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धन्य है प्रभु की महिमा! इंसान तो इंसान, इस 600 साल पुराने मंदिर दर्शन करने पहुंचा वानर… जानें पूरी घटना

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Burhanpur News : बुरहानपुर के 600 साल पुराने श्री सिद्धेश्वर तापेश्वर गणेश मंदिर में संकट चतुर्थी के अवसर पर दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़े. खास बात यह रही कि महाजनापेठ का कानूनगो परिवार अपने वानर ‘ओम’ को भी साथ लाया. वानर ने भी लाइन में…और पढ़ें

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वानर

वानर ने कतार में खड़े होकर किए दर्शन 

बुरहानपुर. मध्य प्रदेश का बुरहानपुर जिला. जिले में संकट चतुर्थी का अवसर. इस अवसर पर श्रद्धालु  600 साल पुराने मंदिर में दूर-दूर से दर्शन के लिए पहुंच रहे थे. मंदिर का नजारा देख हर कोई मंत्रमुग्ध था. कुछ लोग फोन से मंदिर की फोटो ले रहे थे तो कुछ परिवार संग सेल्फी. वहीं कुछ लोग अलग ही धुन में मगन थे. उनके प्रसन्नता का कारण भी बिल्कुल अनोखा था.

दरअसल, मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालु के रूप में एक वानर जी भी पहुंचे थे. यह देख हर कोई हैरान था. लोग अपनी छोड़ पहले वानर जी की ही फोटो लेने में व्यस्त हो गए. यहां पर वानर महाराज ने भी भगवान श्री गणेश के दर्शन किए.

एक परिवार संग दर्शन करने पहुंचा था वानर
गौरतलब है कि महाजनापेठ का एक परिवार दर्शन करने के लिए आया था. उनके यहां पर उन्होंने ओम नाम का एक वानर पाल कर रखा है. यह दिन-दोपहर उनके साथ ही रहता है. आज जब परिवार दर्शन करने मंदिर आए, तो वानर जी को भी लेकर आए. वानर ने भी लाइन में खड़े होकर भगवान श्री गणेश के दर्शन किए. यह नजारा देख हर कोई उनको देखता ही रह गया.

परिवार के लोगों ने बताया
Bharat.one की टीम ने जब महाजनापेठ क्षेत्र में रहने वाली शिवांगी से बात  तो उन्होंने बताया, ‘यह ओम हमारे घर का सदस्य है. इस वानर को हमने ओम नाम दिया है. हम जहां पर भी जाते हैं इस वानर को लेकर जाते हैं. जब आज हम संकट चतुर्थी के अवसर पर बोहरडा स्थित श्री सिद्धेश्वर तापेश्वर गणेश मंदिर पर पहुंचे, तो यहां पर हमने कतार में खड़े होकर भगवान श्री गणेश के दर्शन किए. यह नजारा देख हर कोई देखते रह गए. कई लोगों ने फोटो वीडियो भी बनाकर इसे सोशल मीडिया पर भी डाला है. आज हम यहां पर दर्शन करने आए, हमको बड़ा अच्छा लग रहा है.

डेढ़ साल का है वानर
कानूनगो परिवार का कहना है कि यह वानर डेढ़ साल का है. जब यह छोटा सा बच्चा था घर के पास आया और हमने उसको खाने के लिए दिया तो वह हमारे यहां पर ही रह गया. तब से हम उसकी परवरिश कर रहे हैं. हमने उसका नाम ओम रखा है. हम जहां पर भी जाते हैं उसको साथ में लेकर जाते हैं.

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धन्य है प्रभु की महिमा! इस 600 साल पुराने मंदिर में दर्शन करने पहुंचा वानर…

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