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नाखुन के आपके सेहत से जुड़े कई राज खोलते हैं. हाल ही में इसका खुलासा एक स्टडी में हुआ है. आप नाखुन को देखकर पता कर सकते हैं कि आपके शरीर के अंदर क्या समस्या चल रही है. इतना ही नहीं इससे आप कितने समय तक जिंदा रहेंगे ये भी जान सकते हैं.

इंसान लंबे समय से यह जानने के लिए बेताब रहा है कि हम कितने समय तक जीवित रहेंगे. कल्पना कीजिए, अगर आपके शरीर की सतह पर ही इससे जुड़े संकेत दिख जाएं. बिल्कुल ये मुमकिन है. हाल शोध से पता चलता है कि आपके नाखूनों के बढ़ने की दर आपके अंदरूनी सेहत और दीर्घायु का संकेत दे सकती है.

शरीर अक्सर बाहरी रूप से ही आपके स्वास्थ्य का संकेत देता है. त्वचा, बाल, आंखें और हां, नाखून. आपके अंगों और समग्र स्वास्थ्य के बारे में बहुत कुछ बता सकते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि नाखूनों के बढ़ने की गति आपके महत्वपूर्ण अंगों के स्वास्थ्य को दर्शा सकती है और यहां तक कि आपकी जैविक आयु का भी संकेत दे सकती है.

हार्वर्ड के जाने-माने जेनेटिसिस्ट डॉ. डेविड सिंक्लेयर, जो एजिंग पर रिसर्च कर रहे हैं, बताते हैं कि 30 साल की उम्र के बाद अगर नाखून तेजी से बढ़ते हैं और उन्हें बार-बार ट्रिम करने की जरूरत पड़ती है, तो इसका मतलब है कि आपके अंग दिल, लिवर, किडनी, फेफड़े और स्किन ठीक से काम कर रहे हैं. दूसरी ओर, नाखूनों का धीरे-धीरे बढ़ना अंदरूनी एजिंग का संकेत हो सकता है.
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यह कोई अंदाजा नहीं है. 1979 से सैकड़ों लोगों पर हुई स्टडीज में पाया गया कि 30 साल की उम्र के बाद, नाखूनों की ग्रोथ हर हफ्ते लगभग 0.5% धीमी हो जाती है. 30 साल की उम्र तक नाखून तेज़ी से बढ़ते हैं, फिर उम्र के साथ स्वाभाविक रूप से धीमे हो जाते हैं. इस उम्र के बाद तेजी से बढ़ना एक अच्छा हेल्थ सिग्नल हो सकता है.

डॉ. सिंक्लेयर इसे कैसे ट्रैक करते हैं- डॉ. सिंक्लेयर लंबी उम्र का अंदाजा लगाते समय अपने नाखूनों पर खास ध्यान देते हैं. वह देखते हैं कि वह कितनी बार अपने नाखून काटते हैं और दो बार नाखून काटने के बीच के गैप पर नजर रखते हैं. कम गैप अच्छे ऑर्गन हेल्थ और धीमी अंदरूनी एजिंग का संकेत देता है.

नाखूनों की वृद्धि को प्रभावित करने वाले कारक: उम्र बढ़ने के साथ-साथ रक्त संचार धीमा हो जाता है, जिससे नाखूनों तक पोषक तत्वों की पहुंच कम हो जाती है. पोषण, हार्मोन और जीवनशैली की आदतें भी वृद्धि को प्रभावित करती हैं. किशोरावस्था या गर्भावस्था के दौरान तीव्र वृद्धि शरीर की उच्च पोषक तत्वों की आवश्यकता को दर्शाती है.

नाखून सिर्फ उम्र ही नहीं बताते; वे संभावित कमियों या बीमारियों का संकेत भी दे सकते हैं. जवान लोगों में गहरे निशान या धब्बे जिंक, आयरन, कैल्शियम या विटामिन A की कमी की ओर इशारा कर सकते हैं. एक्सपर्ट्स सेहत को समझने के लिए नाखूनों को देखने पर जोर देते हैं, लेकिन मेडिकल दिक्कतों के लिए हमेशा प्रोफेशनल से सलाह लें.
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