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अभय दाता से लेकर बालेश्वर महादेव तक, नए साल की शुरुआत के लिए ये रायबरेली के टॉप मंदिर, यहां दर्शन सबसे जरूरी

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Famous Temples Raebareli : अगर आप भी नए साल की शुरुआत अलग और पवित्र तरीके से करना चाहते हैं तो रायबरेली शहर में ऐसे कई मंदिर हैं. यहां आप दर्शन करने जा सकते हैं. इन मंदिरों की अपनी अलग-अलग मान्यताएं और अलग इतिहास हैं. ऐसी मान्यता है कि इन मंदिरों के दर्शन से मनोकामना पूरी होती हैं. लोगों का मानना है कि यहां पर सच्चे मन से मानी गई मनोकामना भगवान शिव जरूर पूरी करते हैं. इसीलिए यहां पर साल के 12 महीने भक्तों का आना-जाना लगा रहता है.

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उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर लखनऊ और उन्नाव की सीमा पर स्थित एक ऐसा मंदिर है, जो अपने में कई रहस्य समेटे हुए है. इस मंदिर का पौराणिक काल से ही काफी महत्त्व रहा है. प्राचीन शिव मंदिरों में विख्यात यह मंदिर पुरातन काल से ही लोगों की आस्था का केंद्र रहा है. लोगों का मानना है कि द्वापर युग में यहां पर त्र्यंबक नामक वन हुआ करता था, जहां पांडव अपने अज्ञातवास के दौरान ठहरे हुए थे. तो पांडव पुत्र महाबली भीम ने इस शिवलिंग को स्थापित किया था. यहां पर सच्चे मन से मानी गई मनोकामना भगवान शिव अवश्य पूरी करते हैं.

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रायबरेली जिले में प्रवेश करने से पहले लखनऊ इलाहाबाद राजमार्ग पर 2 जिलों की सीमाओं के मध्य स्थित पीपलेश्वर (चुरुवा) हनुमान मंदिर है. लखनऊ इलाहाबाद राजमार्ग पर टोल प्लाजा से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित 100 वर्ष पुराने इस मंदिर पर मत्था टेकने के बाद ही लोग आगे बढ़ते हैं. अगर आप भी नए वर्ष में प्रभु श्री राम के अनन्य भक्त महाबली हनुमान के दर्शन करना चाहते हैं तो एक बार यहां पर जरूर आएं.

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लालगंज तहसील के बल्हेमऊ गांव में स्थित है बालेश्वर महादेव मंदिर, जिसके बारे में लोगों का मानना है कि यह मंदिर लगभग 500 वर्ष पुराना है. इसके गुंबद पर लगा त्रिशूल सूर्य की गति के सापेक्ष परिवर्तित होता रहता है. मंदिर परिसर में एक सरोवर भी है, जिसके बारे में लोगों का मानना है कि इस सरोवर में सब तीर्थों का जल लाकर डाला गया था. उसके बाद इसी से ही भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया. आप भी नए वर्ष अपने परिवार के साथ यहां दर्शन कर नए वर्ष की शुरुआत करें.

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आप लोगों ने प्रभु श्री राम के अनन्य भक्त हनुमान जी के बारे में कई कथाएं सुनी होंगी. ऐसा कहा जाता है कि हनुमान जी को सिंदूरी रंग बहुत प्रिय है. इसी वजह से उनकी प्रतिमा भी सिंदूरी रंग में ही देखने को मिलती है. लेकिन यूपी के रायबरेली जनपद में शहर के इंडस्ट्रियल एरिया इलाके के भवानी पेपर मिल के पास बने अभय दाता मंदिर में हनुमान जी की काले रंग की प्रतिमा के आपको दर्शन करने को मिलेंगे. जानकार बताते हैं कि इसका अपना एक अलग ही इतिहास है. यहां पर आप परिवार के साथ पूजा अर्चना कर नए वर्ष की शुरुआत करें, जिससे आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी.

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यह मंदिर लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराना है. यहां पर कभी विशालकाय जंगल हुआ करता था. उसी जंगल में मंसाराम बाबा रहा करते थे, जिन्हें एक बार स्वप्न में एक मूर्ति ने दर्शन दिया और कहा कि मैं यहां स्थापित होना चाहती हूं. यहां उन्होंने मूर्ति स्थापित की और पूजा अर्चना शुरू की. नवरात्र में जहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं. लोगों का मानना है कि यदि आपके पुत्र या पुत्री का रिश्ता नहीं हो रहा है तो एक बार यहां दर्शन करे. रिश्ता जरूर पक्का हो जाएगा.

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अभय दाता से बालेश्वर तक, नए साल की शुरुआत के लिए ये रायबरेली के टॉप मंदिर

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