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Rewa village homestay trend : प्रकृति की गोद में बसे इन होमस्टे ने रीवा जिले के पर्यटन को नई ऊंचाई दी है. यह मॉडल न केवल पर्यटकों को अनूठा अनुभव दे रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहा है. आने वाले समय में यह पहल रीवा को प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने का सफल उदाहरण बन सकती है.
Rewa News : मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग लगातार अपने प्रोजेक्ट में नए-नए प्रयोग कर रहा है, पर्यटकों को यह प्रयोग काफी भा रहे हैं. छिंदवाड़ा में पर्यटन विभाग ने होम स्टे की कुछ दिन पहले ही शुरुआत की है. इसी तरह अन्य पर्यटक स्थलों पर यह सुविधा काफी पहले से मिल रही है, जोकि विदेशियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. वहीं अब रीवा के पूर्वा वॉटरफॉल में भी होम स्टे की शुरुआत हो गई है, जो लोगों को खूब पसंद आ रहा है.
16 जगहों पर होम स्टे बनवाया गया
रीवा के पूर्वा वॉटरफॉल में पर्यटन विभाग द्वारा इस पर्यटक स्थलों को और बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय पर्यटन स्थलों में होम स्टे का निर्माण कराया गया है, ताकि रीवा के ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटक होम स्टे में जाकर वहां रुककर रीवा के पूर्वा वॉटरफॉल जैसे खूबसूरत पर्यटक स्थान का आनंद ले सके. साथ ही होम स्टे में ग्रामीण परिवेश रहकर ग्रामीण देशी चूल्हे में बना भोजन बघेली व्यंजन भी आनंद ले सकें. इसी तारतम्य में ग्राम सुधार समिति द्वारा सेमरिया विधान सभा के मुख्य पर्यटक स्थल पुरवा जल प्रपात के पास गांव में अभी 16 जगहों पर होम स्टे बनवाया गया है.
पर्यटक अब होटलों की बजाय गांवों में रहना पसंद कर रहे
रीवा जिले में पहली बार ग्रामीण परिवेश से भरपूर होमस्टे का संचालन शुरू हो गया है. बसामन मामा समाधि स्थल, 10,000 गायों वाली गौशाला और देशभर में प्रसिद्ध पूर्वा जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटक अब होटलों की बजाय गांवों में रहना पसंद कर रहे हैं. प्रकृति के करीब रहने की चाहत में टूरिस्ट फोर व्हीलर छोड़कर बैलगाड़ी की सवारी कर रहे हैं.
यह बदलाव रीवा के पर्यटन परिदृश्य में एक नई दिशा दिखा रहा है. पिछले दिनों केंद्रीय गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए बसामन मामा क्षेत्र का दौरा किया था. इसी पहल के तहत ग्राम सुधार समितियां स्थानीय जीवनशैली और लोककला को प्रदर्शित करते हुए ग्रामीणों को होमस्टे बनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं.
प्रकृति की गोद में बसे इन होमस्टे ने रीवा जिले के पर्यटन को नई ऊंचाई दी है. यह मॉडल न केवल पर्यटकों को अनूठा अनुभव दे रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहा है. आने वाले समय में यह पहल रीवा को प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने का सफल उदाहरण बन सकती है.
About the Author
7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें
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