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Golu Devta Temple: गोलू देवता को न्याय का देवता माना जाता है. भक्तों का मानना है कि वे न्याय के देवता हैं और उनकी पूजा करने से इंसाफ जरूर मिलता है. जो लोग यहां स्वयं नहीं आ सकते वे अपनी चिट्ठियों के माध्यम से अ…और पढ़ें
गोलू देवता का मंदिर
हाइलाइट्स
- गोलू देवता का मंदिर उत्तराखंड में स्थित है.
- भक्त चिट्ठियों के माध्यम से फरियाद भेजते हैं.
- मनोकामना पूरी होने पर भक्त घंटी चढ़ाते हैं.
Golu Devta Temple: गोलू देवता का मंदिर उत्तराखंड में स्थित है. गोलू देवता को न्याय के देवता माना जाता है जो लोगों को सच्चा न्याय दिलाते हैं. इस मंदिर को घंटियों वाला मंदिर भी कहा जाता है क्योंकि यहां लाखों की संख्या में घंटियां टंगी हुई हैं. ऐसा माना जाता है कि उनकी अदालत में बिना किसी वकील और जज के हर किसी को न्याय मिलता है. आज भी कई गांवों में गोलू दरबार की परंपरा जारी है जहां भक्तों का मानना है कि गोलू देवता खुद प्रकट होकर उनकी समस्याओं का समाधान करते हैं. आइए जानते हैं इस मंदिर से जुड़ी मान्यताएं.
गोलू देवता का अनोखा दरबार
जो लोग यहां स्वयं नहीं आ सकते वे अपनी चिट्ठियों के माध्यम से अपनी फरियाद भेजते हैं. ये चिट्ठियां मंदिर में रखी जाती हैं और जब किसी की मनोकामना पूरी होती है तो वह श्रद्धालु यहां घंटी चढ़ाकर धन्यवाद अर्पित करता है. यही कारण है कि मंदिर में हर जगह घंटियां ही घंटियां देखने को मिलती हैं.
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कैसे पूरी होती है मनोकामना?
यहां लोग कागज़ों पर अपनी अर्जी लिखकर गोलू देवता के सामने रखते हैं और जब उनकी मनोकामना पूरी होती है, तो वे घंटी चढ़ाकर अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं. यह भारत का एकमात्र मंदिर है, जहां इस तरह से न्याय की परंपरा चली आ रही है. गोलू देवता को भगवान शिव का अवतार माना जाता है.

















