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Travel Health Tips: लंबी फ्लाइट में कमर और गर्दन दर्द आम समस्या है. गलत पोस्चर और कम मूवमेंट इसका बड़ा कारण है. सही सीट और सही ट्रैवल गियर से फर्क पड़ता है.
हल्की एक्सरसाइज और पानी पीना जरूरी है. थोड़ी तैयारी से सफर आरामदायक बन सकता है.
Travel Health Tips: 12 घंटे की लंबी फ्लाइट के बाद जब आप प्लेन से उतरते हैं, तो अक्सर शरीर से ज्यादा थकान आपकी कमर और गर्दन में महसूस होती है. बैगेज बेल्ट तक पहुंचते पहुंचते पीठ अकड़ जाती है और गर्दन सीधी करना भी मुश्किल लगने लगता है. अगर आपके साथ भी ऐसा हो चुका है, तो आप अकेले नहीं हैं. लंबी दूरी की फ्लाइट्स, खासकर इकोनॉमी क्लास में, शरीर के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होती हैं.
तंग सीटें, सही सपोर्ट की कमी, घंटों एक ही पोजीशन में बैठना और ठीक से नींद न आना रीढ़ की हड्डी पर सीधा असर डालता है. उम्र ज्यादा हो, बार बार ट्रैवल करना पड़ता हो या पहले से पीठ से जुड़ी कोई समस्या हो, तो परेशानी और बढ़ जाती है. लेकिन अच्छी बात यह है कि थोड़ी सी समझदारी और सही तैयारी से लंबी फ्लाइट को भी काफी हद तक आरामदायक बनाया जा सकता है.
हवा में उड़ते समय शरीर के खिलाफ कई चीजें एक साथ काम करती हैं. फ्लाइट के अंदर कैबिन प्रेशर कम होता है, जिससे रीढ़ की हड्डी के डिस्क हल्के से फैल जाते हैं. इसका असर नसों पर पड़ता है और जकड़न या दर्द महसूस होने लगता है. इसके अलावा घंटों एक ही पोजीशन में बैठे रहने से मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं और रीढ़ पर दबाव बढ़ता जाता है. इकोनॉमी सीट्स में कमर को सही सपोर्ट नहीं मिलता, जिसकी वजह से झुक कर बैठना मजबूरी बन जाता है. सीमित जगह होने के कारण शरीर को ठीक से फैलाने या स्ट्रेच करने का मौका भी नहीं मिल पाता.
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लंबी फ्लाइट में आराम की शुरुआत सही सीट चुनने से होती है. सीट का चुनाव सिर्फ विंडो व्यू या सोने की सुविधा के लिए नहीं, बल्कि शरीर के आराम के लिए भी जरूरी है. आइल सीट उन लोगों के लिए बेहतर रहती है जो बीच बीच में उठकर चलना चाहते हैं, क्योंकि इससे बिना किसी को परेशान किए मूवमेंट मिल जाता है. एग्जिट रो या बल्कहेड सीट में पैरों के लिए ज्यादा जगह होती है, जिससे बैठने की पोजीशन थोड़ी बेहतर रहती है. प्लेन का पिछला हिस्सा अक्सर ज्यादा हिलता डुलता है और वहां सीट रीक्लाइन भी कम मिलती है, इसलिए उसे अवॉयड करना बेहतर होता है. अगर बजट इजाजत दे, तो प्रीमियम इकोनॉमी या बिजनेस क्लास में अपग्रेड करने से कमर और गर्दन को काफी राहत मिलती है.
सही सीट होने के बावजूद अगर पोस्चर गलत है, तो दर्द होना तय है. सीट पर बैठते समय पूरी तरह पीछे टिक कर बैठना जरूरी है ताकि रीढ़ को सहारा मिले. कमर के नीचे सपोर्ट के लिए छोटा कुशन या मुड़ा हुआ जैकेट रखा जा सकता है. पैर जमीन पर सीधे होने चाहिए या फुटरेस्ट का इस्तेमाल करना चाहिए. पैर क्रॉस करके बैठने से शरीर का बैलेंस बिगड़ता है और कमर पर दबाव बढ़ता है. मोबाइल या स्क्रीन को आंखों के लेवल पर रखने से गर्दन आगे झुकने से बचती है. एक छोटी लेकिन अहम बात यह भी है कि पीछे की जेब से वॉलेट या फोन निकाल लेना चाहिए, क्योंकि यह पेल्विस को टेढ़ा कर देता है और कमर दर्द बढ़ा सकता है.
