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Zakir Khan genetic disease | जाकिर खान की जेनेटिक बीमारी


Comedian Zakir Health: मशहूर स्टैंडअप कॉमेडियन जाकिर खान ने घोषणा की है कि वह अब अपने काम से कुछ सालों के लिए ब्रेक ले रहे हैं. उन्होंने बताया कि लंबे समय से लगातार काम करने के दबाव ने उनके शरीर को काफी नुकसान पहुंचाया है. दूसरी पारिवारिक जीन के कारण यह परेशानी और बढ़ गई है कि इसमें परिवार के सदस्यों को एक उम्र के बाद यह परेशानी होती ही है. हालांकि यह जेनेटिक बीमारी जानलेवा नहीं है लेकिन इससे काफी शारीरिक परेशानियां होती ही है. इसमें बर्नआउट सबसे बड़ी परेशानी है. इसके साथ ही लगातार नींद की कमी और लगातार काम ने शरीर को तोड़ दिया है. इसी वजह से उन्होंने अपनी आगामी प्रोजेक्ट पापा यार के बाद लंबा ब्रेक लेने की घोषणा की है. ऐसे में यह सवाल उठता है कि उनके परिवार में वो कौन सी जेनेटिक बीमारी है जिनकी वजह से उन्हें बर्नआउट हो रहा है.

क्या होता है बर्न आउट
पहले यह जानते हैं बर्नआउट का मतलब क्या है. दरअसल, जब शरीर और दिमाग लंबे समय तक लगातार काम और तनाव की वजह से थक जाए, आराम न मिले और नींद पूरी न हो तो उसे बर्न आउट कहा जाता है. इसमें शरीर के काम करने की क्षमता में भारी कमी हो जाती है. मतलब क्षमता के हिसाब से इंसान काम नहीं कर पाता है. मेडिकल साइंस में बर्नआउट को क्रोनिक स्ट्रेस सिंड्रोम कहा जाता है. जाकिर खान ने इसी बर्न आउट का जिक्र किया है जो जीन में गड़बड़ियों की वजह से होता है. उन्होंने कहा कि मैंने खुद अपने शरीर को नुकसान पहुंचाया है. जाकिर खान ने कहा है कि मेरे परिवार में जेनेटिक बीमारियां हैं. इसलिए डॉक्टरों ने शुरुआती दौर में लाइफस्टाइल बदलने की सलाह दी है. अगर ऐसा नहीं करूंगा तो बेहद दिक्कत होगी.

क्या है परेशानी
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में ज़ाकिर खान ने कहा कि इसलिए अब मैं ब्रेक ले रहा हूं. यह तीन, चार या पांच साल का ब्रेक हो सकता है. इससे मैं अपनी सेहत का ध्यान रख सकूंगा और कुछ दूसरी चीज़ों को भी ठीक कर सकूंगा. आज यहां मौजूद हर व्यक्ति मेरे दिल के बहुत करीब है. आपकी मौजूदगी मेरे लिए आपकी कल्पना से कहीं ज़्यादा मायने रखती है और मैं आप सभी का हमेशा आभारी रहूंगा. ग़ल्फ न्यूज़ को दिए गए एक इंटरव्यू में ज़ाकिर ने कहा, मुझे अपनी सेहत का ध्यान रखना होगा. मेरे परिवार में कुछ ऐसी जेनेटिक बीमारियां हैं, जो एक खास उम्र के बाद सामने आती हैं. इसके अलावा मैंने खुद भी अपने शरीर को नुकसान पहुंचाया है. सिर्फ़ दो घंटे सोकर फिर हज़ारों लोगों से मिलने निकल पड़ता था. क्योंकि जैसे ही आप किसी शहर में उतरते हैं, तुरंत लोगों से मिलना शुरू हो जाता है. ज़ाकिर ने यह भी बताया कि अपने परिवार में बड़े स्तर पर सफलता पाने वाले पहले व्यक्ति होने का दबाव उन पर लगातार बना रहा. इसी वजह से उन्होंने लगभग एक दशक तक हर चीज़ से ऊपर काम को प्राथमिकता दी ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए कुछ रास्ते तैयार कर सकें. जब आप लगातार दस साल तक एक्सेलेरेटर पर पैर रखे रहते हैं, तो शरीर को नुकसान होना तय है. शुरू में मुझे लगा था कि मैं काम के साथ-साथ सेहत भी संभाल लूंगा. लेकिन पिछले साल जब हम अमेरिका में थे तब मुझे एहसास हुआ कि दोनों काम एक साथ करना संभव नहीं है. तभी मैंने यह फैसला लिया.

लंबे समय तक नजरअंदाज करना खतरनाक
एलीट केयर क्लिनिक के कंसल्टेंट फिज़िशियन डॉ. पल्लीटी शिवा कार्तिक रेड्डी ने एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि जब आप जवान रहते हैं तो शुरुआती वर्षों में शरीर खुद को काफ़ी हद तक संभाल लेता है, जिससे यह भ्रम पैदा होता है कि कम सोकर भी आप सामान्य रूप से बेहतर काम कर सकता है. लेकिन लंबे समय तक नींद की कमी और लगातार बना रहने वाला तनाव धीरे-धीरे हार्मोनल संतुलन, इम्यून सिस्टम, मेटाबॉलिज़्म और हार्ट हेल्थ को नुकसान पहुंचाने लगता है. इससे लगातार थकान, शरीर में सूजन, इंसुलिन रेजिस्टेंस, कमजोर इम्यून सिस्टम, पेट से जुड़ी समस्याएं और एंग्जायटी, डिप्रेशन व हार्ट डिजीज खतरा बढ़ जाता है. लोग जिसे अचानक हुआ बर्नआउट या बीमारी समझते हैं, वह अक्सर किसी एक पल की नाकामी नहीं, बल्कि सालों तक शरीर पर पड़े अत्यधिक शारीरिक दबाव का जमा हुआ असर होता है.

लाइफस्टाइल बदलना क्यों जरूरी
जिन लोगों के परिवार में एक समय के बाद यह परेशानी होती है उन्हें लाइफस्टाइल को अनुकूल बनाना बहुत जरूरी है. डॉ. रेड्डी के मुताबिक यह इस बात को तय करती है कि जीन से जुड़ी बीमारियां जल्दी सक्रिय होंगी या लंबे समय तक दबी रहेंगी. डॉ. रेड्डी कहती हैं कि नियमित नींद, तनाव को नियंत्रित करना, संतुलित आहार और समय-समय पर प्रिवेंटिव हेल्थ स्क्रीनिंग जैसे शुरुआती कदम बीमारियों के उभरने को काफी हद तक टाल सकते हैं या उनके असर को कम कर सकते हैं. लेकिन अगर आराम के बावजूद लगातार थकान, बिना वजह दर्द, पाचन संबंधी परेशानी, मूड में बदलाव, सामान्य बीमारियों से उबरने में ज़्यादा समय लगता है या हर समय खुद को बोझिल या तनावग्रस्त महसूस करते हैं तो आपको सचेत होने की जरूरत है. ऐसे में तुरंत मेडिकल हस्तक्षेप की जरूरत होती है.


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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-what-is-the-genetic-disease-in-comedian-zakir-khan-family-doctor-explain-burnout-symptoms-10123526.html

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