
हरिद्वार: हिंदू धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक भगवान विष्णु के प्रिय मार्गशीर्ष मास के बाद पौष मास का आगमन होता है. पौष माह कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि हिंदू कैलेंडर में खास होती है. एक साल में 24 एकादशी आती हैं. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार 12 एकादशी कृष्ण पक्ष में आती हैं और 12 एकादशी ही शुक्ल पक्ष में मनाई जाती हैं. पौष माह कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के दिन किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए किए गए धार्मिक अनुष्ठान, व्रत और पूजा पाठ का संपूर्ण से भी अधिक फल प्राप्त होता है. धार्मिक दृष्टि से पौष माह कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को सफला एकादशी का व्रत करना उत्तम और फलदायक होता है.
सफला एकादशी का महत्व
सफला एकादशी के महत्व की ज्यादा जानकारी Bharat.one के साथ साझा करते हुए पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि खरमास यानी पौष मास कृष्ण पक्ष की एकादशी को सफला एकादशी का व्रत करने से सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होती है. एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है. सफला एकादशी यानी सफलता प्राप्त करने के लिए सबसे उत्तम और महत्वपूर्ण तिथि बताई गई है.
अगर कोई भी किसी भी काम जैसे पढ़ाई, नौकरी, वाहन खरीदने, घर जमीन आदि लेने में सफलता प्राप्त करना चाहता है तो सफला एकादशी का व्रत विधि विधान से करना चाहिए. इससे सफलता हाथ लगेगी. इस दिन सफला एकादशी का व्रत करने से आध्यात्मिक विकास होता है, मन पवित्र होता है और मन को शांति मिलती है ऐसी धार्मिक मान्यता है.
भगवान की माला जपें
सफला एकादशी का व्रत 26 दिसंबर 2024 को करने से सभी कार्यों में सफलता मिलेगी. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि करके व्रत का संकल्प करें और भगवान विष्णु के मंत्रों, स्त्रोत आदि का पाठ करें. साथ ही भगवान विष्णु के मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” की एक माला करने के बाद भगवान विष्णु की कृपा से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार एकादशी के दिन चावल या चावल से बनी कोई भी सामग्री ग्रहण करनी वर्जित होती है. अगर इस दिन चावल से बनी कोई भी सामग्री कहते हैं तो दोष लगता है जिसका शास्त्रों में कोई उपाय नहीं है.
FIRST PUBLISHED : December 18, 2024, 12:27 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

















