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Purest Food in World: आज के दौर में जब हर चीज में मिलावट होने का संदेह ज्यादा है, ऐसे में कौन सी ऐसी चीज है जो इस संसार में सबसे शुद्धतम खाद्य पदार्थ है. हमारे धर्म और संस्कृति में घी को सबसे शुद्धतम खाद्य पदार्थ है लेकिन क्या यह विज्ञान सम्मत है. इस विषय पर हमने अपने दो एक्सपर्ट से बात की है. आइए जानते हैं कि विज्ञान के हिसाब से संसार का कौन सा शुद्धतम खाद्य पदार्थ है, जानते हैं.
Purest Substance on Earth: खाने-पीने की चीजों में सबसे शुद्धतम चीज क्या है. आप कहेंगे चावल, दाल, आटा-ये सब तो शुद्ध ही है. लेकिन नहीं, इन चीजों में शुद्धता नहीं रहती. चलिए चावल की बात करते है. धान खेत में उपजाया जाता है. उससे चावल बनता है और वह हमारे घर में आता है. क्या यह शुद्ध है. बिल्कुल नहीं, खेत में ही धान में कई केमिलक मिल जाते हैं. अगर वह ऑर्गेनिक उपजाया जाए तो भी उसमें कीट-फतंगों के कुछ अवशेष जरूर मिलते हैं. जब चावल की शुद्धता पर इतने बड़े सवाल है तो जरा बताइए कि फिर कौन से खाद्य पदार्थ इस प्रकृति में सबसे शुद्धतम है. एक चीज है. उसका नाम है घी. घी हमारी संस्कृति में भी सबसे पवित्र माना गया है. तो क्या यह विज्ञान के हिसाब से भी सही है. आइए जानते हैं.
कितना शुद्ध है घी
घी को लेकर बीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में कई विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर बताया है कि घी सबसे शुद्धतम खाद्य पदार्थ है. लेकिन इसकी वैज्ञानिक वैधता कितनी है, इसे लेकर हमने भी अपने दो एक्सपर्ट से बात की. अपोलो अस्पताल बेंगलुरु की चीफ क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. प्रियंका रोहतगी जो अब अमेरिका में कार्यरत हैं, ने कहा कि बेशक अब तक आधिकारिक रुप से यह घोषित नहीं हुआ है लेकिन घी का प्रकृति का सबसे शुद्धतम खाद्य पदार्थ माना जाना चाहिए. हमारे यहां जिस देसी पद्धति से घी निकाला जाता है वह बेहद शुद्ध होता है. मूल रूप से यह दूध का अंतिम शुद्धतम रूप है. इसके लिए दूध से मलाई निकाली जाती है या यूं कहें कि मक्खन बनाई जाती है. पहले दूध को मथा जाता है और उसके बाद जो ठोस क्रीम बचती है उसे धीमी आंच पर पकाया जाता है. पकने के बाद इसकी अशुद्धियां बाहर निकल जाती है और जो तरल पदार्थ बचता है वह शुद्ध घी है. इस तरह इसकी शुद्धता यूं ही साबित हो जाती है क्योंकि इसकी सारी अशुद्धियां आग पर आने के बाद निकल जाती है.
घी क्यों है सबसे ज्यादा शुद्ध
डॉ.प्रियंका रोहतगी ने बताया कि घी विज्ञान के हिसाब से भी बहुत शुद्ध है. घी प्योर फैट यानी वसा है. घी में कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन सिंगल बॉन्ड से जुड़ा होता है. इसे शॉर्ट और मीडियम चेन फैटी एसिड कहा जाता है. यह शरीर के अंदर जाकर तुरंत मेटाबोलाइज हो जाता है जिससे तुरंत एनर्जी बनती है. घी लो कैलोरी डाइट है. इसलिए अगर सीमित मात्रा में खाया जाय तो यह हमारी सेहत के लिए कुदरती हीरा है. घी को सीमित मात्रा में खाने से गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और बैड कोलेस्ट्रॉल घटता है. घी में विटामिन ए, डी, ई और के होते हैं जो हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. घी स्किन में चमक और बालों को मजबूत बनाने में मदद करता है. घी हड्डियों को भी मजबूत करता है और शरीर में थकान और कमजोरी को भी मिटाता है. इस तरह देखा जाए तो घी के कई फायदे हैं.

