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ये है जयपुर का हाथियों वाला गांव, न्यू ईयर पर आए हैं घूमने तो जरूर करें एक्सप्लोर, दिल खुशी से हो जाएगा बाग-बाग

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Elephant Village of Jaipur: आमेर स्थित हाथी गांव राजस्थान और भारत का पहला हाथी गांव है, जो पर्यटकों के लिए शाही सवारी और मनोरंजन का प्रमुख केंद्र है. यहां140 बीघा में 20 ब्लॉकों में हाथी और हथनियों का परिवार रहता है. पर्यटक हाथियों पर बैठकर पूरे गांव की सवारी कर सकते हैं, उन्हें नहला सकते हैं, खिलाकर फोटोग्राफी कर सकते हैं. हथनियां शाही गहनों में VIP मेहमानों का स्वागत करती हैं. हर साल विश्व हाथी दिवस पर भव्य फैशन शो आयोजित होता है. महावत हाथियों की देखभाल करते हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिलता है.

भारत का सबसे सुंदर हाथी गांव हैं जयपुर का हाथी गांव

जयपुर के आमेर में स्थित हाथी गांव भारत और राजस्थान का पहला हाथी गांव है, जहां पर्यटक हाथियों की सवारी करने के लिए सबसे ज्यादा पहुंचते हैं. हाथी गांव आमेर किले के पास स्थित 140 बीघा में फैला अनोखा गांव हैं जिसे 20 ब्लॉक में बांटा गया हैं, जहां 1 हाथी और 75 हथनियों का परिवार एकसाथ रहता है. हाथी गांव में हाथियों के लिए विशाल जंगल, एक कृत्रिम तालाब, रहने के लिए अलग-अलग कमरे बने हैं, जहां हाथियों के साथ महावत रहते हैं जो उनका पालन-पोषण करते हैं.

हाथी गांव में अपने नाम और सवारी के लिए फेमस हैं यहां की हथनियां

हाथी गांव में रहने वाले हाथी और हथनियों की सबसे खास बात यह है कि इन्हें अलग-अलग नाम से जाना जाता है. जैसे हाथी गांव में स्थित एकमात्र हाथी जिसका नाम बाबू है और चंदा, पुष्षा, हेमा, लक्ष्मी, जोनाली जैसे नाम हथनियों के हैं. जिससे उनकी पहचान और भी खास बन जाती है. हाथी गांव में हाथियों के साथ पीढ़ी दर पीढ़ी महावत और उनके परिवार के लोग हाथियों के साथ रहते आ रहे हैं, जो करीब 350 साल पहले कछवाहा राजवंश के राजा महाराजाओं के लिए महावतों का काम करते थे.  वह हाथियों की देखभाल से लेकर हाथियों को हर प्रकार की ट्रेनिंग देते थे. उसी काम को आज भी महावत पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ा रहें हैं.

हाथी गांव में सवारी के पर्यटकों को मिलता हैं भरपूर मनोरंजन

आमेआमेर स्थित हाथी गांव पर्यटकों के लिए शाही सवारी और मनोरंजन का खास केंद्र माना जाता है. यहां पर्यटक हाथियों की सवारी कर सकते हैं और उनके साथ खेलते हुए यादगार पल बिता सकते हैं. हाथी गांव में पर्यटक हाथियों को नहला सकते हैं, उन्हें खाना खिला सकते हैं और उनके साथ फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी भी कर सकते हैं. हाथी पर बैठकर पूरे गांव की सवारी करना पर्यटकों के लिए सबसे खास अनुभव होता है. हाथी गांव में हाथियों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं मौजूद हैं. हर हाथी पर प्रतिदिन 3 से 4 हजार रुपये तक खर्च किया जाता है.

