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Indian Visiting in European Country: जीवन में एक बार यूरोप घूमने की इच्छा सबकी होती है. मगर, कभी वीजा, तो कभी पैसों की कमी से लोग जा नहीं पाते हैं. लेकिन, एक यूरोपीय देश ऐसा भी है, जिसके आसान वीजा नियम, ठहरने के सस्ते व्यवस्था और किफायती फ्लाइट फेयर की वजह से भारतीय इस देश में जाना पसंद करते हैं.
Indian Visiting in European Country: हर भारतीय का सपना होता है कि यूरोप की यात्रा करे. नब्बे के दशक में यश चोपड़ा की फिल्मों के बाद से भारतीयों में हिंदी फिल्मों का क्रेज खूब बढ़ा, जो आज भी कायम है. स्विट्जरलैंड की शानदार वादियां हो या फिर पेरिस की गलियां और इटली का खाना अक्सर हमारी ‘बकेट लिस्ट’ में सबसे ऊपर होते हैं. लेकिन, हकीकत सामने आती है तो दिमाग भी हिल जाता है. दरअसल, टिकट तो महंगे होते ही है, शेन्जेन वीजा (Schengen Visa) के लिए लंबी कतारें लगी होती हैं. वहीं, रिजेक्शन का डर रहता है. साथ ही आने जाने का लाखों का खर्चा से तो यह सपना कई बार सपना ही रह जाता है. शेंगेन वीजा (Schengen Visa) शॉर्ट-स्टे वीजा है, जो गैर-यूरोपीय संघ (EU) के नागरिकों को शेंगेन क्षेत्र (Schengen Area) में शामिल 29 देशों में बेरोकटोक घूमने की अनुमति देता है.
मगर, अब ट्रेंड बदल रहा है. भारतीय टूरिस्ट अब उन देशों की तलाश में हैं जो उन्हें ‘यूरोपीय अनुभव’ तो दें, लेकिन बिना किसी भारी भरकम खर्च और वीजा के झंझट के। इसी तलाश का नतीजा है कि दक्षिण-पूर्वी यूरोप का एक छोटा सा देश, अल्बानिया (Albania), अचानक भारतीय टूरिस्टों का नया पसंदीदा डेस्टिनेशन बन गया है.
शेंगेन की जरूरत नहीं
अल्बानिया की सबसे बड़ी खासियत इसकी वीजा प्रक्रिया है. अधिकांश यूरोपीय देशों के विपरीत, भारतीय नागरिकों को यहां जाने के लिए मुश्किल शेंगेन वीजा की आवश्यकता नहीं है. अल्बानिया भारतीयों को ई-वीजा (e-visa) की सुविधा देता है. टूरिस्टों के अनुभवों के अनुसार, यह प्रक्रिया बेहद आसान और सीधी है. आपको दूतावासों के चक्कर काटने या महीनों तक अपॉइंटमेंट का इंतजार करने की जरूरत नहीं है. घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करें और यूरोप जाने का टिकट कटाएं. यही कारण है कि जहां पेरिस और रोम जाने के लिए लोग महीनों पहले प्लानिंग करते हैं, वहीं अल्बानिया एक त्वरित और तनावमुक्त विकल्प बनकर उभरा है.
ग्रीस जैसा मजा, आधे दाम में
अल्बानिया को अक्सर गरीबों का ग्रीस या किफायती यूरोप कहा जाता है, लेकिन इसकी सुंदरता में कोई कमी नहीं है. यहां के समुद्र तट, आईओनियन सागर (Ionian Sea) का नीला पानी और ऐतिहासिक इमारतें आपको बिल्कुल ग्रीस जैसा अहसास कराती हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि यहां आपकी जेब पर बोझ नहीं पड़ता.
हालिया ट्रेवल रिपोर्ट्स और टूरिस्टों के अनुभवों से जानने की कोशिश करते हैं-
- रुकने का खर्च: अल्बानिया में अच्छे होटल और एयरबीएनबी (Airbnb) मात्र ₹2,000 से ₹3,000 प्रति रात में मिल जाते हैं. कुछ जगहों पर तो यह कीमत ₹700 तक भी कम हो सकती है.
- खाना और घूमना: यहां खाने-पीने और लोकल ट्रांसपोर्ट का खर्च भी प्रतिदिन ₹2,000 से ₹3,000 के आसपास रहता है, जो पश्चिमी यूरोप के मुकाबले बेहद कम है.
- फ्लाइट का खर्च: भारत से आने-जाने की फ्लाइट का खर्च भी अन्य यूरोपीय देशों की तुलना में कम है. अगर आप थोड़ा समय लगाकर कनेक्टिंग फ्लाइट्स और सेल्फ-ट्रांसफर के विकल्प चुनते हैं, तो दिल्ली से तिराना (अल्बानिया की राजधानी) का रिटर्न टिकट ₹20,000 से ₹25,000 के बीच मिल सकता है. वहीं, एक आरामदायक यात्रा के लिए यह खर्च ₹50,000 से ₹60,000 के बीच होता है, जो कि फिर भी लंदन या पेरिस की फ्लाइट्स से सस्ता है.
क्या कहते हैं आंकड़े?
अल्बानिया के पर्यटन विभाग और ‘अल्बानियन टाइम्स’ द्वारा साझा किए गए आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है. साल 2025 के पहले चार महीनों में ही यहां आने वाले भारतीय टूरिस्टों की संख्या में साल-दर-साल के आधार पर 103 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है. यह उछाल केवल भारतीयों तक सीमित नहीं है. फिनलैंड से आने वाले टूरिस्टों में 350% और इजरायल से आने वालों में 276% की वृद्धि हुई है. 2025 के पहले 9 महीनों में अल्बानिया ने 1 करोड़ (10 मिलियन) से अधिक टूरिस्ट पहुंचे हैं.
क्या देखें अल्बानिया में?
- अल्बानिया को ईगल्स की भूमि (Land of Eagles) कहा जाता है. यहां टूरिस्टों के लिए बहुत कुछ है:
- तिराना (Tirana): देश की राजधानी, जो अपनी जीवंत कैफे संस्कृति और रंगीन इमारतों के लिए जानी जाती है.
- बेरात और जीरोकास्टर (Berat & Gjirokaster): ये यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर स्थल हैं, जहां ओटोमन साम्राज्य की वास्तुकला देखने को मिलती है.
अल्बानियन आल्प्स: अगर आप पहाड़ों के शौकीन हैं, तो यहां की ट्रैकिंग और प्राकृतिक दृश्य आपका मन मोह लेंगे. - समुद्र तट: आईओनियन और एड्रियाटिक तटों पर बने बीच यूरोप के सबसे साफ और सुंदर समुद्र तटों में गिने जाते हैं.
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दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें
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