Home Uncategorized चरणामृत का क्या है महत्व? फायदे जान हो जाएंगे हैरान, उज्जैन के...

चरणामृत का क्या है महत्व? फायदे जान हो जाएंगे हैरान, उज्जैन के पंडित से जानें पीने के लाभ

0
17


उज्जैन. हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान भगवान को भोग में प्रसाद चढ़ाने का विशेष महत्व होता है. अलग-अलग देवी-देवताओं को खास भोग प्रिय हैं. उसी अनुसार लोग प्रसाद तैयार करते हैं. इसी तरह चरणामृत भी है. चरणामृत को धार्मिक दृष्टि से काफी पवित्र माना जाता है. श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा से चरणामृत को सिर से लगाकर ग्रहण करते हैं.क्योंकि इसे भगवान के चरणों का प्रसाद यानी चरणों का अमृत माना जाता है.चरणामृत को पीने से पहले कई नियम भी जान लेना चाहिए. आइए जानते हैं उज्जैन के पंडित आनंद भारद्वाज से चरणामृत पीने के लाभ व नियम.

अमृतमयी होता है चरणामृत
शास्त्रों के अनुसार यह कहा गया है. कि चरणामृत अमृतमयी है चरणामृतचरणामृत यानी कि प्रभु के चरणों का अमृत. इसे पीने से समस्‍त पापों का नाश होता है. शास्‍त्रों में इसका बखान इस तरह मिलता है कि ‘अकालमृत्युहरणं सर्वव्याधिविनाशनम्। विष्णो पादोदकं पीत्वा पुनर्जन्म न विद्यते।’ यानी कि यह एक ऐसा अमृत है, जिसे पीने से मनुष्‍य को अकाल मृत्‍यु का भय नहीं रहता.यह सभी पापों का नाश कर देता है. साथ ही भगवान विष्‍णु के चरणों को धोने वाले जल को पीने से व्‍यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है.

चरणामृत बनाने की विधि
चरणामृत बनाने के लिए तांबे के बर्तन में तुलसी पत्ता, तिल व अन्य औषधीय तत्व मिलाकर मंदिर में रख दें. आपका चरणामृत तैयार है. इसमें कई तरह के औषधीय गुण शामिल होते हैं. पंचामृत बनाने के बाद उसमें तुलसी और गंगाजल डालना चाहिए. और अगर आपके घर में शालिग्राम मौजूद हैं, तो उन्हें पंचामृत से स्नान जरूर कराना चाहिए.

भूल से भी ना करे यह गलती
मान्यता है कि चरणामृत लेने के बाद भूलकर भी उस हाथ को सिर पर नहीं फेरना चाहिए. ऐसा करने से नकारात्मक असर होता है. इसके साथ ही, बता दें कि चरणामृत हमेशा दाएं हाथ में लें. साथ ही चरणामृत को शांत चित्त से ग्रहण करें. चरणामृत को शास्त्रों मे भगवान का प्रसाद बताया गया है. इसका गलती से भी अनादर नहीं करना चाहिए.

FIRST PUBLISHED : September 12, 2024, 14:29 IST

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here