Wednesday, February 4, 2026
27 C
Surat
[tds_menu_login inline="yes" guest_tdicon="td-icon-profile" logout_tdicon="td-icon-log-out" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNiIsIm1hcmdpbi1ib3R0b20iOiIwIiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyNSIsImRpc3BsYXkiOiIifSwicG9ydHJhaXQiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiMiIsIm1hcmdpbi1sZWZ0IjoiMTYiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsImxhbmRzY2FwZSI6eyJtYXJnaW4tcmlnaHQiOiI1IiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyMCIsImRpc3BsYXkiOiIifSwibGFuZHNjYXBlX21heF93aWR0aCI6MTE0MCwibGFuZHNjYXBlX21pbl93aWR0aCI6MTAxOX0=" icon_color="#ffffff" icon_color_h="var(--dark-border)" toggle_txt_color="#ffffff" toggle_txt_color_h="var(--dark-border)" f_toggle_font_family="global-font-2_global" f_toggle_font_transform="uppercase" f_toggle_font_weight="500" f_toggle_font_size="13" f_toggle_font_line_height="1.2" f_toggle_font_spacing="0.2" ia_space="0" menu_offset_top="eyJhbGwiOiIxNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTIiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMyJ9" menu_shadow_shadow_size="16" menu_shadow_shadow_color="rgba(10,0,0,0.16)" f_uh_font_family="global-font-1_global" f_links_font_family="global-font-1_global" f_uf_font_family="global-font-1_global" f_gh_font_family="global-font-1_global" f_btn1_font_family="global-font-1_global" f_btn2_font_family="global-font-1_global" menu_uh_color="var(--base-color-1)" menu_uh_border_color="var(--dark-border)" menu_ul_link_color="var(--base-color-1)" menu_ul_link_color_h="var(--accent-color-1)" menu_ul_sep_color="#ffffff" menu_uf_txt_color="var(--base-color-1)" menu_uf_txt_color_h="var(--accent-color-1)" menu_uf_border_color="var(--dark-border)" show_version="" icon_size="eyJhbGwiOjIwLCJwb3J0cmFpdCI6IjE4In0=" menu_gh_color="var(--base-color-1)" menu_gh_border_color="var(--dark-border)" menu_gc_btn1_color="#ffffff" menu_gc_btn1_color_h="#ffffff" menu_gc_btn1_bg_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn1_bg_color_h="var(--accent-color-2)" menu_gc_btn2_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn2_color_h="var(--accent-color-2)" f_btn2_font_size="13" f_btn1_font_size="13" toggle_hide="yes" toggle_horiz_align="content-horiz-center" menu_horiz_align="content-horiz-center" f_uh_font_weight="eyJsYW5kc2NhcGUiOiI3MDAiLCJhbGwiOiI3MDAifQ==" f_gh_font_weight="700" show_menu="yes" avatar_size="eyJhbGwiOiIyMiIsImxhbmRzY2FwZSI6IjIxIiwicG9ydHJhaXQiOiIxOSJ9" page_0_title="My Articles" menu_ul_sep_space="0" page_0_url="#"]

Hill station where foreigners are banned। चकराता हिल स्टेशन में विदेशी नागरिकों की एंट्री मना


Last Updated:

Chakrata Hill Station: भारत में घूमने की बात आए और हिल स्टेशन का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता. पहाड़ों की ठंडी हवा, हरियाली, शांत माहौल और भीड़ से दूर सुकून भरी जगह हर किसी को अपनी ओर खींचती है. ज्यादातर हिल स्टेशन ऐसे होते हैं जहां देश-विदेश से पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंचते हैं, लेकिन भारत में एक ऐसा भी हिल स्टेशन है, जहां विदेशी नागरिकों का जाना पूरी तरह मना है. यह सुनकर कई लोगों को हैरानी होती है और पहली बार में यकीन करना भी मुश्किल लगता है. यह जगह कोई और नहीं बल्कि उत्तराखंड में स्थित ऑफबीट हिल स्टेशन चकराता है. देहरादून से करीब 90 किलोमीटर दूर बसा चकराता अपनी खूबसूरत वादियों, घने जंगलों और शांत माहौल के लिए जाना जाता है. यहां न शोरगुल है और न ही भीड़भाड़. यही वजह है कि जो लोग शांति पसंद करते हैं, वे चकराता को खास तौर पर चुनते हैं, लेकिन चकराता घूमने से पहले कुछ नियम जानना बेहद जरूरी है.

Chakrata hill station

यहां न सिर्फ विदेशी नागरिकों की एंट्री पर रोक है, बल्कि भारतीय पर्यटकों के लिए भी कुछ तय नियम बनाए गए हैं. ऊंचाई पर पहुंचने से पहले ही रास्ते में बैरिकेडिंग लगी होती है, जहां आपकी आईडी चेक की जा सकती है, अगर आप बिना जानकारी के यहां पहुंचती हैं, तो परेशानी में पड़ सकती हैं. इसलिए इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि चकराता में विदेशी नागरिकों का जाना क्यों मना है और यात्रा के दौरान किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए.