फ्लाइट में सोते वक्त भी सावधानी जरूरी है. ऐसा नेक पिलो इस्तेमाल करना चाहिए जिसमें चिन सपोर्ट हो, ताकि सिर इधर उधर न गिरे. सीट को थोड़ा रीक्लाइन करके कमर के पीछे सपोर्ट रखना बेहतर रहता है. ट्रे टेबल पर सिर रखकर सोना भले ही आसान लगे, लेकिन यह गर्दन और रीढ़ के लिए काफी नुकसानदेह होता है.
आपका केबिन बैग भी फ्लाइट के दौरान आराम में बड़ी भूमिका निभाता है. लंबर सपोर्ट पिलो, सही नेक पिलो, कंप्रेशन सॉक्स, पोर्टेबल फुटरेस्ट और हल्की पेन किलर या हीट पैच जैसी चीजें सफर को काफी आसान बना सकती हैं. इन सभी चीजों को अंडर सीट बैग में रखना चाहिए ताकि बार बार ऊपर की बिन तक हाथ न उठाना पड़े.
कपड़ों का चुनाव भी उतना ही जरूरी है. टाइट कपड़े शरीर की मूवमेंट को रोकते हैं और असहज महसूस कराते हैं. ढीले और सांस लेने वाले कपड़े पहनने से शरीर रिलैक्स रहता है. लेयरिंग इसलिए जरूरी है क्योंकि फ्लाइट के अंदर तापमान बदलता रहता है. जूतों का चुनाव आराम के हिसाब से होना चाहिए, क्योंकि लंबी फ्लाइट में पैरों में सूजन आना आम बात है.
फ्लाइट में बैठे बैठे हल्की एक्सरसाइज करना बहुत फायदेमंद होता है. हर आधे या एक घंटे में एंकल घुमाना, गर्दन को धीरे धीरे घुमाना, सीट पर बैठे हल्का स्ट्रेच करना या थोड़ी देर के लिए चल लेना शरीर की जकड़न को कम करता है. ये छोटे छोटे मूवमेंट रीढ़ को राहत देते हैं और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करते हैं.
पानी पीते रहना भी बेहद जरूरी है. फ्लाइट के अंदर हवा काफी ड्राई होती है, जिससे मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं. बार बार पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है. ज्यादा शराब या कैफीन से बचना चाहिए, क्योंकि ये शरीर को और ज्यादा डिहाइड्रेट करते हैं. खाने में हल्का और कम नमक वाला भोजन चुनना बेहतर होता है, क्योंकि भारी खाना सूजन और बेचैनी बढ़ा सकता है.
अगर पहले से ही कमर दर्द या रीढ़ से जुड़ी कोई समस्या है, तो फ्लाइट से पहले तैयारी और भी जरूरी हो जाती है. डॉक्टर से सलाह लेना, जरूरत हो तो मेडिकल नोट रखना और बैक सपोर्ट बेल्ट पहनना मददगार हो सकता है. बहुत लंबी फ्लाइट को ब्रेक करके लेना भी रीढ़ के लिए बेहतर रहता है.
लैंड करने के बाद तुरंत भारी बैग उठाने से बचना चाहिए और पहले हल्का स्ट्रेच करना चाहिए. अंत में यही कहा जा सकता है कि लंबी फ्लाइट का मतलब दर्द के साथ सफर खत्म होना नहीं है. थोड़ी सी समझदारी, सही तैयारी और छोटे छोटे बदलाव आपकी कमर और गर्दन को सुरक्षित रख सकते हैं. अगली बार जब आप 12 या 14 घंटे की फ्लाइट लें, तो आराम को प्राथमिकता दें.
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