खरगोन. भगवान शिव के अवतार बाबा काल भैरव, जिन्हें तंत्र विद्या के देवता भी कहां जाता है. बाबा काल भैरव की जयंती पर भैरव मंदिरों में विशेष आयोजन होते हैं. खरगोन के मंडलेश्वर का श्री छप्पन देव मंदिर भी उन्हीं में से एक है. यहां 23 नवंबर को भैरव अष्टमी पर हवन, पूजन और भंडारे का आयोजन होना है.
बताते हैं कि इस मंदिर का चमत्कार मुगल काल में औरंगजेब और उसकी सेना भी देख चुकी है. दरअसल, बाबा भैरव का यह मंदिर पूरे विश्व में इकलौता है, जो श्री छप्पन देव मंदिर के नाम से प्रख्यात है. यहां मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित कई राज्यों से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं. मन्नत मांगते हैं और पूरी होने पर पशु बलि देते हैं, तुला दान करते हैं.
भैरव अष्टमी पर होंगे ये खास आयोजन
मंदिर के पुजारी अजय केवट ने बताया, इस साल भैरव अष्टमी पर सुबह से हवन और यज्ञ होगा. 5 जोड़े इस हवन में शामिल होकर आहुति देंगे. सुबह 10 बजे से भंडारा शुरू होगा, जो शाम तक चलेगा. इसमें 5 हजार से ज्यादा भक्त भोजन-प्रसादी ग्रहण करेंगे. मंदिर को रंग बिरंगी लाइटिंग से सजाया जाएगा. भव्य आतिशबाजी भी होगी.
मंदिर की चार दिशाओं में चार देवताओं का वास
इतिहासकार दुर्गेश राजदीप के अनुसार, यह मंदिर अति प्राचीन है. चारों दिशाओं में चार देवता स्थापित हैं. उत्तर में गुरु गोरखनाथ, पूर्व में भगवान मंदनेश्वर महादेव, पश्चिम में भगवान कार्तिक और दक्षिण में स्वयं बाबा भैरव हैं. इस तरह का मंदिर दुनिया में एकमात्र है. चारों ओर चार सभा मंडप बने थे, पर मुगल सेना ने तीन सभा मंडप तोड़ दिए थे. लेकिन, बाबा भैरव के सभा मंडप को तोड़ नहीं पाए.
मुगल भी नहीं तोड़ पाए मंदिर
उन्होंने बताया, मुगल काल में जब औरंगजेब दक्षिण यात्रा पर निकला था, तब रस्ते में आने वाले सभी प्राचीन मंदिरों को तोड़ रहा था. मंडलेश्वर के इस मंदिर पर भी उसकी निगाह पड़ी. सेना को तोड़ने के लिए भेजा, तीन सभा मंडप तोड़ भी दिए. जब भैरव मंदिर के सभा मंडप को तोड़ने लगे तो भगवान के ऐसा चमत्कार हुआ कि सब बैरंग लौट गए. तभी से इस मंदिर की महत्ता और अधिक बढ़ गई.
FIRST PUBLISHED : November 17, 2024, 13:13 IST

















