Last Updated:
Bikaner Picnic Spot: बीकानेर का पब्लिक पार्क शहरवासियों और पर्यटकों के लिए हरियाली, मनोरंजन और सुकून का बेहतरीन संगम है. बच्चों के झूले, खुले लॉन, पैदल पथ और बैठने की सुविधाएं इसे परिवार के साथ समय बिताने के लिए आदर्श बनाती हैं. सुबह-शाम टहलने वालों से लेकर पिकनिक मनाने आए परिवारों तक, यह पार्क सभी उम्र के लोगों को आकर्षित करता है और शहर की भागदौड़ से राहत देता है.

शहर के पब्लिक पार्क में इन दिनों बच्चों और परिवारों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है मिनी ट्रेन यात्रा. प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक पार्क में आने वाले बच्चे इस ट्रेन यात्रा का भरपूर आनंद ले रहे हैं. स्कूल से छुट्टी के बाद और शाम के समय पार्क पहुंचने वाले बच्चों में ट्रेन में बैठने को लेकर खासा उत्साह देखने को मिलता है. जैसे ही ट्रेन चलती है, उसके साथ बजने वाला हार्न और आसपास लगे हरे-भरे पेड़-पौधों के बीच से गुजरती ट्रेन बच्चों को ऐसा एहसास कराती है मानो वे किसी असली रेलगाड़ी में सफर कर रहे हों. यह अनुभव बच्चों के लिए बेहद रोमांचक और यादगार बन जाता है. कई बच्चे तो बार-बार इस ट्रेन में बैठने की जिद करते नजर आते हैं. ट्रेन के भीतर लगाई गई रंगीन लाइटें शाम ढलते ही इसे और भी आकर्षक बना देती हैं. रात के समय ट्रेन में बैठने पर बच्चों के साथ-साथ बड़े लोगों में भी सेल्फी लेने का क्रेज साफ दिखाई देता है. परिवार और युवा इस अनोखे अनुभव को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आते हैं.

शहर में मनोरंजन के साथ-साथ बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में चेस पार्क तैयार किया गया है. यह पार्क खासतौर पर शतरंज प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है, जहां युवा और बच्चे एक साथ मिलकर चेस खेलते नजर आते हैं. चेस पार्क में खुले वातावरण में शतरंज खेलने की सुविधा उपलब्ध है, जिससे खेल के साथ-साथ मानसिक एकाग्रता और सोचने की क्षमता का भी विकास होता है. स्कूल के बाद और शाम के समय यहां बच्चों की अच्छी खासी संख्या देखने को मिलती है, वहीं युवा भी अपने दोस्तों के साथ आकर रणनीति और कौशल का प्रदर्शन करते हैं. इस पार्क ने न केवल बच्चों को मोबाइल और स्क्रीन से दूर रखने का सकारात्मक विकल्प दिया है, बल्कि पीढ़ियों के बीच संवाद और सीखने का भी अवसर पैदा किया है. अनुभवी खिलाड़ी बच्चों को चालें सिखाते हैं, जिससे सीखने और सिखाने का माहौल बनता है.

शहर के पब्लिक पार्क में विकसित किया गया कृत्रिम चिड़ियाघर इन दिनों बच्चों और परिवारों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. यहां असली जानवरों की बजाय विभिन्न जानवरों के आकर्षक स्कल्पचर लगाए गए हैं, जो बच्चों को सुरक्षित माहौल में वन्यजीवों के करीब होने जैसा अनुभव कराते हैं. कृत्रिम चिड़ियाघर में डायनासोर, मोर, बंदर, गैंडा, गाय, भैंस सहित कई जानवरों की खूबसूरत और जीवंत मूर्तियां बनाई गई हैं. इन स्कल्पचर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि बच्चे न केवल इन्हें देख सकें, बल्कि इन पर बैठकर फोटो भी खिंचवा सकें. यही वजह है कि यहां हर समय बच्चों की चहल-पहल और मुस्कान देखने को मिलती है. कृत्रिम चिड़ियाघर न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह बच्चों में प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति रुचि भी पैदा कर रहा है.
Add Bharat.one as
Preferred Source on Google

शहर के पर्यटन और मनोरंजन को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से बीकानेर के लिलीपोंड में आमजन के लिए बोटिंग के साथ-साथ खानपान, रोमांच और पारिवारिक मनोरंजन की कई आधुनिक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध करवाई जा रही है. लिलीपोंड परिसर में तैयार की जा रही चौपाटी पर करीब 40 तरह के व्यंजन आम लोगों के लिए उपलब्ध है. देसी स्वाद से लेकर फास्ट फूड तक, हर वर्ग और हर उम्र के लोगों की पसंद को ध्यान में रखते हुए फूड स्टॉल विकसित किए जा रहे हैं. इससे यह स्थान परिवारों और युवाओं के लिए खास आकर्षण बनेगा. मनोरंजन और रोमांच के शौकीनों के लिए यहां जोर बिंग बॉल, जोर बिंग रोलर, बच्चों के लिए हैंडल बोट, डांसिंग बुल राइड, बंजी जंपिंग और 360 डिग्री साइकिल राइड जैसी कई रोमांचक गतिविधियां भी उपलब्ध करवाई जाएंगी. ये गतिविधियां खासतौर पर युवाओं और बच्चों को आकर्षित करेंगी और लिलीपोंड को एक एडवेंचर ज़ोन के रूप में पहचान दिलाएंगी.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/travel-public-park-bikaner-greenery-entertainment-picnic-spot-local18-10051238.html







