Home Uncategorized झारखंड का फेमस नाश्ता, अरवा चावल और दो दाल से है बनता,...

झारखंड का फेमस नाश्ता, अरवा चावल और दो दाल से है बनता, खाने में सॉफ्ट और टेस्टी

0
17


गुमला. हमारा गुमला जिला आदिवासी बहुल व ग्रामीण इलाका में आता है. यहां के ज्यादातर लोग नाश्ते में धुस्का खाना काफी पसंद करते हैं. यहां के पर्व त्यौहार में या किसी तरह के कोई कार्यक्रम में यह विशेष पकवान जरूर बनाया जाता है. साथ ही यहां करीब-करीब गांव हो या मुख्यालय या चौक चौराहे धुस्के की दुकान जरूर सजती है. लेकिन कोई कोई होटल में मिलने वाली चीजें अपनी स्वाद के कारण काफी फेमस होते हैं. जिसकी चर्चा भी खूब होती है.

इसी में से एक है गुमला मुख्यालय से लगभग 10 किमी दूर लोहरदगा रोड के टोटो में स्थित शिव शक्ति भोजनालय में मिलने वाली धुसका की. यहां मिलने वाली धुसके की इतनी डिमांड रहती है कि लोग 10 से 20 किमी का सफर तय करके खाने के लिए पहुंचते हैं. यहां छानकर निकालते ही धुसका खत्म हो जाता है. यहां इतनी डिमांड रहती है कि लोगों को पहले ऑर्डर करना पड़ता है.

काफी फेमस है यहां का धुसका
संचालक नीरज कुमार गुप्ता ने बताया कि लगभग 37-38 साल से हमलोगाें का होटल चल रहा हैं. होटल की शुरआत पिताजी किए थे. फिर थोड़ा बड़ा होने के बाद पिताजी का सहयोग करते-करते मैं भी सीख गया.  वर्तमान में मैं अपने भाई के साथ मिलकर चला रहा हूं. हमारा होटल जिला मुख्यालय से लगभग 10 किमी दूर लोहरदगा रोड के टोटो में स्थित है. जो शिवशक्ति भोजनालय के नाम से संचालित है. हमारे यहां का धुसका काफी फेमस है,

ऐसे किया जाता है तैयार आप भी कर सकते हैं ट्राई
वहीं संचालक ने बताया कि धुसका हमारे यहां काफी स्पेशल बनाया जाता है, चना व उड़द दो तरह की दाल का प्रयोग किया जाता है. हमारे यहां 1 किलो अरवा चावल में 1 पाव चना दाल व आधा पाव उड़द दाल का प्रयोग किया जाता है. जिससे धुसका काफी सॉफ्ट व टेस्टी बनता है. सबसे पहले अरवा चावल, चना और उड़द दाल को पानी में डालकर 6 से 8 घंटा छोड़ते हैं. फिर उसे मिक्सी में पीसते हैं.

इस तरह से गुड़ी बनकर तैयार हो जाती है. फिर उसमें चुटकी भर खाने वाला सोडा, स्वादानुसार नमक, जीरा पाउडर, हल्दी पाउडर मिलाकर अच्छा से फेंटते हैं. फिर लोगों के डिमांड अनुसार रिफाइन तेल में छानकर गरमा-गरम लोगों को आलू,चना वी टमाटर की सब्जी व खुद से तैयार बादाम की स्पेशल चटनी के साथ परोसते हैं. जिसका स्वाद लोग खूब पसंद करते हैं. स्वाद के कारण लोग काफी पसंद करते हैं,और 10 से 20 किमी की दूरी तय करके स्पेशली लोग धुसका खाने के लिए आते हैं.

मात्र 5 रुपए है पीस
वहीं कीमत की बात करें तो हमारे यहां धुसका मात्र 5 रुपये पीस के दर से उपलब्ध है. वहीं इसके अलावा हमारे यहां गुड़ का बालूशाही, समोसा, कचौड़ी, बर्रा, इडली आदि सभी 5 रुपए प्रति पीस में मिलता है. इसके अलावा हमारे यहां उचित भोजन की भी व्यवस्था है. लेकिन हमारे यहां धुसका की डिमांड सबसे अधिक रहती है.


.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.

https://hindi.news18.com/news/lifestyle/recipe-jharkhand-special-breakfast-dhuska-made-from-arwa-chawal-and-two-dal-recipe-local18-8687886.html

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here