ज्यादा सोना सुनने में आरामदायक लगता है, लेकिन कई लोगों को यह अनुभव होता है कि देर तक सोने के बाद सिर में तेज दर्द, भारीपन या चक्कर जैसा महसूस होता है. इसका कारण सिर्फ “ज्यादा सो लेना” नहीं होता, बल्कि शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक, दिमाग की केमिकल एक्टिविटी और लाइफस्टाइल फैक्टर्स में अचानक आया बदलाव होता है. ज्यादा नींद शरीर की नैचुरल रिदम को बिगाड़ देती है, जिससे सिरदर्द होना आम बात है. आइए विस्तार से समझते हैं कि ऐसा क्यों होता है.
हेल्थलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, हमारे शरीर में एक इंटरनल क्लॉक होती है जिसे सर्केडियन रिदम कहते हैं. यह बताती है कि हमें कब सोना और कब जागना चाहिए. जब आप रोज की तुलना में ज्यादा देर तक सो लेते हैं, तो यह रिदम बिगड़ जाता है. इससे दिमाग में सेरोटोनिन, मेलाटोनिन और डोपामिन जैसे हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं. ये वही केमिकल हैं जो मूड, नींद और दर्द को नियंत्रित करते हैं. इनके असंतुलन से सिरदर्द, सुस्ती और मानसिक धुंधलापन महसूस होने लगता है.
ब्रेन में ब्लड फ्लो बदल जाना
ज्यादा सोने से दिमाग में ब्लड सर्कुलेशन भी प्रभावित होता है. रिसर्च के अनुसार, देर तक सोने में दिमाग एक तरह से “ओवर-रिलैक्स” मोड में चला जाता है, जिससे नसों पर दबाव बढ़ता है और सिर की रक्त वाहिकाओं में हल्का फैलाव होता है. यह फैलाव माइग्रेन ट्रिगर कर सकता है, खासतौर पर उन लोगों में जिन्हें पहले से माइग्रेन की शिकायत रहती है. इसलिए लंबे समय तक बेड में पड़े रहना सिरदर्द को और ज्यादा बढ़ा सकता है.
डिहाइड्रेशन और ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव
कई बार ज्यादा सोने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, क्योंकि लंबे समय तक नींद में रहने से आप पानी नहीं पीते, जिससे डिहाइड्रेशन हो जाता है. डिहाइड्रेशन खुद एक बड़ा headache trigger है. दूसरी ओर, ज्यादा देर तक सोने से ब्लड शुगर लेवल भी अनियमित हो जाता है. इससे दिमाग को आवश्यक ऊर्जा नहीं मिलती और सिर में दर्द या भारीपन महसूस होता है. यह समस्या खासकर उन लोगों में ज्यादा होती है जो रात को देर से खाना खाते हैं या सुबह का नाश्ता देर में लेते हैं.
मांसपेशियों में जकड़न और गलत पोजिशन
ज्यादा देर तक एक ही मुद्रा में सोना गर्दन, कंधे और पीठ की मांसपेशियों पर असर डालता है. जब गर्दन की मसल्स टाइट हो जाती हैं, तो इसका सीधा असर सिर की नसों पर पड़ता है, जिससे टेंशन हेडेक होता है. अगर आप पेट के बल सोते हैं, बहुत ऊंचा तकिया इस्तेमाल करते हैं या असुविधाजनक मैट्रेस पर सोते हैं, तो भी ज्यादा नींद लेने पर सिरदर्द और ज्यादा महसूस होता है.
कब ज्यादा नींद खतरनाक हो सकती है?
अगर रोज सुबह उठते समय सिरदर्द होता है, और आपको 9 घंटे से ज्यादा सोना पड़ता है, तो यह
– हाइपोथायरॉयड
– डिप्रेशन
– स्लीप एप्निया
– विटामिन B12 की कमी
– आयरन डेफिशियेंसी का संकेत भी हो सकता है और ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-why-does-sleeping-too-much-cause-headache-know-reason-ws-ekl-9935922.html

















