Home Travel रोहतास पर्यटन विकास योजना से रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा.

रोहतास पर्यटन विकास योजना से रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा.

0
4


रोहतास : बिहार में रोहतास जिले में पर्यटन उद्योग को नई दिशा देने की बड़ी तैयारी शुरू हो गई है. उद्योग विभाग ने पर्यटन विकास का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है, जिसके मंजूर होते ही जिले की पहचान और अर्थव्यवस्था दोनों को नई मजबूती मिल सकती है. पर्यटन को एक ऐसा उद्योग माना जाता है, जिसमें रोजगार और विकास की अपार संभावनाएं हैं और रोहतास की ऐतिहासिक व प्राकृतिक धरोहरें इस बदलाव का बड़ा आधार बन रही हैं.

इस प्रस्ताव के अनुसार रोहतासगढ़ किला, शेरशाह का मकबरा, इंद्रपुरी बराज, तुतला भवानी, गुप्ताधाम, दुर्गावती जलाशय, ताराचंडी धाम, सम्राट अशोक का लघु शिलालेख, पायलट बाबा धाम और मांझर कुंड सहित लगभग डेढ़ दर्जन स्थलों को आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा. इन स्थानों पर आधुनिक सुविधाओं के साथ पर्यटन से जुड़े कार्यों को बढ़ाने की योजना है. ताकि जिले में आने वाले पर्यटकों को बिना किसी परेशानी के बेहतर अनुभव मिल सके.

पर्यटन स्थल पर होंगी ये सुविधाएं

वहीं, प्रशासन की रिपोर्ट में स्टे होम, होटल, रेस्टोरेंट, गाइड सर्विस, पार्किंग एरिया और ट्रैवल सुविधाएं विकसित करने पर खास जोर दिया गया है. इससे जहां पर्यटकों को आधुनिक सुविधा मिलेगी. वहीं, स्थानीय लोगों खासकर युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर बनेंगे. होम स्टे चलाने, स्थानीय खान-पान उपलब्ध कराने और गाइड सेवाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को भी सीधा लाभ मिलेगा.

गोरिया गांव के पास कैमूर पहाड़ी क्षेत्र में वन विभाग द्वारा स्टे होम बनाने की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है. इसके लिए राशि भी आवंटित कर दी गई है. इसके बन जाने से क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों के लिए रहने की सुविधा और बेहतर हो जाएगी. इस कदम से स्थानीय लोगों को भी रोजगार का नया रास्ता खुलेगा.

100 पर्यटन स्थल होंगे विकसित

यहां केंद्र सरकार ने तीन वर्ष पहले ही नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सासाराम को देश के 100 पर्यटन शहरों में शामिल किया था. साथ ही स्वदेश दर्शन योजना के तहत शेरशाह का मकबरा और रोहतासगढ़ किला विकसित किए जा रहे हैं. दुर्गावती जलाशय में बोट हाउस जैसी सुविधा पहले ही शुरू की जा चुकी है. वहीं, इंद्रपुरी बराज के पास पर्यटन हाट बनाने की मंजूरी भी मिल चुकी है. तुतला भवानी धाम को ईको-टूरिज्म के रूप में विकसित करने का काम चल रहा है, जिससे प्राकृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.

रोजगार के बढ़ेंगे अवसर

जिले की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक दुर्गावती जलाशय को डग झील की तर्ज पर विकसित करने का प्लान है. इस मॉडल पर विकसित होने के बाद यहां बड़े पैमाने पर होटल, रेस्टोरेंट और मनोरंजन सुविधाएं स्थापित होंगी जिससे स्थानीय रोजगार में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है.

इसके अलावा हसन खां सूरी का मकबरा, अमर शहीद बाबू निशान सिंह का बलिदान स्थल, अलावल खां और सलीम शाह के मकबरे, चाचा फगुमल गुरुद्वारा, भलुनी का यक्षिणी धाम, गुप्ताधाम, चौयसन का गणेश मंदिर और मांझर कुंड को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना प्रशासन ने तैयार की है.


.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.

https://hindi.news18.com/news/lifestyle/travel-bihar-rohtas-tourism-spot-development-boosts-employment-and-economy-local18-ws-kl-9889757.html

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here