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कहीं दो चट्टानों के बीच विराजमान, तो कहीं शिव के रुद्रावतार के रूप में देते दर्शन, ये हैं देवघर के टॉप-5 हनुमान मंदिर

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Deoghar Top-5 Hanuman Mandir: देवघर केवल बैद्यनाथ मंदिर के लिए ही नहीं, बल्कि संकट मोचक हनुमान जी के मंदिरों के लिए भी प्रसिद्ध है. ये मंदिरें अपनी अनोखी आस्था और दिव्यता के लिए प्रसिद्ध हैं. कहीं हनुमान जी स्वयंभू रूप में, तो कहीं शिव के रुद्रावतार के रूप में दर्शन देते हैं. भक्तों का मानना है कि इन धामों के दर्शन मात्र से ही संकट दूर होते हैं और मन को अद्भुत शांति मिलती है.

जो भी भक्त हनुमान जी की पूजा आराधना करता उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है

भगवान हनुमान जी को कलयुग का देवता भी कहा जाता है. शास्त्र के अनुसार कलयुग में जो भी भक्त विधि विधान और सच्चे मन से हनुमान जी की पूजा आराधना करता है. उसकी मनोकामनाएं भगवान हनुमान जी की कृपा से अवश्य पूर्ण होती हैं. शनिवार और मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है.

हनुमान जी की कृपा से सारे संकट समाप्त हो जाता है

शास्त्र के अनुसार कहते हैं कि जिस भी भक्त पर हनुमान जी की कृपा हो जाती है, उसके मन से अचानक डर समाप्त हो जाता है और उसमें आत्मविश्वास बढ़ जाता है. भय, चिंता और अनिश्चितता दूर हो जाती है. मन स्थिर एवं प्रसन्न रहने लगता है. हनुमान जी की कृपा से व्यक्ति के शरीर में अद्भुत ऊर्जा और आत्मबल का संचार होता है.

देवघर के पांच हनुमान मंदिर जहाँ दर्शन मात्र से होती है मनोकामना पूर्ण

वैसे तो अपने कई हनुमान मंदिर की दर्शन किए होंगे, लेकिन आज हम आपको देवघर के पांच ऐसे हनुमान मंदिर के बारे में बताने वाले हैं, जिसके दर्शन मात्र से ही सारे संकट, दुख, पाप समाप्त हो जाते हैं और जीवन में सुख समृद्धि की वृद्धि होती है.

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आरजोरी का भगवान हनुमान मंदिर

देवघर जिले के आराजोरी गांव का हनुमान मंदिर अपनी अद्वितीय प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है. जहां बजरंगबली ने एक कंधे पर राम और दूसरे पर लक्ष्मण को विराजमान किया है. यह मंदिर जीवन की परेशानियों से राहत और मानसिक शांति के लिए विख्यात है. यहां बेसन के लड्डू चढ़ाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने और शाम की आरती देखने की सलाह दी जाती है.

देवघर के सबसे प्रचलित हनुमान मंदिर जहाँ दो पत्थर मे है आकृति बनी

देवघर मुख्यालय से 10 किमी दूर तपोवन स्थित हनुमान मंदिर की अपनी अलग पहचान है. मान्यता है कि रावण की तपस्या भंग करने के लिए हनुमान जी ने पहाड़ को बीचो-बीच फाड़कर यहां दर्शन दिए थे. आज भी फटे पहाड़ पर उनकी आकृति दिखाई देती है और माना जाता है कि यहाँ मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है.

देवघर का एक मात्र पंचमुखी मंदिर

देवघर के बायपास रोड स्थित श्री बैद्यनाथ पंचमुखी हनुमान मंदिर एकमात्र पंचमुखी हनुमान मंदिर है, जिनके पांच मुख पांच शक्तियों का प्रतीक हैं. यह दुर्लभ स्वरूप अत्यंत पूजनीय है. स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां दर्शन करने से मानसिक शांति मिलती है और भक्तों के संकटों से मुक्ति मिलती है. सुबह-शाम आरती के समय यहां भक्तों की भीड़ रहती है.

बैद्यनाथ मंदिर मे विराजमान हनुमान मंदिर जो भगवान शिव के रुद्रावतार के रूप मे है स्थित

बाबा बैद्यनाथ मंदिर प्रांगण स्थित भगवान शिव के रुद्रावतार हनुमान जी के मंदिर का विशेष महत्व है. यहां भक्त घंटों कतार में लगकर पूजा करते हैं, जिससे हर संकट समाप्त होता है. मंदिर की दीवारों पर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड लिखे हैं और यहां बजरंगबली के साथ कई देवी-देवता भी विराजमान हैं.

देवघर का सबसे पुराना हनुमान मंदिर

देवघर के झोसागढ़ी में स्थित महावीर हनुमान जी मंदिर अपनी भव्यता और आस्था के लिए प्रसिद्ध है, जहां प्रतिदिन सैंकड़ों लोग दर्शन के लिए आते हैं. यह देवघर के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है, जिसकी स्थापना 1891 में हुई थी. भक्तों का दृढ़ विश्वास है कि यहां सच्चे मन से प्रार्थना करने पर हनुमान जी हर मुश्किल को आसान कर देते हैं.

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देवघर टॉप हनुमान मंदिरःकहीं दो चट्टानों के बीच तो कहीं रुद्रावतार रूप का दर्शन

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