विज्ञान के हिसाब से भी शुद्ध !
सर गंगाराम सिटी अस्पताल की चीफ डायटीशियन मुक्ता वशिष्ठ बताती है कि विज्ञान के हिसाब से भी घी शुद्ध होता लेकिन वो बाजार का घी नहीं हो सकता है. इसके लिए आपको खुद अपने हाथों से मक्खन निकालना होगा और उसे मथकर उसमें से पानी निकालना होगा. फिर निश्चित रूप से घी संसार का सबसे शुद्धतम खाद्य पदार्थ हो सकता है. उन्होंने कहा कि खाने योग्य सबसे शुद्धतम पदार्थ यही है. शुद्ध घी में शुद्ध सैचुरेटेड फैट होता है. इसमें ब्यूटैरिक एसिड और ओलिक एसिड होता है. अगर इसे सीमित मात्रा में खाया जाए तो यह दोनों चीजें हमारी सेहत के लिए अमृत समान है. घी में मीडियम चेन फैटी एसिड होता है जिसे आंत जल्दी अवशोषित कर लेता है. जाहिर है इसमें मौजूद फैटी एसिड मेटाबोलिज्म को तेज कर देगा. घी में कई तरह के विटामिंस होते है. विटामिन ए, विटामिन डी, विटामिन ई और विटामिन के जैसे वसा में घुलनशील विटामिन होते हैं. इन विटामिनों के एब्जॉब्सन में भी घी बहुत मदद करता है. ये सारी चीजें हमारी इम्यूनिटी को बूस्ट करती है. इतना ही नहीं घी में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं. इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड भी होता है. ये सब हमें कई तरह की बीमारियों से बचाते हैं.

पर सीमित मात्रा में ही करें सेवन
डॉ. प्रियंका रोहतगी ने बताया कि घी चाहे कितना भी शुद्ध क्यों न हो इसे सीमित मात्रा में और सही तरीके से खाना चाहिए. घी में शॉर्ट चेन और मीडियम चैन फैटी एसिड होता है. इसका मतलब है कि अगर इसे थोड़ा भी ज्यादा गर्म कर दिया तो इसका चेन टूट जाएगा और उसकी जगह हवा से ऑक्सीजन भर जाएगी जिससे यह ऑक्सीडाइज हो जाएगा. ऑक्सीडेशन प्रक्रिया के कारण यह कोशिकाओं के अंदर फ्री रेडिकल्स को बढ़ा देगा. ऐसे में इस तरह से आपने ज्यादा घी खाया तो इससे कई तरह की क्रोनिक बीमारियां बीपी, डायबिटीज, हार्ट आदि का जोखिम बढ़ जाएगा. हालांकि जो लोग बहुत ज्यादा इस तरह से घी खाएंगे उसी के साथ ऐसा होगा. सामान्य तौर पर दो-तीन चम्मच घी खाने से फायदा ही होगा, नुकसान नहीं होगा. लेकिन असली बात यह है कि हमें घी खाना कैसे चाहिए. घी जब भी खाना हो कोशिश करे कि गर्म फूड जैसे कि चावल दाल आदि में इसे ठोस ही मिला दें या हल्का धीमी आंच पर जैसे ही पिघले इसे थाली में डाल लें. यही घी सबसे शुद्धतम है और इसके अनेक फायदे हैं. डॉ. प्रियंका रोहतगी कहती है कि इस तरह से आप एक दिन में 1 से 2 चम्मच यानी 15-30 मिलीलीटर घी खाएंगे तो इससे कई तरह के फायदे हैं. इससे ज्यादा घी नहीं खाना चाहिए.
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18 साल से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा। लक्ष्मी नारायण ने अपने लंबे करियर में डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक के विभिन्…और पढ़ें
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