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अजमेर आएं तो इन पांच जगहों पर घूमना बिल्कुल न भूलें, इतिहास जानने वालों के लिए यहां देखने को बहुत कुछ है


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अजमेर फेमस पर्यटन स्थल: अजमेर भारत का प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक शहर है, जहां ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह, पुष्कर तीर्थ, अना सागर झील, तारागढ़ किला और सोनीजी की नसियां जैसे प्रसिद्ध स्थल हैं. अना सागर झील की सुंदरता और शांत वातावरण इसे अजमेर का प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाते हैं. यह शहर हिंदू-मुस्लिम दोनों धर्मों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. यहां सालोभर घूमने के लिए आ सकते हैं.

अजमेर. भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में अजमेर का नाम जरूर आता है. हिंदू और मुस्लिम दोनों धर्म के लिए अजमेर बहुत ही महत्वपूर्ण जगह है. यहां पुष्कर में तीर्थ स्थल है तो अजमेर शहर में संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह है. इसी कारण अजमेर राजस्थान का एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर वाला शहर है. यहां कई धार्मिक और पर्यटन स्थल हैं. अजमेर में घूमने लायक कई जगहें हैं. आज हम आपको पांच बेहतरीन जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां आप परिवार के साथ घूमने जा सकते हैं.

अजमेर शरीफ दरगाह काफर फेमस है. सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की यह दरगाह न केवल भारत बल्कि दुनिया भर के मुसलमानों के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है. यहां हर धर्म के लोग आकर दर्शन करते हैं. प्रमुख रूप से यहां चादर चढ़ाई जाती है. चादर आध्यात्मिक महत्व यह है कि सूफी बुजुर्ग की मजार की जियारत करने के लिए आने वाला अकीदतमंद बतौर तोहफा फूल, चादर और शीरनी (मिठाई) लेकर आता है. यह सूफी बुजुर्ग के लिए तोहफा है. इससे सूफी संत खुश होते हैं. जब संत खुश होता है तो जिस मकसद को लेकर अकीदतमंद आता है.

मन मोह लेगा अजमेर का कृत्रिम अना सागर झील

अजमेर स्थित अना सागर झील खूबसूरत कृत्रिम झील है. इसके किनारे सुंदर बगीचे और शांत वातावरण होने के कारण यह एक प्रमुख पर्यटन स्थल है. यह झील अजमेर में उदयपुर का आनंद देता है. आनासागर झील का निर्माण 12वीं शताब्दी में चौहान राजा अर्णोराज (अनाजी) ने करवाया था. इस झील का नाम राजा अनाजी के नाम पर ही रखा गया है. झील का निर्माण वर्षा के पानी को संग्रहित करने और अजमेर शहर की जल आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से किया गया था. इसके अलावा अढ़ाई दिन का झोपड़ा भी एक ऐतिहासिक मस्जिद है, जिसे कुतुबुद्दीन ऐबक ने बनवाया था. इसकी अद्वितीय वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व इसे खास बनाते हैं. अढ़ाई दिन का झोंपड़ा’ 1192 ईस्वी में अफगानी सेनापति मोहम्मद गोरी के कहने पर कुतुबुद्दीन ऐबक ने बनवाया था.

अजमेर का पहरेदार कहताला है यह किला

तारागढ़ किला किला अरावली पर्वत पर स्थित है और इसे अजमेर का पहरेदार कहा जाता है. यहां से अजमेर शहर और अना सागर झील का अद्भुत नजारा देखा जा सकता है. अजमेर स्थित तारागढ़ किला सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों में से एक है, जहां हर महीने हजारों पर्यटक आते है. इस जगह को पहले अजयमेरु दुर्ग कहा जाता था. सोनीजी की नसियां एक जैन मंदिर है जो अपने सोने से सज्जित मंडप और बेहतरीन वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है. इसे लाल मंदिर भी कहा जाता है और यहां भगवान आदिनाथ की मूर्ति स्थापित है. अजमेर का जैन मंदिर राजस्थान के अजमेर नगर में स्थित स्‍थापत्‍य कला की दृष्टि से एक भव्य जैन मंदिर है. इसका निर्माण 19 वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में हुआ. इसके मुख्य कक्ष को ‘स्वर्ण नगरी’ कहा जाता है.

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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से Bharat.one हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से Bharat.one हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट… और पढ़ें

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