों के संपर्क में आई किसी भी खाने वाली चीज से दूरी बनाना ही बचाव का एकमात्र तरीका है. निगरानी प्रोग्राम के जरिए इस वायरस को फैलने से रोकने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं.

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Deepak Verma

दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्‍य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह Bharat.one हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़…और पढ़ें

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खजूर का रस पीना पड़ सकता है भारी! बांग्लादेश में फैला निपाह से भी खतरनाक वायरस


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