Home Uncategorized एक छोटा सा रुद्राक्ष लाएगा जीवन में शांति! बस जान लीजिए आपको...

एक छोटा सा रुद्राक्ष लाएगा जीवन में शांति! बस जान लीजिए आपको कितने मुखी पहनना चाहिए

0
7



Last Updated:

Rudraksha Benefits: रुद्राक्ष पहनने से मानसिक शांति, स्वास्थ्य में सुधार और व्यापार में उन्नति होती है. रुद्राक्ष के 21 प्रकार होते हैं, जिनमें एकमुखी रुद्राक्ष सबसे दुर्लभ माना जाता है. यह विशेष रूप से मानसिक शांति और ग्रह दोष दूर करने के लिए पहना जाता…और पढ़ें

तेलंगाना: रुद्राक्ष को भगवान शिव से संबंधित माना जाता है. कहा जाता है कि शिवजी की आंखों से गिरे आंसू धरती पर गिरकर पौधे बने और फिर वृक्षों में बदल गए. इन वृक्षों के फल को रुद्राक्ष कहा जाता है. हिंदू धर्म में रुद्राक्ष को बहुत पवित्र और शक्तिशाली माना जाता है. पुराणों के अनुसार, ऋषि, मनुष्य, देवता और राक्षस भी इन्हें धारण करते थे, तो चलिए इसके बारे में सबकुछ जानते हैं…

रुद्राक्ष के प्रकार
वरंगल शहर के हरित काकतीय होटल में आयोजित रुद्राक्ष प्रदर्शनी के आयोजक दुर्गा प्रसाद ने बताया कि रुद्राक्ष के 21 प्रकार होते हैं. इनमें शामिल हैं:

एकमुखी, द्विमुखी, त्रिमुखी, चतुर्मुखी
पंचमुखी, षण्मुखी, सप्तमुखी, अष्टमुखी
नवमुखी, दशमुखी, एकादशमुखी, द्वादशमुखी
त्रयोदशमुखी, चतुर्दशमुखी, पंचदशमुखी
षोडशमुखी, सप्तदशमुखी, अष्टदशमुखी
नवदशमुखी, विशति मुखी, और एकविंशति मुखी

रुद्राक्ष पहनने के फायदे
बता दें कि रुद्राक्ष पहनने से मानसिक शांति (Peace of mind,), व्यापार में उन्नति (growth in business) और स्वास्थ्य में लाभ होता है. रुद्राक्ष के सबसे दुर्लभ प्रकार एकमुखी रुद्राक्ष को पहनने से विशेष लाभ होते हैं. इसलिए लोग इसे पहनने में रुचि दिखाते हैं. एकमुखी रुद्राक्ष पहनने से मानसिक शांति मिलती है, स्वास्थ्य में सुधार होता है और वास्तु दोष तथा ग्रह दोष भी दूर होते हैं.

किसे पहनना चाहिए कौन सा रुद्राक्ष?
-त्रिमुखी रुद्राक्ष पहनने से परिवार में खुशहाली बनी रहती है.
-पंचमुखी रुद्राक्ष को कोई भी धारण कर सकता है, इसका जातक से कोई संबंध नहीं होता. यह रुद्राक्ष सामान्यतः कई जगहों पर मिल जाता है.
-हर रुद्राक्ष की अपनी विशेषता होती है, और इसे पहनने वालों को कुछ नियमों का पालन करना चाहिए.

मकर संक्रांति पर किन नक्षत्रों को होगा लाभ और किसे होगी हानि? महाराष्ट्र के प्रसिद्ध पंडित से जानिए

रुद्राक्ष पहनने के नियम
-रुद्राक्ष को हमेशा साफ रखना चाहिए.
-रात में सोने से पहले रुद्राक्ष उतार देना चाहिए.
-रुद्राक्ष पहनकर शराब और मांसाहार का सेवन नहीं करना चाहिए.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here