देवघर: आज दशहरे के बाद अब लोग दिवाली की तैयारी में व्यस्त हो जाएंगे. वहीं, घर की साफ-सफाई से लेकर घर को सजाने की प्लानिंग भी शुरू हो जाएगी. दिवाली को पांच पर्वों का त्योहार कहा जाता है, जिसकी शुरुआत धनतेरस से होती है. इस दिन मां लक्ष्मी के साथ धन के देवता कुबेर व धन्वंतरि की पूजा की जाती है. माना जाता है कि धन्वंतरि की पूजा से जातक को आरोग्य की प्राप्ति होती है. वहीं, मां लक्ष्मी-कुबेर पूजा से धन बढ़ता है.
किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने के लिए या फिर व्यापार आरंभ करने के लिए भी धनतेरस का दिन सबसे उत्तम तिथि माना जाता है. इस तिथि से ही दिवाली पर्व की शुरुआत हो जाती है. लेकिन, इस साल धनतेरस की तिथि को लेकर थोड़ी कन्फ्यूजन की स्थिति है. इसके अलावा धनतेरस पर किन शुभ चीजों की खरीदारी आवश्यक होती है, जिससे मां लक्ष्मी की कृपा मिले. आइए, देवघर के आचार्य से जानते हैं…
इस बार धनतेरस पर शिववास
देवघर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने Bharat.one को बताया कि हर साल धनतेरस कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है. इस साल 29 अक्टूबर को धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा. धनतेरस के दिन बर्तन, सोना, चांदी, पीतल या कोई भी आभूषण के साथ ही वाहन खरीदना सबसे शुभ है. इस दिन बेहद शुभ योग का भी निर्माण होने जा रहा है. धनतेरस के दिन शिववास के साथ प्रदोष व्रत भी है.
कब से शुरू होगी त्रयोदशी तिथि
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि कार्तिक माह के कृष्णपक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 29 अक्टूबर सुबह 08 बजकर 31 मिनट पर हो रही है. समापन अगले दिन 30 अक्टूबर सुबह 07 बजकर 18 मिनट पर होगा. क्योंकि धनतेरस के दिन रात्रि में माता लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की पूजा की जाती है, इसलिए 29 अक्टूबर को ही धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा.
क्या खरीदना शुभ
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि इस दिन आप सोना-चांदी, पीतल बर्तन में कोई भी एक आइटम जरूर खरीदें. यह बेहद शुभ माना जाता है. साथ ही इस दिन जमीन, वाहन भी खरीदना अत्यंत शुभकारी होता है. अगर मजबूरी वश कोई इन चीजों को न खरीद पाए तो एक झाड़ू अवश्य खरीदें.
खरीदारी का शुभ मुहूर्त:
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि धनतेरस के दिन खरीदारी करने का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 13 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 12 मिनट तक रहने वाला है.
FIRST PUBLISHED : October 12, 2024, 10:11 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

















