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जेलर के आदेश पर होती है भगवान वामन की पूजा, जानें कब से चली आ रही यह परंपरा-lord-vaman-is-worshiped-on-the-orders-of-the-jailer-Know how long this tradition has been going on

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बक्सर : जिले के केंद्रीय जेल परिसर में भगवान वामन का मंदिर स्थापित है. इस मंदिर में पूजा दर्शन के लिए लोग दूर-दूर से पहुंचते हैं. भगवान वामन के मंदिर में पूजा सेंट्रल जेल के जेलर के आदेश पर होती है, जिसको लेकर मंदिर परिसर में जगह-जगह नोटिस भी चिपकाया गया है.

दरअसल, बक्सर के सिद्धाश्रम में भगवान विष्णु का 5वां अवतार हुआ था. भगवान विष्णु के सभी अवतार में 5वां अवतार पहली बार शरीरधारी स्वरूप माना जाता है. मान्यताओं के अनुसार दैत्यराज बलि के आतंक को खत्म करने के लिए श्री नारायण ने चरित्रवन स्थित आश्रम में ब्राह्मण दंपति के कोख से जन्म लिया था. इसके बाद इस जगह का नाम वामनाश्रम पड़ गया. कद-काठी में ठिगना होने के चलते ब्राह्मण बालक का नाम वामन पड़ा. जिन्होंने अपनी बुद्धि और कौशल के बूते असुरराज बलि को साम्राज्य विहीन कर देवराज इंद्र को पुनः गद्दी दिलाई थी.

फिलहाल जिस जगह को इनके अवतरण का स्थान माना जाता है. वह केंद्रीय जेल परिसर है, जहां उनका मंदिर स्थापित है. जहां दर्शन पूजन के लिए दूर दूर से लोग पहुंचते है. लेकिन यहां दर्शन पूजन सेंट्रल जेल के जेलर के आदेश पर होता है. जिसको लेकर मंदिर परिसर में जगह नोटिस भी चिपकाया गया है.

बता दें कि भगवान वामन का मंदिर जेल परिसर में होने के कारण मंदिर का खुलने और बंद होने का समय निर्धारित किया गया है. बताया गया कि मंदिर का गेट खुलने का समय सुबह 5 बजे से 11 बजे है. उसके बाद शाम में 3 बजे से आरती होने के समय तक मुख्य गेट खुला रहता है. नहीं तो बाकी समय में मुख्य गेट में मोटे मोटे ताले लगे होते हैं. बक्सर जिला मुख्यालय से यह मंदिर लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

वामन मुक्ति मोर्चा मंच लड़ रहा है लड़ाई
भगवान वामन जनभूमि मुक्ति मोर्चा मंच के सचिव राघव पांडेय ने बताया कि भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से एक बटुक वामन का अवतार बक्सर के सिद्धाश्रम में हुआ था, जो आज केंद्रीय कारागर परिसर में मौजूद है. उन्होंने बताया कि पूरे विश्व में यदि भगवान वामन का कहीं मन्दिर है, तो वह बक्सर में है. उन्होंने बताया कि यह मंदिर बेहद पुराना है. यहां आस-पास में 250 वर्ष पुराना वृक्ष भी है. उन्होंने बताया कि अंग्रेजी हुकूमत के दौरान हीं यहां सेंट्रल जेल बना था, तो मंदिर का परिसर भी इसके अंदर चला गया.

हालांकि, भगवान वामन के मन्दिर को जेल परिसर से मुक्त कराने के लिए कई सालों से वामन चेतना मंच लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन अबतक इसे मुक्त नहीं किया जा सका है. जिससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होती है.

वामन द्वादशी पर लगता है भव्य मेला
वामन द्वादशी पर सेंट्रल जेल के आसपास भव्य मेला का आयोजन किया जाता है. विभिन्न प्रकार के झूलों के साथ तरह तरह की दुकानें सजाई जाती हैं. धार्मिक मान्यता है की वामन द्वादशी के दिन ही भगवान वामन ने अवतार लिया था. इस मौके पर तीन साल से वामन चेतना मंच द्वारा वामन भगवान की रथ यात्रा भी निकाली जाती है. जो बक्सर रामेश्वर नाथ मंदिर से शुरू होकर पूरे शहर का भ्रमण करते हुए सेंट्रल जेल परिसर में पहुंचती है. इस दिन लाखो की संख्या में भिड़ गंगा स्नान के बाद दर्शन पूजन के लिए उमड़ती हैं. जहां विधि व्यवस्था बनाने में जिला प्रशासन के अधिकारियों को पसीने छूट जाते है.

15 सितंबर को होगा वामन द्वादशी
बता दें कि इस बार 15 सितंबर को वामन द्वादशी मनाई जाएगी, जिसको लेकर वामन चेतना मंच द्वारा मेले का आयोजन और रथ यात्रा को लेकर जोर शोर से तैयारी चल रही है, जिसकी जानकारी देते हुए राघव पांडेय ने कहा कि हर साल की भाती इस साल भी भगवान वामन की रथ यात्रा निकाली जाएगी. इसके साथ ही मेले का भी आयोजन होगा, जिसको लेकर मंदिर प्रबंध समिति तैयारियो में जुटी हुई है.

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