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आंख से गिरने वाले आंसू को लेकर आया चौंकाने वाला लैब विश्लेषण. सिर्फ भावनाएं नहीं, आंसू में छिपा है सेहत का राज! वैज्ञानिकों ने बताया इसका अनोखा बायोलॉजिकल इस्तेमाल. आंसू सिर्फ दुख का नहीं, इलाज का जरिया भी हुआ …और पढ़ें
आंख से गिरने वाले आंसू आपके लिए रामबाण.नई दिल्ली. हम सभी कभी न कभी रोते हैं. दुख में, खुशी में, दर्द में या तनाव में. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आंख से गिरने वाले आंसू (Tears) सिर्फ भावनाओं का इजहार नहीं करते, बल्कि इनके पीछे एक जैविक, वैज्ञानिक और चिकित्सकीय महत्व भी छुपा होता है। लैब टेस्ट, मेडिकल रिसर्च और डॉक्टर्स की मानें तो आंसुओं में कई ऐसे एंजाइम्स, प्रोटीन और बायो-केमिकल्स होते हैं, जो शरीर के लिए लाभकारी हो सकते हैं. न सिर्फ शारीरिक रूप से, बल्कि मानसिक रूप से भी. आप इस आंसू का इस्तेमाल कर कष्टकारी दर्द और मानसिक रोगों से मुक्त हो सकते हैं. आंख के आंसू के इस्तेमाल कर आप लंबी उम्र भी जिएंगे और वैवाहिक जीवन का भी आनंद लेंगे. बहुत कम लोगों को पता है कि आंख से गिरने वाले आंसू उनके जीवन के लिए कितना वपदान साबित हो सकता है.
आंख से कितने प्रकार के आंसू गिरते हैं?
पहला, बेसल टियर्स (Basal tears)– ये लगातार आंखों में बनते रहते हैं और आंखों को नमी, पोषण और सुरक्षा प्रदान करते हैं.
जब आंखों में धुआं, प्याज या कोई जलन पैदा करने वाला तत्व आता है तो ये आंसू निकलते हैं. शरीर का रक्षा प्रणाली कितना मजबूत है यह आंसू से आपको पता चल जाता है.
दुख, गुस्सा, खुशी, तनाव या भावनात्मक प्रतिक्रिया के समय ये आंसू निकलते हैं. यह आंसू सबसे खास और रिसर्च के केंद्र में हैं. इसी आंसू को लेकर विज्ञान जगत में रिसर्च शुरू हो गए हैं. डॉक्टर से लेकर वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं कि इस आंसू से शरीर के किन-किन चीजों का इलाज किया जा सकता है.

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आंसू में क्या होता है?
वैज्ञानिक रिसर्च क्या कहती है?
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) और American Psychological Association (APA) की रिपोर्ट्स के अनुसार इमोशनल टियर्स में कुछ ऐसे हार्मोन और टॉक्सिन्स भी बाहर निकलते हैं, जो तनाव के दौरान शरीर में जमा हो जाते हैं. इसलिए रोने से शरीर डिटॉक्स होता है और मानसिक हल्कापन महसूस होता है। जापान, नीदरलैंड्स और अमेरिका की यूनिवर्सिटीज में आंसू पर हुई स्टडीज ने बताया है कि रोने के बाद शरीर में ऑक्सिटोसिन और एंडॉर्फिन बढ़ जाते हैं, जो मूड सुधारते हैं.

भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें
भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा… और पढ़ें
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-tears-power-revealed-in-lab-test-benefits-of-emotional-tears-in-new-research-medicine-how-prepared-from-every-drops-ws-kl-9563956.html

