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हाथी गांव में दुनियाभर की दिग्गज हस्तियां कर चुकी हैं सवारी

आमेर स्थित हाथी गांव के हाथी और हथनियां न केवल पर्यटकों बल्कि दुनियाभर की नामचीन हस्तियों के लिए भी खास आकर्षण रहे हैं. यहां के हाथियों ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस सहित कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों का शाही अंदाज में स्वागत किया है. हाथी गांव में बॉलीवुड अभिनेता विद्युत जामवाल, क्रिकेटर यूसुफ पठान, रिक्की पोंटिंग और सूफी सिंगर फरहान साबरी जैसी कई बड़ी हस्तियां एलिफेंट राइडिंग कर चुकी हैं. सालभर यहां सेलिब्रिटीज का आना लगा रहता है.

लाखों के गहने पहनते हैं यहां हाथी और हथनियां

हाथी गांव में स्थित हथनियां अपने भव्य और शाही स्वागत के लिए सबसे ज्यादा फेमस हैं. ये हथनियां राजा-महाराजाओं के दौर के सोने-चांदी के भारी गहने पहनकर VIP मेहमानों का स्वागत करती हैं. इनमें वजनी कंठा हार, 1.3 किलो की चांदी की पाजेब, 22 किलो का शाही हौदा, माथे पर 2 किलो की सिरी और 1.3 किलो वजनी पूंछ की दुमची शामिल है. हथिनी हेमा, पुष्पा और चंदा सबसे प्रसिद्ध हैं. हाल ही में इन्होंने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का भी शाही स्वागत किया.

हर साल होता हैं हाथी गांव में भव्य कार्यक्रम का आयोजन

हाथी गांव में हर साल विश्व हाथी दिवस पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. इस मौके पर हाथी और हथनियों का अनोखा फैशन शो पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बनता है. विश्व हाथी दिवस पर हाथी गांव में हाथी और हथनियां लाखों रुपये के गहने पहनकर रेड कार्पेट पर रैंप वॉक करते हैं. बिल्कुल बॉलीवुड फैशन शो की तरह यहां हाथी बारी-बारी से शाही अंदाज में वॉक करते हैं. यह नजारा देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं.

हाथी गांव से जुड़ा हैं हजारों लोगों का रोजगार

आपको बता दें कि फिल्म हाथी मेरे साथी की तरह आमेर स्थित हाथी गांव में 100 से अधिक महावत इन हाथियों की देखभाल करते हैं और इन्हीं के जरिए अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं. हाथी गांव से महावत हर दिन हाथियों को आमेर फोर्ट पर एलिफेंट राइडिंग के लिए लेकर पहुंचते हैं. यहां दो व्यक्तियों की सवारी के बदले महावत करीब 1500 रुपये लेते हैं. हाथी गांव में महावत और उनके परिवार भी रहते हैं. जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलता है.

हाथी गांव में हाथियों के लिए हैं तमाम सुविधाएं

हाथी गांव में हाथियों के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध हैं. उनके रहने के लिए बड़े और अलग-अलग कमरे हैं. हर दिन हाथियों को तालाब में नहलाया जाता हैं. भोजन में गन्ना, ज्वार, बाजरा, केले और मतीरे जैसी चीजें दी जाती हैं. स्वास्थ्य की देखभाल के लिए गांव में एक हॉस्पिटल भी है, जहां हमेशा मेडिकल टीम मौजूद रहती हैं. हाथियों को पर्यटकों के साथ घुल-मिलने की ट्रेनिंग भी दी जाती हैं, जिसे महावत संभालते हैं. इन सुविधाओं से हाथी स्वस्थ, खुश और प्रशिक्षित रहते हैं.

हाथी गांव देखने के लिए इतना लगता हैं टिकट

हाथी गांव में हाथी देखने के लिए शुल्क लगता हैं. भारतीय नागरिकों के लिए यह 50 रूपये और विदेशी पर्यटकों के लिए 400 रूपये हैं. अगर पर्यटक हाथी पर बैठकर एलिफेंट राइडिंग का आनंद लेना चाहते हैं, तो इसके लिए 1,500 रूपये का शुल्क लिया जाता हैं. इसमें सैलानी को हाथी पर बैठाकर पूरे हाथी गांव का चक्कर लगवाया जाता हैं. सर्दियों के सीजन में राइडिंग सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहती हैं. पर्यटक इस दौरान हाथियों के साथ अनोखा अनुभव प्राप्त कर सकते हैं.

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