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जया एकादशी पर 5 अद्भुत संयोग, करें इस अवधि में पूजा… हर इच्छा होगी पूरी!

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ं अयोध्या : हर साल में 24 बार एकादशी तिथि पड़ती हैं. हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर विधिपूर्वक व्रत किया जाता है. साथ ही जगत के पालनहार भगवान विष्णु की विशेष पूजा होती है. माघ माह में जया एकादशी मनाई जाती है.माघ माह के शुक्ल पक्ष में जया एकादशी मनाई जाती है. इस दिन भगवान विष्णु एवं मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है. साथ ही उनके निमित्त एकादशी का व्रत रखा जाता है. इस व्रत को करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है तो चलिए इस रिपोर्ट में जानते हैं कि कब है जया एकादशी और क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त तथा पूजा विधि .

दरअसल अयोध्या के ज्योतिषी पंडित कल्कि राम बताते हैं कि हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 07 फरवरी को रात 09. 26 बजे से शुरू होगी और 08 फरवरी को रात 08.15 बजे समाप्त होगी. उदया तिथि के अनुसार 08 फरवरी को जया एकादशी पड़ेगा. इस दिन रवि योग के साथ भद्रावास का भी संयोग बना रहा है. इसके अलावा08 फरवरी की रात में शिववास योग का भी निर्माण हो रहा है. इस शुभ अवसर पर मृगशिरा और आर्द्रा नक्षत्र का संयोग है. इन योग में जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने से साधक की हर इच्छा पूरी होगी.

जया एकादशी के दिन करें ये काम
जया एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए. इसके बाद घर की साफ-सफाई करनी चाहिए. इसके बाद गंगाजल पानी में डाल कर स्नान करें. स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें और पंचोपचार कर विधि-विधान से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें. पूजा के समय भगवान विष्णु को पीले रंग के फल, फूल, मिठाई आदि चीजें अर्पित करें. इस समय विष्णु चालीसा और विष्णु स्तोत्र का पाठ करें. शाम में आरती-अर्चना करने के बाद फलाहार करें. रात में भगवान विष्णु के निमित्ति भजन-कीर्तन करें. अगले दिन पूजा-पाठ के बाद व्रत खोलें.

FIRST PUBLISHED : January 9, 2025, 14:02 IST

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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