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क्या आपने देखी है हैदराबाद की ये अनदेखी जगहें? छिपा है इतिहास का खजाना, घूमने के लिए है परफेक्ट डेस्टिनेशन

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Hyderabad Best Tourist Spot: हैदराबाद सिर्फ चारमीनार और रामोजी फिल्म सिटी तक सीमित नहीं है. यहां कुछ ऐसी छुपी हुई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरें भी हैं जो शहर की रूह से जुड़ी हैं. रेमंड का मकबरा, टोली मस्जिद, नया किला, ब्रिटिश रेजीडेंसी और जेम्स स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जैसी जगहें हैदराबाद की अनकही कहानियां सुनाती हैं. परिवार के साथ एक शांत और ज्ञानवर्धक यात्रा के लिए ये स्पॉट बिल्कुल परफेक्ट है.

हैदराबाद में चारमीनार, गोलकुंडा किला और रामोजी फिल्म सिटी जैसी मशहूर जगहों के अलावा भी कई ऐसी जगहें हैं जो कम ही लोग जानते हैं। ये जगहें शहर के इतिहास और संस्कृति की खास झलक दिखाती हैं, लेकिन पर्यटकों की नजरों से दूर रह जाती हैं ऐसी ही 5 छुपी हुई जगह

हैदराबाद में चारमीनार, गोलकुंडा किला और रामोजी फिल्म सिटी जैसी मशहूर जगहों के अलावा भी कई ऐसी जगहें हैं, जो कम ही लोग जानते हैं. ये जगहें शहर के इतिहास और संस्कृति की खास झलक दिखाती हैं, लेकिन पर्यटकों की नजरों से दूर रह जाती हैं. आज हम आपको ऐसी ही 5 छुपी हुई जगहों के बारे में बताएंगे जहां आप परिवार के साथ घूमने का मजा ले सकते हैं.

रेमंड का मकबरा (मालकपेट) यह मकबरा एक फ्रांसीसी जनरल मिशेल रेमंड का है, जो निज़ाम के सेना में काम करते थे। उन्हें लोग मूसा राम या मूसा रहीम कहकर पूजते थे। काले पत्थर से बना यह मकबरा मालकपेट की एक पहाड़ी पर स्थित है और हैदराबाद के इतिहास का एक अनोखा हिस्सा है।

रेमंड का मकबरा एक फ्रांसीसी जनरल मिशेल रेमंड का है, जो निज़ाम के सेना में काम करते थे. उन्हें लोग मूसा राम या मूसा रहीम कहकर पूजते थे. काले पत्थर से बना यह मकबरा मालकपेट की एक पहाड़ी पर स्थित है और हैदराबाद के इतिहास का एक अनोखा हिस्सा है.

टोली मस्जिद (कारवां) 1671 में बनी यह मस्जिद कुतुब शाही वास्तुकला का बेहतरीन नमूना है। इसकी मीनारें, नक्काशीदार दीवारें और हाथी के आकार के छज्जे इसे खास बनाते हैं। लेकिन यह मस्जिद एक शांत इलाके में होने की वजह से कम ही लोगों को पता है।

1671 में बनी टोली मस्जिद (कारवां) कुतुबशाही वास्तुकला का बेहतरीन नमूना है. इसकी मीनारें, नक्काशीदार दीवारें और हाथी के आकार के छज्जे इसे खास बनाते हैं. लेकिन, यह मस्जिद एक शांत इलाके में होने की वजह से कम ही लोगों को पता है.

गोलकुंडा किले का नया किला गोलकुंडा किले के पास ही एक और किला है, जिसे

गोलकुंडा किले के पास ही एक और किला है, जिसे “नया किला” कहा जाता है. इसे मुगल बादशाह शाहजहां के समय में बनाया गया था. यहां मजनू-लैला गढ़, मुस्तफा खान मस्जिद और एक 400 साल पुराना बाओबाब का पेड़ देखने लायक है. यह जगह कम ही लोग देखने जाते हैं.

ब्रिटिश रेजीडेंसी (कोटी) यह भव्य इमारत 1805 में बनी थी और यहाँ ब्रिटिश अधिकारी रहते थे। इसकी बड़ी सीढ़ियाँ, यूरोपियन डिज़ाइन और बड़े शेरों की मूर्तियाँ इसे खास बनाती हैं। कई सालों तक उपेक्षित रहने के बाद अब इसे संरक्षित किया गया है और 2022 से यह जनता के लिए खुला है।

ब्रिटिश रेजीडेंसी (कोटी) भी अपने आप में बेहद खास पर्यटक स्थल है.  यह भव्य इमारत 1805 में बनी थी और यहां ब्रिटिश अधिकारी रहते थे. इसकी बड़ी-बड़ी सीढ़ियां, यूरोपियन डिज़ाइन और बड़े शेरों की मूर्तियां इसे खास बनाती है. कई सालों तक उपेक्षित रहने के बाद अब इसे संरक्षित किया गया है और 2022 से यह जनता के लिए खुला है.

जेम्स स्ट्रीट पुलिस स्टेशन (सिकंदराबाद) यह पुलिस स्टेशन 1867 में बना था और आज भी इस्तेमाल होता है। यह हैदराबाद की सबसे पुरानी ब्रिटिश इमारतों में से एक है। सिकंदराबाद क्लॉक टॉवर के पास होने के बावजूद, कम ही लोग इसकी खूबसूरती को नोटिस करते हैं।

जेम्स स्ट्रीट पुलिस स्टेशन (सिकंदराबाद) 1867 में बना था और आज भी इस्तेमाल होता है. यह हैदराबाद की सबसे पुरानी ब्रिटिश इमारतों में से एक है. सिकंदराबाद क्लॉक टॉवर के पास होने के बावजूद, कम ही लोग इसकी खूबसूरती को नोटिस करते हैं.

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पर्यटकों की नजरों से दूर है हैदाराबाद की ये जगहें, घूमने के लिए है बेस्ट स्पॉट


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