Home Uncategorized दुनिया का इकलौता मंदिर जहां कान्हा के साथ मीरा है विराजमान…रात को...

दुनिया का इकलौता मंदिर जहां कान्हा के साथ मीरा है विराजमान…रात को आती घुंघरुओं की आवाज

0
5


Agency:Bharat.one Himachal Pradesh

Last Updated:

Krishna Worshipped with Meera: इस मंदिर के इतिहास के साथ एक रोचक कथा जुड़ी हुई है. यह उस समय की बात है (1629 से 1623 ई.) जब नूरपुर के राजा जगत सिंह अपने राज पुरोहित के साथ चितौडग़ढ के राजा के निमंत्रण पर वहां गए…और पढ़ें

X

कृष्ण

कृष्ण मीरा मंदिर नूरपुर

Bajraj Swami Mandir: हिमाचल प्रदेश के नूरपुर के प्राचीन किला मैदान में स्थित भगवान श्री बृजराज स्वामी जी का मंदिर क्षेत्रवासियों की प्रमुख आस्था का केंद्र है. यह विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां भगवान श्री कृष्ण के साथ राधा रानी नहीं बल्कि मीरा बाई की मूर्ति स्थापित है. इसलिए इस मंदिर की प्रसिद्धि विश्व प्रसिद्ध है.यह दोनों प्रतिमाएं ऐसी लगती हैं मानों आपके सामने साक्षात भगवान श्री कृष्ण व मीरा बाई खड़े हों. प्रेम व आस्था के संगम के प्रतीक इस मंदिर का नूर जन्माष्टमी को छलक उठता है. जन्माष्टमी के पावन अवसर पर इस ऐतिहासिक मंदिर में रौनक देखते ही बनती है, जहां दूर-दूर से हजारों की संख्या में लोग मंदिर में शीश नवाते हैं.

बजराज स्वामी मंदिर की कहानी 
इस मंदिर के इतिहास के साथ एक रोचक कथा जुड़ी हुई है. यह उस समय की बात है (1629 से 1623 ई.) जब नूरपुर के राजा जगत सिंह अपने राज पुरोहित के साथ चितौडग़ढ के राजा के निमंत्रण पर वहां गए. राजा जगत सिंह व उनके पुरोहित को रात्रि विश्राम के लिए जो महल दिया, उसके बगल में एक मंदिर था. जहां रात के समय राजा को उस मंदिर से घुंघरूओं तथा संगीत की आवाजें सुनाई दी. राजा ने जब मंदिर में बाहर से झांक कर देखा तो एक औरत कमरे में श्रीकृष्ण की मूर्ति के सामने भजन गाते हुए नाच रही थी.राजा ने सारी बात राज पुरोहित को सुनाई. पुरोहित ने भी वापसी पर राजा (चितौडग़ढ़) से इन मूर्तियों को उपहार स्वरूप मांग लेने का सुझाव दिया, क्योंकि श्री कृष्ण व मीरा की यह मूर्तियां साक्षात हैं. जगत सिंह ने पुरोहित बताए अनुसार वैसा ही किया. चितौडग़ढ़ के राजा ने भी खुशी-खुशी वे मूर्तियां व मौलश्री का पेड़ राजा जगत सिंह को उपहार स्वरूप दे दिया.

नूरपुर के राजा ने करवाई थी मूर्तियों की स्थापना 
मंदिर के पंडित ने बताया कि नूरपुर के राजा ने अपने दरबार-ए-खास को मंदिर का रूप देकर इन मूर्तियों को वहां पर स्थापित कर दिया. राजस्थानी शैली की काले संगमरमर से बनी श्रीकृष्ण व अष्टधातु से बनी मीरा की मूर्ति आज भी नूरपुर के इस ऐतिहासिक श्री बृजराज स्वामी मंदिर में शोभायमान है. मंदिर की भित्तिकाओं पर कृष्ण लीलाओं का चित्रण दर्शनीय है. इस स्थान पर हर साल जन्माष्टमी का उत्सव हर साल बढ़ी धूम-धाम से मनाया जाता है.

homedharm

इकलौता मंदिर जहां कान्हा के साथ मीरा है विराजमान…रात को आती घुंघरु की आवाज

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here