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What Is AYUSH Full Form and Importance Explained | AYUSH क्या है और इसकी फुल फॉर्म क्या होती है


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AYUSH Full Form and Importance: आयुष भारतीय पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों का समूह है, जिसमें आयुर्वेद, योग एंड नेचुरोपैथी, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी शामिल हैं. सरकार आयुष पर काफी फोकस कर रही है और इसके लिए बजट में भी कई ऐलान किए गए हैं. सरकार का आयुष मंत्रालय इसी के लिए डेडिकेटेड है.

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क्या है AYUSH, जिस पर सरकार का सबसे ज्यादा फोकस? तमाम लोग नहीं जानते फुल फॉर्मआयुष भारत की कई चिकित्सा पद्धतियों का एक ग्रुप है.

AYUSH Full Form and Benefits: भारत में सदियों से बीमारियों के इलाज के लिए कई तरह की चिकित्सा प्रणाली अपनाई जाती रही हैं. इनमें आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी प्रमुख हैं. पिछले कई साल से भारत सरकार जिस स्वास्थ्य क्षेत्र पर सबसे ज्यादा जोर दे रही है, वह आयुष (AYUSH) है. बजट, स्वास्थ्य योजनाओं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार इसका जिक्र होता है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि बहुत से लोग आज भी नहीं जानते कि AYUSH आखिर है क्या और इसकी फुल फॉर्म क्या होती है. AYUSH सिर्फ इलाज की एक पद्धति नहीं, बल्कि भारत की सदियों पुरानी चिकित्सा परंपराओं का संगठित और आधुनिक रूप है, जिसे अब सरकार वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ा रही है.

AYUSH की फुल फॉर्म आयुर्वेद (Ayurveda), योग एंड नेचुरोपैथी (Yoga & Naturopathy), यूनानी (Unani), सिद्ध (Siddha) और होम्योपैथी (Homoeopathy) है. ये सभी उपचार पद्धतियां प्राकृतिक, समग्र और रोग की जड़ पर काम करने के सिद्धांत पर आधारित हैं. आयुर्वेद शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर जोर देता है. योग और नेचुरोपैथी लाइफस्टाइल बदलाव और शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता को बढ़ाते हैं. यूनानी और सिद्ध चिकित्सा पारंपरिक जड़ी-बूटियों और खनिजों पर आधारित हैं, जबकि होम्योपैथी न्यूनतम दवा से इलाज के सिद्धांत पर काम करती है.

सरकार का AYUSH पर फोकस इसलिए भी बढ़ा है, क्योंकि आज की तेज रफ्तार ज़िंदगी में लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. डायबिटीज, मोटापा, तनाव, हाई ब्लड प्रेशर और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में AYUSH पद्धतियों की भूमिका को काफी प्रभावी माना जा रहा है. इन पद्धतियों में इलाज के साथ-साथ बीमारी से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली को प्राथमिकता दी जाती है, जो आधुनिक चिकित्सा का भी अहम पूरक बन रही हैं. AYUSH को मजबूती देने के लिए सरकार ने 2014 में अलग से आयुष मंत्रालय का गठन किया था. देशभर में आयुष कॉलेज, अस्पताल, रिसर्च सेंटर और फार्मेसियों को बढ़ावा दिया जा रहा है. साथ ही आयुर्वेदिक और आयुष दवाओं की गुणवत्ता, रिसर्च और स्टैंडर्डाइजेशन पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है.

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सरकार की रणनीति सिर्फ देश तक सीमित नहीं है. AYUSH को ग्लोबल ब्रांड के रूप में स्थापित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, रिसर्च और निर्यात को बढ़ावा दिया जा रहा है. आयुर्वेदिक दवाओं, जड़ी-बूटियों, योग और वेलनेस टूरिज्म की वैश्विक मांग तेजी से बढ़ रही है. भारत अब पारंपरिक चिकित्सा को वैज्ञानिक आधार और अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ दुनिया के सामने पेश कर रहा है. AYUSH भारत की चिकित्सा विरासत और आधुनिक स्वास्थ्य जरूरतों के बीच एक मजबूत सेतु है. सरकार का AYUSH पर बढ़ता फोकस इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में यह सेक्टर स्वास्थ्य के साथ-साथ रोजगार, रिसर्च और आर्थिक विकास का भी एक अहम स्तंभ बनने वाला है.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय Bharat.one Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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क्या है AYUSH, जिस पर सरकार का सबसे ज्यादा फोकस? तमाम लोग नहीं जानते फुल फॉर्म


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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-what-is-ayush-full-form-and-why-government-is-focusing-on-it-know-details-in-hindi-10129389.html

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