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Rules For Wearing Silver Bracelet : ज्योतिष शास्त्र में चांदी को चंद्रमा से जुड़ा शुभ धातु माना गया है. चांदी का कड़ा, अंगूठी और माला सही विधि और सही दिन पहनने से मानसिक शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि में वृद्धि होती है. पुरुषों और महिलाओं के लिए इसे धारण करने के अलग-अलग नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं.

दरअसल, ज्योतिष शास्त्र में चांदी का विशेष महत्व माना गया है, क्योंकि इसका संबंध मुख्य रूप से चंद्र ग्रह से होता है. चंद्रमा को मन, भावनाओं, माता, मानसिक शांति और तरल तत्वों का कारक ग्रह माना जाता है. ऐसे में चांदी की अंगूठी, कड़ा या चेन पहनना शुभ माना जाता है. विशेष रूप से चांदी का कड़ा धारण करना ज्योतिष के अनुसार सकारात्मक प्रभाव देता है और इससे कई लाभ प्राप्त होते हैं.

अक्सर आपने देखा होगा कि बच्चों के हाथों में चांदी के कड़े पहनाए जाते हैं. चांदी का कड़ा शरीर की ऊर्जा को संतुलित करता है और उन्हें ऊर्जावान बनाए रखता है स्वास्थ्य के लिहाज से हाथ में धारण करने से यह फायदेमंद होता है जबकि धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है.

अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम के अनुसार, ज्योतिष शास्त्र में चांदी का संबंध चंद्रमा और शुक्र ग्रह से माना गया है, ऐसे में हाथ में चांदी का कड़ा पहनने से इन दोनों ग्रहों की अशुभ स्थिति शांत होती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं. चंद्रमा का प्रभाव मन और स्वास्थ्य पर अनुकूल पड़ता है, जबकि शुक्र देवता सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं. मान्यता है कि चांदी का कड़ा धारण करने से कुंडली के कई दोष भी कम होते हैं.
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चांदी का कड़ा धारण करने से धन की देवी माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन-समृद्धि बनी रहती है. सोमवार और शुक्रवार को चांदी का कड़ा पहनना विशेष रूप से शुभ माना गया है. इसके अलावा कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों के लिए चांदी का कड़ा विशेष रूप से लाभकारी बताया जाता है.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पुरुषों को चांदी का कड़ा हमेशा दाहिने हाथ में धारण करना चाहिए, जबकि महिलाओं के लिए बाएं हाथ में चांदी का कड़ा पहनना शुभ माना गया है. इसके अलावा छोटी अंगुली में चांदी की अंगूठी और गले में चांदी की माला सोमवार के दिन धारण करना विशेष रूप से लाभकारी बताया जाता है. मान्यता है कि ऐसा करने से चंद्रमा की अशुभता शांत होती है और मानसिक संतुलन बना रहता है.

















