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कब से शुरू हो रहा है मार्गशीर्ष का महीना, भगवान श्रीकृष्ण से है खास कनेक्शन, अयोध्या के ज्योतिषी से जानें महत्व

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अयोध्या: सनातक धर्म के साल के सभी 12 महीनों का विशेष महत्व माना जाता है. प्रत्येक माह किसी न किसी देवी देवता को समर्पित होता है. हिंदू धर्म में मार्गशीर्ष का माह यानी कि अगहन मास भी काफी महत्वपूर्ण होता है. हिंदू पंचांग के अनुसार यह हिंदी का 9वां महीना माना जाता है. इस महीने शंख पूजा का विशेष महत्व भी बताया गया है. यह महीना मांगलिक कार्य के हिसाब से बेहद अच्छा भी रहता है. धार्मिक मान्यता के मुताबिक भगवान श्री कृष्ण को मार्गशीर्ष का माह बेहद प्रिय होता है. इस महीने कान्हा जी की उपासना करने से जन्म मरण के बंधन से मुक्ति भी मिलती है. स्वर्ग में स्थान प्राप्त होता है, तो चलिए आज हम आपको इस रिपोर्ट में बताते हैं कि कब से शुरू हो रहा मार्गशीर्ष का माह, क्या हैं इसके नियम और महत्व.

दरअसल अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि कार्तिक माह का आज समापन हो चुका है और मार्गशीर्ष माह की शुरुआत 16 नवंबर से शुरू हो रही है. जिसका समापन अगले महीने 15 दिसंबर को होगा. मार्गशीर्ष माह के पहले दिन वृश्चिक संक्रांति भी है, इस दिन सूर्य, वृश्चिक राशि में प्रवेश भी करेंगे. मार्गशीर्ष का माह भगवान श्री कृष्ण की पूजा आराधना के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. कहा जाता है कि  इस महीने में जप तप और ध्यान करने से सभी तरह के बिगड़े कार्य बन जाते हैं. इस महीने  कान्हा के मंत्रों का जाप करने से सभी तरह की मनोकामना भी पूरी होती है .

मार्गशीर्ष माह में भगवान श्री कृष्ण की विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना करनी चाहिए. विष्णु सहस्त्रनाम भागवत गीता का पाठ करना चाहिए. ऐसा करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है. साथ ही जीवन में सुख का वास रहता है. मार्गशीर्ष महीने में शंख की पूजा आराधना का भी विधान है. पवित्र नदी का जल इसमें डालकर पूजा के स्थान पर रखना चाहिए. उसके बाद इसी जल को पूरे घर में छिड़काव करना चाहिए. ऐसा करने से घर की सुख समृद्धि में वृद्धि होती है.

इसके अलावा संतान प्राप्ति अथवा सुखी जीवन के लिए मार्गशीर्ष माह में भगवान श्री कृष्ण की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने के बाद पूजा आराधना करनी चाहिए और शाम को उनकी वंदना करनी चाहिए, फिर दीपक जलाना चाहिए. ऐसा करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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