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इस संत को भगवान की तरह पूजते हैं लोग, अपने तप से किसानों को उबारने का किया था काम, हर वर्ष यहां लगता है मेला

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Jaipur Triveni Dham Sant Gangadas Maharaj: राजस्थान के जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर शाहपुरा के निकट अरावली पर्वत श्रृंखला के बीच त्रिवेणी धाम मौजूद है. यह स्थान राजस्थान के महान संत गंगादास महाराज की तपोस्थली के…और पढ़ें

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महाराज

महाराज की आराधना के बाद नहीं हुई ओलावृष्टि 

हाइलाइट्स

  • त्रिवेणी धाम में 200 साल से बाबा गंगादास मेले का आयोजन होता है.
  • गंगादास महाराज ने तप से किसानों को ओलावृष्टि से बचाया.
  • जानकीनाथ मंदिर में गंगादास महाराज का समाधि स्थल है.

जयपुर. राजस्थान के जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर शाहपुरा के निकट अरावली पर्वत श्रृंखला के बीच त्रिवेणी धाम मौजूद है. यहां तीन नदियों के संगम होने के कारण इस जगह को त्रिवेणी कहा जाता है. हालांकि यह तीनों नदियां बरसाती हैं, केवल बारिश के समय ही यहां पर तीनों नदियों का संगम बनता है. यह जगह अनेकों महान संतों की तपस्थली है. कई महान संतो ने यहां तपस्या की थी.

यहां पर भगवान जानकी नाथ का बहुत विशाल और सुंदर मंदिर मौजूद है. यह जगह राजस्थान के महान संत गंगादास महाराज की तपोस्थली के लिए भी प्रसिद्ध है. गंगा दास महाराज राजस्थान के बड़े संतो में से एक थे. इन्होंने त्रिवेणी धाम में समाधि ली थी. स्थानीय लोगों के अनुसार महाराज ने अपने भक्तों के लिए कई चमत्कार भी किए थे. त्रिवेणी धाम में करीब 200 साल से लगातार बाबा गंगादास मेले का भी आयोजन होता आ रहा है.

महाराज की आराधना के बाद नहीं हुई ओलावृष्टि

स्थानीय किंवदंती के अनुसार त्रिवेणी धाम के आस-पास के गांव में रबी की फसल की पकाई के समय ओलावृष्टि के कारण फसल खराब हो जाती थी और किसानों के हाथ कुछ नहीं लगता था. अधिकांश लोग खेती पर ही निर्भर थे. पूरे सीजन मेहनत करने के बाद उनके हाथ में कुछ नहीं लगता था. इससे परेशान होकर किसान बाबा गंगादास के गए और अपनी पीड़ा सुनाई. इसके बाद गंगा दास महाराज ने तप किया. इसके बाद से आज तक क्षेत्र में ओलावृष्टि का प्रभाव नहीं देखा गया. इसी चमत्कार की याद में आस-पास के 70 से ज्यादा गांवों ने बाबा गंगादास मेले का आयोजन शुरू किया, जो आज भी चल रहा है.

भक्तों की मनोकामना होती है पूरी

जानकीनाथ मंदिर में गंगा दास महाराज का समाधि स्थल भी मौजूद है. यहां रोजाना सुबह और शाम संतो द्वारा रामायण का पाठ किया जाता है. इस मंदिर में रोजाना हजारों भक्त आते है. मंदिर को लेकर मान्यता है कि जो भी भक्त जानकीनाथ के दर्शन करने के बाद गंगा दास महाराज का समाधि में पूजा-अर्चना कर भगवान श्री कृष्ण का जाप करता है तो उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती है.

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राजस्थान में इस संत को भगवान की तरह पूजते हैं लोग, यहां हर वर्ष लगता है मेला

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