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कौन थी वो रहस्यमय महिला, जिसे यीशु मसीह की सीक्रेट वाइफ कहा जाता है

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हालांकि पारंपरिक ईसाई मान्यताएं कहती हैं कि यीशु ताजिंदगी अविवाहित रहे. लेकिन कुछ हालिया किताबों में दावा किया गया है कि उनकी शिष्या कही जाने वाली मैरी मैग्डलीन उनकी “सीक्रेट वाइफ” थीं. “द डा विंची कोड” जैसी किताबों ने इस विचार को लोकप्रिय बनाया कि मैरी यीशु की पत्नी थीं और उनकी दो संतानें भी थीं. जानते हैं कि इसके बारे में क्या कहा गया है.

मैरी मैग्डलीन को यीशु मसीह की “सीक्रेट वाइफ” कहा जाता है. कुछ प्राचीन ग्नोस्टिक ग्रंथों जैसे गॉस्पेल ऑफ मैरी और गॉस्पेल ऑफ फिलिप में मैरी को यीशु की सबसे करीबी शिष्या बताया गया है, जहां उनके अंतरंग संबंधों का संकेत मिलता है, जैसे यीशु का उन्हें चूमना. आधुनिक किताबें जैसे “दा विंची कोड” और “द लॉस्ट गॉस्पेल” ने दावा किया कि वे विवाहित थे और उनके बच्चे भी थे, हालांकि बाइबल में इसका कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं.

कौन थीं मैरी मैग्डलेन. उसे बाइबल की सबसे रहस्यमय स्त्री माना जाता है. पिछले कुछ दशकों में क्राइस्ट और मैरी मैग्डलेन के संबंधों पर खूब लिखा गया है. किताबें प्रकाशित हुई हैं. फिल्में बनी हैं. जिसमे ये कहा गया है कि दरअसर मैरी वो शख्स थीं, जो यीशु मसीह की सबसे करीबी शिष्य थीं. हमेशा उनके साथ होती थीं. दोनों में बहुत अंतरंग रिश्ता था. दा विंची कोड तो कहती है कि मैग्डलेन केवल क्राइस्ट की शिष्या नहीं बल्कि बीवी और कई बच्चों की मां भी थीं.

मैरी मैग्डलेन को यीशु के शुरुआती अनुयायियों में एक माना जाता है. बाइबल कहती है, वह लगातार उनके साथ रही. उसने उनके साथ यात्राएं कीं. उन्हें सूली पर चढ़ते देखा और उनकी सबसे करीबी रही. सदियों से चर्च के लोगों और विद्वानों से लेकर उपन्यासकारों और फिल्म निर्माताओं तक सभी ने मैरी मैग्डलेन की कहानी को अपने अपने तरीके से लिखा और दिखाया.

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शुरुआती ईसाई ग्रंथों में मैरी मैग्डलेन को केवल एक अनुयायी नहीं, बल्कि यीशु की भरोसेमंद साथी के रूप में दिखाया गया – इसी वजह से उसे उनकी पत्नी भी माना गया. वैसे मैरी मैगडलेन बाइबल की सबसे रहस्यमयी महिला जरूर है.

बाइबल के न्यू टेस्टामेंट की किताबों ने यीशु के सूली पर चढ़ने के समय मैरी मैग्डलेन की मौजूदगी का उल्लेख किया. इसके अनुसार मैरी यीशु और उनके 12 शिष्यों के साथ यात्रा करती थीं. दरअसल मैरी जिस जगह से आईं थीं, उसका नाम मैग्डेला था, जो अब उत्तरी इजरायल में है. इसी वजह से उन्हें मैरी मैग्डलेन कहा जाने लगा. मैरी का नाम गॉस्पेल में भी था.

यीशु के क्रूस पर चढ़ने के बाद उनके पुरुष शिष्य तो भाग गए लेकिन मैरी लगातार वहां जाती रहीं. उन्होंने ही लोगों को ये बताया कि यीशु दोबारा जिंदा हो गए. केवल मैरी ही थीं, जिन्हें जीवित होने के बाद यीशु ना केवल नजर आए बल्कि उनसे मिले भी. कहा जाता है कि क्राइस्ट ने उन्हें इतना ताकतवर बना दिया था कि बाद में कुछ पुरुष इससे असहज हो गए और उन्हें हल्का करने की कोशिश की. इसी वजह से उन्हें वेश्या तक बता दिया गया.

