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भारत के नक्शे पर बना अंतिम छोर तमिलनाडु के इस आखिरी शहर को कहा जाता है, जहां 1964 के विनाशकारी चक्रवात ने इसे उजाड़ कर भूतिया नगर बना दिया. राम सेतु और रामायण से जुड़े होने के कारण धनुष्कोडी आज भी आस्था, इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता का अनोखा संगम माना जाता है.
भारत के नक्शे पर अगर आप सबसे अंतिम छोर की तलाश करें, तो तमिलनाडु का रहस्यमयी शहर धनुष्कोडी सामने आता है. यह वही जगह है जिसे अक्सर भारत का आखिरी शहर या अंतिम छोर कहा जाता है. धनुष्कोडी भौगोलिक, धार्मिक और ऐतिहासिक तीनों ही नजरिए से बेहद खास है. एक तरफ बंगाल की खाड़ी तो दूसरी ओर हिंद महासागर, और सामने श्रीलंका की झलक. यही कारण है कि यह जगह पर्यटकों के साथ-साथ आस्था रखने वालों को भी अपनी ओर खींचती है. कहा जाता है कि यहीं से राम सेतु की शुरुआत होती है, जिसने इस शहर को सदियों से रहस्य और विश्वास से जोड़ रखा है.
धनुष्कोडी का नाम रामायण से जुड़ी मान्यता के कारण पड़ा. कथा के अनुसार भगवान राम ने रावण से युद्ध के बाद विभीषण के अनुरोध पर धनुष से राम सेतु को तोड़ा था, इसलिए इस स्थान को धनुष्कोडी कहा गया. आज भी यहां से समुद्र में फैला हुआ पत्थरों का एक क्रम दिखाई देता है, जिसे राम सेतु या एडम्स ब्रिज कहा जाता है. वैज्ञानिक इसे प्राकृतिक संरचना मानते हैं, जबकि धार्मिक दृष्टि से यह रामायण काल से जुड़ा हुआ माना जाता है. यही वजह है कि लोग अक्सर पूछते हैं कि क्या यही असली राम सेतु था. इस सवाल का जवाब आस्था और विज्ञान के बीच कहीं ठहर जाता है.
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/travel-what-is-indias-last-point-on-the-map-was-this-the-ram-setu-know-the-cost-to-reach-here-ws-kl-10018792.html

















