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इस मंदिर में बच्चे की दी बलि, फिर अचानक हो गया था जीवित! दिन में तीन बार रूप बदलती है माता

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Chaitra Navratri 2025: झांसी के सीपरी में लहर की देवी का मंदिर आस्था और चमत्कार के लिए प्रसिद्ध है. आल्हा ने यहां पुत्र की बलि चढ़ाई थी, जिससे देवी ने उसे जीवित कर दिया. देवी दिनभर में तीन स्वरूप दिखाती हैं.

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एक दिन में तीन रुप दिखाती हैं देवी

हाइलाइट्स

  • झांसी के सीपरी में लहर की देवी का मंदिर आस्था के लिए प्रसिद्ध है.
  • आल्हा ने यहां अपने पुत्र की बलि चढ़ाई थी, जिससे देवी ने उसे जीवित कर दिया.
  • देवी दिनभर में तीन स्वरूप दिखाती हैं: बाल, युवा, और वृद्धावस्था.

Chaitra Navratri 2025: झांसी के सीपरी में स्थित लहर की देवी का मंदिर आस्था और चमत्कार दोनों के लिए मशहूर है. झांसी समेत पूरे बुंदेलखंड के लोगों की इस मंदिर और यहां स्थापित देवी के प्रति सच्ची आस्था है. इस मंदिर के बारे में यह कहानी मशहूर है कि बुंदेलखंड के बड़े लड़ईया यानी आल्हा ने देवी के सामने अपने पुत्र की बलि चढ़ाई थी. इस बलि से जुड़ी एक कहानी प्रचलित है.

आल्हा ने अपने बेटे की दी थी बलि
लहर की देवी मंदिर का निर्माण बुंदेलखंड के शक्तिशाली चंदेल राज के समय हुआ था. मंदिर के महंत ने Bharat.one को बताया कि आल्हा ने लहर की देवी के समक्ष अपने बेटे इंदल की बलि चढ़ा दी थी. लहर की देवी इससे प्रसन्न हो गई थी. बलि चढ़ाने के कुछ देर बाद ही बालक दोबारा जीवित हो गया था. आल्हा ने जिस पत्थर पर अपने पुत्र की बलि दी थी, वह पत्थर आज भी मंदिर में संरक्षित है. इसके बाद से ही यह मान्यता है की लहर की देवी भक्तों के थोड़े से ही प्रयास से खुश हो जाती हैं.

तीन रुप दिखाती हैं देवी

मंदिर के महंत ने बताया कि यह देश का शायद अकेला ऐसा मंदिर है, जहां विराजमान देवी दिनभर में 3 स्वरूपों में दर्शन देती हैं. वह अपनी आंखों से तीनों रूप दिखाती हैं. प्रातःकाल उनके बाल स्वरूप के दर्शन होते हैं. दोपहर में युवावस्था में दर्शन देती हैं और शाम को भक्तों को वृद्धावस्था स्वरूप के दर्शन होते हैं. कालांतर में पहुंच नदी का पानी मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचता था, इसलिए इन देवी का नाम लहर की देवी पड़ गया. नवरात्रि में बड़ी संख्या में भक्त यहां दर्शन करने के लिए आते हैं.

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इस मंदिर में बच्चे की दी बलि, फिर अचानक हो गया था जीवित, जानें मान्यता

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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