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उज्जैन के राजा भगवान महाकाल को कपूर आरती कर भोग लगाया गया. मंत्रोच्चर के साथ भगवान को रजत चंद्र, त्रिशूल, मुकुट और आभूषण अर्पित कर श्रृंगार किया गया. भांग, चन्दन ड्रायफ्रूट और भस्म चढ़ाई गई. भगवान महाकाल ने शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ-साथ सुगन्धित पुष्प से बनी फूलों की माला धारण की.
















