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इतना Confusion क्यों भाई? ज्योतिषी से जानें 31 मार्च या 1 अप्रैल, कब मनाया जाएगा अक्षय तृतीया?

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Akshaya Tritiya 2025: अक्षय तृतीया 2025 की तारीख को लेकर कुछ असमंजस है, क्योंकि कुछ लोग इसे 31 मार्च को तो कुछ 1 अप्रैल को मानते हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित पंकज मेहता के अनुसार, जानने की कोशिश करेंगे कि आखिर कब म…और पढ़ें

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हाइलाइट्स

  • अक्षय तृतीया 1 अप्रैल 2025 को मनाई जाएगी.
  • पंडित पंकज मेहता के अनुसार 1 अप्रैल को तृतीया मान्य.
  • अक्षय तृतीया का सर्वसिद्ध मुहूर्त के रूप में विशेष महत्व है.

अक्षय तृतीया. सनातन धर्म में कई बार प्रमुख तीज, त्यौहारों की तिथियां दो दिन होने से लोगों में असमंजस की स्थिति बन जाती है. इस बार यह स्थिति अक्षय तृतीया पर बनी है. इसे आखा तीज भी कहते है. कुछ लोगों का मत है कि 31 मार्च को अक्षय तृतीया मनाई जाएगी. वहीं, कुछ 1 अप्रैल को अक्षय तृतीया बता रहे हैं. ऐसे में सही तारीख का पता लगाना जरूरी. चूंकि खरगोन सहित निमाड़-मालवा में इसी दिन गणगौर पर्व भी मनाया जाता है, तो चलिए ज्योतिषी से जानते हैं साल 2025 में किस दिन अक्षय तृतीया मनाई जाना उचित है.

खरगोन की पवित्र नगरी मंडलेश्वर निवासी प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित पंकज मेहता बताते हैं कि, हमारे धर्म शास्त्रों में अक्षय तृतीया का अत्यधिक महत्व है. लेकिन इस बार गुड़ी पड़वा की तरह अक्षय तृतीया को लेकर भी यह स्थिति उत्पन्न हुई है कि, 31 मार्च या 01 अप्रैल दोनों में से किस दिन अक्षय तृतीया मनाई जाए और गणगौर पूजन किया जाएं. हालांकि, यह स्थिति पंचांगों में तिथि भेद होने की वजह से निर्मित हुई है.

कब मनाई जाएं अक्षय तृतीया?
बरहाल, शास्त्रीय मान्यताओं को देखे तो अक्षय तृतीया 1 अप्रैल 2025 मंगलवार को मनाई जाना उचित होगा. क्योंकि, तृतीया यद्यपि क्षय है लेकिन, सूर्योदय काल का स्पर्श कर रही है, इसलिए 1 अप्रैल को ही तृतीया मान्य करेंगे. इस दिन अक्षय तृतीया मान्य करने का एक ओर बड़ा कारण यह भी है कि, धर्म शास्त्रों में कहा गया है कि चतुर्थी युक्त तृतीया लेनी चाहिए. तो इस मत को स्वीकार्य करते है तो 1 अप्रैल को ही अक्षय तृतीया मनाई जाएगी और इसी दिन गणगौर पर्व भी मनाया जाएगा.

अक्षय तृतीया का इतना महत्व क्यों?
पंडित पंकज मेहता बताते है कि, अक्षय तृतीया का महत्व इसलिए भी बहुत ज्यादा है कि, ऐसा माना जाता है कि, अक्षय तृतीया का सर्वसिद्ध मुहूर्त के रूप में भी विशेष महत्व है. इसी दिन कोई भी शुभ कार्य करने के लिए विशेष मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती. चाहे विवाह करना, ग्रह प्रवेश करना हो, घर, वाहन, आभूषण आदि खरीदी अक्षय तृतीया के दिन कर सकते है. इसी दिन भगवान विष्णु के अवतार भगवान परशुराम का जन्म दिवस भी माना जाता है.

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इतना Confusion क्यों भाई? ज्योतिषी से जानें कब मनाया जाएगा अक्षय तृतीया?

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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