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Chaitra Navratri 2025: गुड़ी पड़वा 30 मार्च 2025 को मनाया जाएगा, जिससे चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होगी. ज्योतिषाचार्य डॉ. बसंत सोनी के अनुसार, नवरात्रि में देवी की साधना और विशेष मंत्रों के जाप से मनोकामनाएं पूरी…और पढ़ें
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हाइलाइट्स
- गुड़ी पड़वा से हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है.
- धन प्राप्ति के लिए लक्ष्मी मंत्र का जाप करें.
- साधना के दौरान कुल देवी, हनुमान, भैरव का पूजन करें.
खरगोन. चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि को गुड़ी पड़वा से हिंदू नववर्ष की शुरुआत मानी जाती है. इसी दिन से चैत्र नवरात्रि भी प्रारंभ हो जाती है. मान्यता है कि इस दिन देवी की आराधना, साधना और पूजा करने से कृपा प्राप्त होती है.
ज्योतिषियों के अनुसार, यदि कोई साधक किसी विशेष मकसद की प्राप्ति करना चाहता है तो उसे नवरात्रि की सिद्ध रात्रि में मंत्रों का जाप करते हुए विशेष पूजन करना चाहिए. इससे व्यक्ति की मनोकामना शीघ्र पूर्ण होती है.
गुड़ी पड़वा 2025 की तिथि
खरगोन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य, गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. बसंत सोनी के अनुसार, इस वर्ष गुड़ी पड़वा 30 मार्च 2025, रविवार को आ रही है. नवरात्रि का अर्थ ही रात्रि में साधना करने से है. गृहस्थ जीवन जीने वाले व्यक्ति, जिन्हें किसी विशेष उद्देश्य की प्राप्ति नहीं करनी हो, उन्हें नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के बाद दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए. इससे घर-परिवार में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है.
साधना शुरू करने से पहले आवश्यक कार्य
जिन साधकों को धन, बल, बुद्धि आदि की प्राप्ति करनी हो, उन्हें नवरात्रि के पहले दिन से अगले तीन दिनों तक मौन रहना चाहिए और मां लक्ष्मी की विधि-विधान से साधना करनी चाहिए. लक्ष्मी से जुड़े मंत्रों का जाप करने के लिए साधक को पहले दिन से अपने घर-परिवार से दूर किसी पवित्र नदी के किनारे बैठकर साधना करनी चाहिए. वहां तीन दिन तक मौन धारण कर देवी की उपासना करनी चाहिए.
धन प्राप्ति के लिए विशेष मंत्र
डॉ. बसंत सोनी के अनुसार, साधना के दौरान चयनित स्थान पर सर्वप्रथम उस स्थान की कुल देवी, खेड़ापति हनुमान और बाबा भैरव का पूजन कर भोग अर्पित करना चाहिए. इसके बाद साधना प्रारंभ करनी चाहिए. यदि साधक को लक्ष्मी प्राप्ति करनी हो, तो पूरी नवरात्रि उसे पूजा और हवन के साथ निम्न मंत्र का जाप करना चाहिए –
“ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नमः.”
इस मंत्र का जाप करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होकर मनोकामना पूर्ण करती हैं.

















