
हरिद्वार: धार्मिक ग्रंथो में हिंदू कैलेंडर के पौष मास यानी खरमास में मांगलिक कार्य करने वर्जित बताए गए हैं. इस माह में मांगलिक कार्य विवाह (शादी), गृह प्रवेश, नामकरण आदि सभी के करने पर रोक होती है लेकिन पौष मास की अमावस्या का बहुत अधिक महत्व बताया गया है. ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक पौष मास में सूर्य देव का प्रकाश मंद होने के कारण मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है. आम भाषा में कहें तो सूर्य के कमजोर होने पर मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं जिन्हें करने पर दोष लगता है. सूर्य देव को कुंडली में मजबूत करने के ज्योतिष शास्त्र में बहुत से उपाय बताए गए हैं जिन्हें विधि विधान से करने पर कई गुना फल प्राप्त होता है.
अमावस्या का है विशेष महत्व
पौष मास की अमावस्या के महत्व और सूर्य को मजबूत करने की जानकारी Bharat.one के साथ साझा करते हुए हरिद्वार के ज्योतिषी पंडित श्रीधर शास्त्री ने कहा कि हिंदू धर्म में पौष मास की अमावस्या का विशेष महत्व है. इस माह में सूर्य को मजबूत करने के बहुत से उपाय हैं. अमावस्या पर पितरों के निमित्त धार्मिक अनुष्ठान और सूर्य के बीज मंत्र, वैदिक मंत्रों का जाप करने के साथ ही गरीब जरूरतमंदों को दान करने का महत्व होता है.
इन उपाय से होगा शुभ फल प्राप्त
अमावस्या पर सूर्य देव के बीज मंत्र ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः। और वैदिक मंत्र ऊँ आकृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यण्च। हिरण्य़येन सविता रथेन देवो याति भुवनानि पश्यन ।। सूर्य देव गायत्री मंत्र ऊँ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्न: सूर्य: प्रचोदयात।। का जाप करने से कई गुना फल की प्राप्ति होती है. वे आगे बताते हैं कि पौष मास की अमावस्या 30 दिसंबर को होगी.
इन चीजों का करें दान
इस दिन सूर्य देव के निमित्त गरीब जरूरतमंदों को लाल रंग की वस्तु, लाल रंग के वस्त्र, लाल रंग का मिष्ठान, लाल रंग के फल आदि दान देने से अमावस्या का कई गुना फल प्राप्त होगा. पौष अमावस्या पर सूर्य देव के मंत्रों का जाप और दान करने से सूर्य देव कुंडली में मजबूत होकर शुभ फल प्रदान करते हैं जिससे जीवन में चल रही सभी समस्याएं खत्म हो जाती हैं.
FIRST PUBLISHED : December 18, 2024, 08:30 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

















