Last Updated:
Dharohar: हैदराबाद की इस ऐतिहासिक पुरानी हवेली में सदियों पुरानी विरासत संरक्षित है. अनोखी नक्काशी, पुराने फर्नीचर, दुर्लभ कलाकृतियां और वास्तुकला का अनूठा मेल इस हवेली को खास बनाता है. समय के साथ कई बदलाव आए, लेकिन इसकी असली पहचान आज भी कायम है. यह हवेली शहर की सांस्कृतिक धरोहर और गौरव का प्रतीक बनी हुई है.
हैदराबाद: हैदराबाद शहर की ऐतिहासिक इमारतें एक समृद्ध विरासत को संजोए हुए हैं. इनमें से एक है पुरानी हवेली जिसे मसर्रत महल के नाम से भी जाना जाता है. तेलंगाना के हैदराबाद में स्थित यह हवेली कभी निज़ाम का आधिकारिक निवास हुआ करती थी. इसका निर्माण 1577 ईस्वी में U आकार में किया गया था जिसमें दो समानांतर आयताकार पंख हैं और बीच में आवासीय महल स्थित है.
दक्कन के इतिहास के जानकार जुबेर जाहिद सरकार के अनुसार हैदराबाद के दूसरे निज़ाम मीर निज़ाम अली ख़ान ने 1717 में यह हवेली मोमिन वंश के रुकुनुद्दौला से प्राप्त की थी. निज़ाम के उत्तराधिकारी सिकंदर जाह कुछ समय यहां रहे इसके बाद वे चौमहल्ला पैलेस में स्थानांतरित हो गए. यही कारण है कि इस इमारत को पुरानी हवेली के नाम से जाना जाता है.
निज़ाम संग्रहालय और वर्तमान उपयोग
हवेली के भीतर एक संग्रहालय भी है जो हैदराबाद राज्य के अंतिम निज़ाम को समर्पित है और उनके काल की विभिन्न वस्तुओं को प्रदर्शित करता है. अब इस ऐतिहासिक महल परिसर का एक हिस्सा एक स्कूल और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के रूप में उपयोग किया जा रहा है.
विश्व की सबसे लंबी अलमारी
इस हवेली की एक अनूठी विशेषता यहाँ स्थित दुनिया की सबसे लंबी अलमारी है. यह दो स्तरों पर बनी हुई है और इसमें हाथ से चलने वाली लकड़ी की लिफ्ट भी लगी है. हालांकि इसके सबसे लंबी होने के आधिकारिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं. पर्यटकों का कहना है कि यह इमारत 18वीं सदी के यूरोपीय महलों जैसी प्रतीत होती है.
हैदराबाद की यह पुरानी हवेली सिर्फ ईंट-पत्थरों का ढांचा
इस तरह हैदराबाद की यह पुरानी हवेली सिर्फ ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि सदियों पुरानी कहानियों, परंपराओं और वास्तुकला की जीवंत धरोहर है. अपनी अनूठी कलाकृतियों और संरक्षित ऐतिहासिक सौंदर्य के कारण यह आज भी गौरव से खड़ी है. यह हवेली आने वाली पीढ़ियों को शहर की सांस्कृतिक विरासत और बीते युग की भव्यता का एहसास कराती रहती है.
About the Author
With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion, career, politica…और पढ़ें
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
https://hindi.news18.com/news/andhra-pradesh/hyderabad-dharohar-hyderabad-historic-old-haveli-hidden-heritage-untold-story-local18-9931453.html