Chakrata hill station

चकराता एक खूबसूरत लेकिन संवेदनशील हिल स्टेशन है, जहां विदेशी नागरिकों की एंट्री मना है. भारतीय पर्यटकों को भी तय नियमों का पालन करना जरूरी है. फोटो प्रतिबंध, रात में ड्राइव से बचाव और सही प्लानिंग आपकी यात्रा को सुरक्षित बनाती है.

Chakrata hill station

चकराता में क्यों मना है विदेशी नागरिकों की एंट्री? चकराता एक सामान्य टूरिस्ट स्पॉट नहीं है. यह इलाका देश की हाई सिक्योरिटी जोन में आता है. यहां भारतीय सेना की मौजूदगी हर जगह देखने को मिलती है, क्योंकि यह एक कैंटोनमेंट एरिया है. चकराता में आर्मी से जुड़ी कई अहम गतिविधियां होती हैं और खुफिया एजेंसियां भी यहां सक्रिय रहती हैं. यह हिल स्टेशन ऊंचाई पर स्थित है और भारत-चीन सीमा के काफी करीब पड़ता है. इसी वजह से इसे सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है. ऐसे इलाकों में बाहरी लोगों की आवाजाही पर हमेशा सख्ती बरती जाती है. सरकार को यह डर रहता है कि कोई विदेशी नागरिक पर्यटक के रूप में आकर गलत मंशा से यहां घूम सकता है. इसी कारण यहां विदेशी नागरिकों की एंट्री पूरी तरह बंद है, अगर किसी विदेशी को चकराता जाना हो, तो उसे पहले गृह मंत्रालय से खास अनुमति लेनी होती है. बिना अनुमति यहां प्रवेश करने की कोशिश करने पर उन्हें रास्ते में ही रोक दिया जाता है.

Add Bharat.one as
Preferred Source on Google

Chakrata hill station

भारतीय नागरिकों के लिए भी हैं कुछ सख्त नियम चकराता सिर्फ विदेशी नागरिकों के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय पर्यटकों के लिए भी नियमों वाला हिल स्टेशन है. यहां कई जगह ऐसी हैं, जहां फोटो या वीडियो बनाना पूरी तरह मना है. इन जगहों पर साफ-साफ बोर्ड लगे होते हैं, अगर आप इन चेतावनियों को नजरअंदाज करती हैं और मोबाइल निकालकर फोटो लेने लगती हैं, तो आर्मी अफसरों को आप पर शक हो सकता है. ऐसी स्थिति में आपसे पूछताछ हो सकती है और आईडी प्रूफ भी दिखाना पड़ सकता है. इसलिए जहां फोटो मना हो, वहां फोन जेब में ही रखें.

Chakrata hill station

रात में ड्राइव करने से बचें चकराता पूरी तरह पहाड़ी इलाका है. यहां की सड़कें ज्यादा चौड़ी नहीं हैं और कई जगह खतरनाक मोड़ भी आते हैं. सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि ज्यादातर सड़कों पर स्ट्रीट लाइट नहीं होती. अंधेरा होते ही सफर करना जोखिम भरा हो सकता है. कोशिश करें कि दिन के उजाले में ही होटल या रिसॉर्ट ढूंढ लें. अंधेरा होने से पहले रुक जाना सबसे सुरक्षित रहता है. यहां होटल और रिसॉर्ट की संख्या भी ज्यादा नहीं है, इसलिए देर होने पर विकल्प कम हो सकते हैं.

Chakrata hill station

रात में गाड़ी खराब हुई तो बढ़ सकती है परेशानी अगर रात के समय आपकी गाड़ी खराब हो जाए या टायर पंचर हो जाए, तो मदद मिलना काफी मुश्किल हो सकता है. आसपास दूर-दूर तक सिर्फ पहाड़ और जंगल हैं. रात में सड़क पर लोगों की आवाजाही भी बहुत कम होती है. दिन के समय स्थानीय लोग या दूसरे यात्री मदद कर सकते हैं, लेकिन रात में यह आसान नहीं होता. इसलिए चकराता की यात्रा हमेशा प्लानिंग के साथ करें और कोशिश करें कि रात में ड्राइव न करनी पड़े.

Chakrata hill station

चकराता घूमने का सही तरीका अगर आप शांति, नेचर और भीड़ से दूर वक्त बिताना चाहती हैं, तो चकराता एक शानदार जगह है. बस जरूरी है कि यहां के नियमों का सम्मान करें. आईडी हमेशा साथ रखें, सेना से जुड़े इलाकों में सतर्क रहें और तय नियमों का पालन करें. तभी आपकी यात्रा यादगार और सुरक्षित बनेगी.

homelifestyle

विदेशियों के लिए बंद भारत का खूबसूरत हिल स्टेशन, घूमने से पहले जानना है जरूरी


.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.

https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/travel-chakrata-hill-station-foreigners-entry-ban-travel-rules-ws-e-10066662.html

Hot this week

marriage problems solution। जानकी जयंती 2026 पर करें सरल उपाय

Last Updated:February 04, 2026, 18:52 ISTJanki Jayanti 2026:...

Topics

Surya Grahan 2026। सूर्य को अर्घ्य देना सही है या नहीं?

Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण का नाम सुनते...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img