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अमेठी के विल्लेश्वर महादेव मंदिर की प्राचीनता और पौराणिकता मुगल शासक औरंगजेब के काल से जुड़ी है. खंडित मूर्तियों के बावजूद, यह मंदिर संतान प्राप्ति और विवाह की मनोकामनाओं के लिए जाना जाता है.
मंदिर में मौजूद खंडित मूर्तियां
हाइलाइट्स
- विल्लेश्वर महादेव मंदिर संतान और विवाह की मनोकामनाओं के लिए जाना जाता है.
- मंदिर में औरंगजेब द्वारा खंडित मूर्तियां आज भी मौजूद हैं.
- सावन में मंदिर पर भव्य मेले का आयोजन होता है.
अमेठी: अमेठी जिले में कई प्राचीन शिव मंदिर मौजूद हैं, जिनकी मान्यताएं अत्यंत प्राचीन और अद्भुत हैं. ऐसा ही एक अलौकिक और ऐतिहासिक शिव मंदिर अमेठी में स्थित है, जिसकी प्राचीनता और पौराणिकता मुगल शासक औरंगजेब के काल से जुड़ी हुई है. इस मंदिर में आज भी औरंगजेब द्वारा खंडित की गई मूर्तियां मौजूद हैं, जो इसकी ऐतिहासिकता की गवाही देती हैं. मान्यता है कि इस मंदिर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने से संतान प्राप्ति और विवाह से जुड़ी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इसी आस्था के चलते दूर-दूर से भक्त यहां दर्शन और पूजा के लिए आते हैं.
आस्था और विश्वास का केंद्र
जिले के जामो ब्लॉक के दखिनवारा गांव में स्थित विल्लेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. इस मंदिर के दर्शन के लिए हर रोज सैकड़ों भक्त पहुंचते हैं. मंदिर का इतिहास हजारों साल पुराना माना जाता है, जबकि स्थानीय लोगों के अनुसार, इसका निर्माण 1669 ईस्वी में कराया गया था.
खंडित मूर्तियां आज भी मौजूद
मंदिर की देखरेख करने वाले बृजेश सिंह बताते हैं कि औरंगजेब ने इस मंदिर पर हमला किया था, जिसके कारण आज भी यहां टूटी-फूटी मूर्तियां मौजूद हैं. जो इस दौर की गवाही देती है. मंदिर परिसर में कई मूर्तियां ऐसी हैं, जिनमें किसी का सिर खंडित है तो किसी के हाथ कटे हुए हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, औरंगजेब के आक्रमण के दौरान इन मूर्तियों को तहस-नहस कर दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद मंदिर में भक्तों की आस्था बनी रही.
सावन में लगता है भव्य मेला
मंदिर के पुजारी ने बताया कि बिल्लेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध इस धाम पर हर साल शिवरात्रि के अवसर पर विशाल मेले का आयोजन किया जाता है. सावन के महीने में यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से यहां जलाभिषेक और पूजा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इस मंदिर में रोजाना भगवान शिव की कथा और आरती होती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं.
विल्लेश्वर महादेव मंदिर न सिर्फ एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह इतिहास और परंपरा का प्रतीक भी है. सदियों पुरानी इसकी मान्यता और शिव भक्तों की अटूट श्रद्धा इसे और भी खास बनाती है.
Amethi,Lucknow,Uttar Pradesh
March 14, 2025, 15:04 IST
जिसे औरंगजेब मिटाना चाहता था, वो मंदिर आज आस्था का बड़ा केंद्र!

















