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Kopra Reservoir Bilaspur: बिलासपुर का कोपरा जलाशय छत्तीसगढ़ का पहला रामसर साइट घोषित किया गया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया. इससे जैवविविधता और जल-संरक्षण को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है. रामसर दर्जा मिलने से इको-टूरिज्म और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा.

बिलासपुर जिले का कोपरा जलाशय छत्तीसगढ़ का पहला रामसर साइट घोषित किया गया है. इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद पूरे प्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल है. रामसर दर्जा उन आर्द्रभूमियों को दिया जाता है जो जैवविविधता, जल संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन की दृष्टि से वैश्विक स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं.

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि कोपरा जलाशय की विशिष्ट पारिस्थितिकी, समृद्ध जल परितंत्र और स्थानीय व प्रवासी पक्षियों की विविधता ने इसे रामसर मान्यता दिलाने में अहम भूमिका निभाई है. यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है.

बिलासपुर का कोपरा जलाशय छत्तीसगढ़ का पहला रामसर साइट घोषित किया गया है, जिसे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया. उन्होंने कहा कि इससे राज्य की जैवविविधता और जल-संरक्षण को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है. सीएम ने वेटलैंड प्राधिकरण और स्थानीय समुदाय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि रामसर दर्जा इको-टूरिज्म और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देगा तथा इस प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण में सभी की भागीदारी जरूरी है.
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कोपरा जलाशय प्रवासी पक्षियों के लिए एक आदर्श बसेरा है. हर साल सर्दियों में देश-विदेश से हजारों पक्षी यहां आते हैं. उनकी चहचहाहट और रंग-बिरंगी छटा जलाशय के शांत वातावरण को और भी मनमोहक बना देती है. पर्याप्त भोजन, सुरक्षित आवास और अनुकूल वातावरण के कारण कई दुर्लभ प्रजातियां भी यहां देखने को मिलती हैं.

यह जलाशय राजधानी रायपुर से लगभग 115 किलोमीटर और बिलासपुर शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर सकरी गांव में स्थित है. वन विभाग द्वारा यहां पक्षी संरक्षण और जागरूकता के लिए पक्षी महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें पक्षी प्रेमियों, स्थानीय युवाओं और पर्यटकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली.

पक्षी महोत्सव और बढ़ते पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है. स्थानीय युवाओं को गाइड के रूप में रोजगार मिल रहा है, वहीं हस्तशिल्प और स्थानीय व्यंजनों को नई पहचान मिल रही है. प्राकृतिक सुंदरता, जैवविविधता और संरक्षण प्रयासों के कारण कोपरा जलाशय आज बिलासपुर का गौरव बन चुका है और आने वाले वर्षों में यह पर्यटन व पर्यावरण संरक्षण का बड़ा केंद्र बनने की ओर अग्रसर है.
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https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/travel-kopra-reservoir-becomes-chhattisgarhs-first-ramsar-site-giving-bilaspur-a-historical-identity-115-kilometers-from-raipur-local18-9958278.html







