Home Uncategorized ओम बन्ना धाम का मन्नत वाला पवित्र पेड़! धागा बांधने से पूरी...

ओम बन्ना धाम का मन्नत वाला पवित्र पेड़! धागा बांधने से पूरी होती है हर मनोकामना, जानिए इसका रहस्य

0
2


पाली. कहते हैं अगर मन में श्रद्धा, विश्वास और भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण हो, तो हर मनोकामना पूरी होती है. राजस्थान के पाली जिले के छोटे से गांव चोटिला में ऐसा ही एक चमत्कारिक स्थान है, जहां एक पेड़ पर धागा बांधने मात्र से मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता है. यही कारण है कि यहां दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और इस पेड़ पर धागा बांधना नहीं भूलते. यह स्थान कोई और नहीं, बल्कि विश्व प्रसिद्ध ओम बन्ना जी का धाम है, जो पाली और जोधपुर के बीच हाईवे पर स्थित है.

इस हाईवे से गुजरने वाला लगभग हर वाहन चालक यहां रुककर दर्शन करता है या फिर कम से कम एक पल के लिए हाथ जोड़कर हॉर्न बजाकर निकलता है. हालांकि ओम बन्ना मंदिर के बारे में तो लोग जानते हैं, लेकिन यहां मौजूद इस चमत्कारिक पेड़ के बारे में कम ही लोगों को जानकारी है, जिसे भक्त मनोकामनाएं पूरी करने वाला मानते हैं. नागौर से आए दोस्तों के एक समूह ने बताया कि वे पहले भी इस पेड़ पर धागा बांध चुके हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी होने के बाद ही दोबारा यहां आए हैं. श्रद्धालुओं का कहना है कि यह सब आस्था और विश्वास का प्रतीक है.

जब मन्नत पूरी हुई तो फिर उसी पेड़ पर आए धागा बांधने

नागौर से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि ओम बन्ना जी के दर्शन करने और इस पेड़ पर धागा बांधने से हर मनोकामना पूरी होती है. देश-विदेश से लोग यहां आते हैं, दर्शन करते हैं और धागा बांधते हैं, जिससे उनके दुख दूर हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि वे पहले भी यहां आए थे और उनकी मन्नत पूरी हुई, इसलिए एक बार फिर उसी पेड़ पर धागा बांधने पहुंचे हैं. श्रद्धालुओं ने यह भी बताया कि मान्यता है कि यदि कोई इस हाईवे से गुजरता है, तो उसे यहां रुकना या कम से कम हॉर्न बजाकर निकलना जरूरी होता है.

कौन थे ओम बन्ना और कैसे बने आस्था के प्रतीक

ओम सिंह राठौड़, जिन्हें प्यार से ओम बन्ना कहा जाता था, पाली के रहने वाले एक साधारण राजपूत युवक थे. कहानी शुरू होती है वर्ष 1988 से, जब ओम बन्ना अपनी बुलेट मोटरसाइकिल से यात्रा कर रहे थे. इसी दौरान पाली शहर के पास चोटिला गांव के नजदीक एक दर्दनाक दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई. इसके बाद लगातार घट रही घटनाओं को लोगों ने चमत्कार माना और धीरे-धीरे लोगों की आस्था गहराती चली गई. अंततः पुलिस ने उस बुलेट बाइक को उसी स्थान पर स्थापित कर दिया, जहां बाद में ओम बन्ना का मंदिर बना, जिसे आज बुलेट बाबा के नाम से जाना जाता है. स्थानीय लोगों का मानना है कि ओम बन्ना अपनी बुलेट बाइक के साथ अब इस हाईवे से गुजरने वाले यात्रियों को बुरी शक्तियों और सड़क दुर्घटनाओं से बचाते हैं. मंदिर बनने के बाद से इस क्षेत्र में सड़क हादसों में कमी आने का दावा भी किया जाता है.

बाइक पूजा का भी है अनोखा किस्सा

दुर्घटना के बाद पुलिस ने ओम बन्ना की बुलेट बाइक को थाने ले जाकर जब्त कर लिया था. लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसे आज भी लोग दैवीय चमत्कार मानते हैं. बताया जाता है कि बाइक बार-बार रहस्यमय तरीके से थाने से गायब हो जाती और हमेशा उसी दुर्घटनास्थल पर खड़ी मिलती थी. पुलिस ने बाइक को मोटी चेन और ताले से बांधकर रखने की कोशिश भी की, लेकिन हर बार वह बाइक थाने से गायब होकर ओम बन्ना के दुर्घटना स्थल पर ही मिलती थी. इसी घटना के बाद इस स्थान को आस्था का केंद्र माना जाने लगा.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here