हालांकि अगर कुछ ने मैरी को कम करने की कोशिश की तो कुछ उनके कद को बढ़ाने की भी. दूसरी शताब्दी के एक पाठ द गॉस्पेल ऑफ मैरी में मैरी मैग्डलेन को ज्ञान और प्रभाव में यीशु के पुरुष शिष्यों से ऊपर रखा गया. वह यीशु मसीह के साथ कई चित्रों में नजर भी आती हैं. ये दावा किया जाता है कि यीशु अपने सभी शिष्यों में मैरी को सबसे ज्यादा प्यार करते थे.

गॉस्पेल के ही एक ग्रंथ फिलिप के सुसमाचार में लिखा गया, यीशु मैरी को “अक्सर उसके…पर” चूमते थे. हालांकि पाठ के क्षतिग्रस्त होने से ये शब्द गायब हो गया तो कुछ लोगों ने इसे मुंह के तौर पर उल्लेखित किया.हालांकि बाइबल ये संकेत नहीं देती कि मैरी मैग्डलेन यीशु की पत्नी थी. मैरी मैग्डलेन को रोमन कैथोलिक, एंग्लिकन और लूथरन चर्च संत मानते हैं.

2003 में जब डान ब्राउन की सबसे ज्यादा बिकने वाली थ्रिलर बुक द दा विंची कोड की कहानी जीसस और मैरी मैग्डलेन पर ही क्रेंद्रित थी. जिसमें कहा गया कि दोनों के बच्चे भी थे. फिर 2012 में, हार्वर्ड डिविनिटी स्कूल के प्रोफेसर करेन किंग का मानना ​​​​था कि शुरुआती बाइबल से संबंधित ग्रंथों में यीशु ने मैरी मैग्डलेन को “मेरी पत्नी” कहा था. हालांकि ये कहने पर करेन किंग की बहुत आलोचना हुई तो उन्होंने अपना रुख बदल दिया.

ये भी कहा गया कि मैरी यीशु के सारे रहस्यों को जानती थी. इसे लेकर बाद में कई फिल्में भी बनीं. दरअसल इस पूरे मामले पर चर्चाएं तब शुरू हुईं जबकि प्रारंभिक ईसाई ग्रंथों का एक संग्रह, ग्नोस्टिक गॉस्पेल , 1945 में उत्तरी मिस्र के नाग हम्मादी शहर के पास खोजा गया. कई विद्वानों का तर्क है कि खोजे गए ये ग्रंथ वास्तव में बाइबिल के पूरक हैं. करीब 52 सुसमाचार ग्रंथ एक सीलबंद जार में पाए गए, जिन्हें 13 चमड़े से बंधे बंडल (पीपरस) में एकत्र किया गया था, जिसे ‘नाग हम्मादी पुस्तकालय’ कहा जाता था.

मैरी के सुसमाचार के अनुसार, यह मैरी मैग्डलेन ही थीं जो अन्य शिष्यों की तुलना में यीशु के मन को अधिक जानती थीं. गॉस्पेल लिखने वाले ग्नोस्टिक्स का स्पष्ट रूप से मानना ​​था कि यीशु और मैरी मैग्डलीन ने एक रिश्ता साझा किया था जो अन्य शिष्यों के साथ उससे भी आगे चला गया था.

गॉस्पेल पर आज भी व्यापक रूप से बहस होती है और इन्हें मिस्र के काहिरा में कॉप्टिक संग्रहालय में रखा जाता है – जो दुनिया में मिस्र की ईसाई कलाकृतियों के सबसे बड़े संग्रह का घर है. 

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बाइबल के न्यू टेस्टामेंट में मैरी मैग्डलीन यीशु के क्रूस पर चढ़ने और पुनरुत्थान की पहली साक्षी थीं, जो उनकी निकटता के बारे में बताता है. डान ब्रान के उपन्यास “दा विंची कोड” में दावा किया गया कि यीशु का वंश आज तक संरक्षित है. इसे होली ग्रेल कहा जाता है, इन लोगों को यीशु का रक्त वंश कहा जाता है. किताब कहती है कि “द लास्ट सपर” पेंटिंग में यीशु के बगल में मैरी मैग्डलीन को छिपाकर दिखाया गया है. हालांकि इन दावों पर बहुत विवाद भी हुआ.

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कौन थी वो रहस्यमय महिला, जिसे यीशु मसीह की ‘सीक्रेट वाइफ’ कहा जाता है

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