Sadhvi Prem Baisa death: जोधपुर की रहने वाली साध्वी प्रेम बाईसा की मौत एक मिस्ट्री बन गई है. ये हादसा है, साजिश है या खुद के प्रति उठाया आत्मघाती कदम, कुछ भी साफ नहीं है. बाइसा की मौत के मामले में पिता वीरमनाथ के डेक्सोना इंजेक्शन के बाद मौत होने की बात कहे जाने के बाद यह इंजेक्शन भी सवालों के घेरे में है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि जिस इंजेक्शन को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है क्या वह इतना घातक है कि उससे किसी की जान चली जाए? इस बारे में एकेडमी ऑफ फैमिली फिजिशियंस ऑफ इंडिया के फाउंडर प्रेजिडेंट डॉक्टर रमन कुमार से जानते हैं…
डॉ. रमन कुमार कहते हैं, ‘डेक्सोना इंजेक्शन को लेकर जैसा कहा जा रहा है कि इसे लगाने से मौत हुई है तो मेरी जानकारी में अभी तक ऐसा कोई केस नहीं है कि इसे लगाने से किसी की जान गई हो. यह इंजेक्शन सामान्य प्रैक्टिस में मरीजों को लगाया जाता रहा है, लेकिन कभी भी इसकी वजह से मौत होने की कोई घटना मेरे संज्ञान में नहीं आई. हालांकि इसके साइड इफैक्ट्स देखने को मिलते हैं.’
क्यों दिया जाता है यह इंजेक्शन?
डॉ. रमन कहते हैं कि यह इंजेक्शन एक स्टेरॉइड दवा है जो मुख्य रूप से किसी प्रकार की एलर्जी, अर्थराइटिस, इम्यूनिटी संबंधी हेल्थ कंडीशंस, अस्थमा या सांस की तकलीफ वाली परिस्थिति में दिया जाता है. हालांकि देखा गया है कि नॉन क्वालिफाइड प्रेक्टिशनर्स यानि झोलाछाप भी यह इंजेक्शन बुखार आदि होने पर मरीजों को लगाते रहे हैं. यह इंजेक्शन और टेबलेट दोनों फॉर्म में उपलब्ध है और इसकी एक खुराक एक सामान्य पैरासीटामोल की खुराक जैसे ही होती है.
‘इसके साइड इफैक्ट्स में मौत की संभावना तो नहीं है लेकिन लॉन्ग टर्म में दिखाई देते हैं, जैसे मेटाबोलिज्म डिस्टर्ब होना, इम्यूनिटी का कमजोर होना, स्टेरॉइड डिपेंडेंसी हो जाना, हमारे एडिनल ग्लैंड्स कम काम करते हैं, शरीर में कुछ और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं, लेकिन जहां तक मौत का सवाल है तो वह इस इंजेक्शन को लेने से नहीं हो सकती है क्योंकि यह लाइफ सेविंग दवा है. ऐसे में संभव है कि मौत की कुछ और वजह हो, इसकी जांच होनी चाहिए.’
साध्वी प्रेम बाईसा मूल रुप से बालोतरा जिले के परऊ गांव की रहने वाली थीं. इनकी मां अमरु बाईसा गृहणी थीं. जबकि पिता बिरमा राम पेशे से ट्रक ड्राईवर थे. मां अमरु के निधन के बाद पिता वीरमनाथ प्रेम बाईसा को बचपन में ही लेकर जोधपुर के गुरु कृपा आश्रम आ गए. बाईसा ने आश्रम में संत राजाराम और संत कृपा राम के मार्गदर्शन में कथा वाचन और भजन का आध्यामिक ज्ञान प्राप्त किया.
प्रेम बाईसा जब भागवत कथा वाचन और भजन गायन को लेकर लोकप्रिय हुईं तो गुरु कृपा आश्रम से अलग होकर जोधपुर में ही पाल रोड पर साधना कुटीर आश्रम में रहने लगी. इस आश्रम के उदघाटन में बाबा रामदेव समेत देशभर के कई संत शामिल हुए थे.
बालोतरा जिले में पैतृक गांव परेऊ गांव में भी प्रेम बाईसा ने एक आश्रम बनाया, जहां भागवत कथा की जाती थी लेकिन परिजनो के साथ जमीन विवाद के बाद पुलिस में केस दर्ज कराया था.
छह महीने पर पहले एक वायरल वीडियो को लेकर भी साध्वी औऱ पिता विवादो में रहे. वीडियो में साध्वी के पिता से गले लगने के तरीके पर सवाल उठाया तो प्रेम बाईसा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने विडियो बनाने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया था.
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https://hindi.news18.com/news/rajasthan/jodhpur-sadhvi-prem-baisa-death-case-how-dangerous-is-dexona-injection-what-are-side-effects-can-it-kill-someone-doctor-raman-kumar-explains-ws-kl-10122028.html







