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नेगेटिव एनर्जी से छुटकारा पाने का आसान उपाय, बस यह टीका लगाएं, दिनभर रहेंगे शांत और फोकस्ड

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बागेश्वर: उत्तराखंड के आचार्य पंडित हेम चन्द्र पाठक ने Bharat.one को बताया कि हिंदू धर्म और सनातन परंपरा में चंदन को अत्यंत पवित्र माना जाता है. पूजा-पाठ, हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में इसका विशेष स्थान होता है और इसे आध्यात्मिक ऊर्जा और मानसिक शांति के लिए लाभकारी माना जाता है.

Religious significance of sandalwood paste

उत्तराखंड बागेश्वर के आचार्य पंडित हेम चन्द्र पाठक ने Bharat.one को बताया कि हिंदू धर्म और सनातन परंपरा में चंदन को अत्यंत पवित्र माना जाता है. पूजा-पाठ, हवन और धार्मिक अनुष्ठानों में चंदन का विशेष स्थान होता है. चंदन का टीका लगाने से व्यक्ति के चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. शास्त्रों के अनुसार चंदन शीतल, सात्विक और मन को शांत करने वाला होता है. माथे पर लगाया गया चंदन का टीका व्यक्ति को मानसिक रूप से स्थिर रखता है और नकारात्मक विचारों को दूर करता है. पुराने समय से साधु-संत और विद्वान लोग नियमित रूप से चंदन का टीका लगाते आए हैं.

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पंडित हेम चन्द्र पाठक के अनुसार आज के समय में तनाव, भय और नकारात्मक सोच के कारण व्यक्ति के आसपास नेगेटिव एनर्जी बढ़ जाती है. चंदन का टीका इस ऊर्जा को संतुलित करने में मदद करता है. चंदन की ठंडी तासीर दिमाग को शांत करती है और मन को स्थिरता देती है. जब टीका आज्ञा चक्र यानी भौंहों के बीच लगाया जाता है, तो यह मानसिक अशांति को कम करता है. नियमित रूप से चंदन का टीका लगाने से व्यक्ति के विचार सकारात्मक होते हैं. मन में डर व बेचैनी धीरे-धीरे खत्म होने लगती है. बागेश्वर के बाबा बागनाथ मंदिर में भक्तों को चंदन का टीका भी लगाया जाता है.

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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंदन का टीका लगाने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है. चंदन सात्विक गुणों से भरपूर होता है और इसे भगवान को अर्पित करने के बाद मस्तक पर धारण किया जाता है. इससे मन, कर्म और विचार शुद्ध होते हैं. शास्त्रों में कहा गया है कि जो व्यक्ति श्रद्धा और नियम से चंदन का टीका लगाता है. उसके जीवन में बुरे कर्मों का प्रभाव कम होता है. यह व्यक्ति को धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है और आत्मिक शुद्धता प्रदान करता है.

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Benefits in mental peace and concentration

चंदन का टीका सिर्फ धार्मिक ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना गया है. पंडित हेम चन्द्र पाठक के अनुसार चंदन की खुशबू और ठंडक दिमाग को आराम देती है. इससे गुस्सा, बेचैनी और तनाव में कमी आती है. जो लोग ध्यान, पूजा या पढ़ाई करते हैं, उनके लिए चंदन का टीका एकाग्रता बढ़ाने में सहायक होता है. सुबह चंदन का टीका लगाने से दिनभर मन शांत रहता है और काम में मन लगता है. यही कारण है कि प्राचीन काल में ऋषि-मुनि चंदन का प्रयोग करते थे.

The right place to apply sandalwood paste

पंडित पाठक बताते हैं कि चंदन का टीका हमेशा भौंहों के बीच, यानी आज्ञा चक्र पर लगाना चाहिए. यही स्थान बुद्धि और चेतना का केंद्र माना जाता है. इस स्थान पर टीका लगाने से मानसिक ऊर्जा सक्रिय होती है. कुछ लोग इसे माथे के बीच ऊपर या नीचे लगाते हैं, जो सही नहीं माना जाता. सही जगह पर लगाया गया टीका ही पूरा लाभ देता है. महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए यह नियम समान है. टीका छोटा, साफ और श्रद्धा के साथ लगाया जाना चाहिए.

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चंदन का टीका लगाने का सबसे अच्छा समय सुबह स्नान के बाद बताया गया है. पंडित हेम चन्द्र पाठक के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त या सुबह पूजा के समय लगाया गया टीका अधिक प्रभावशाली होता है. इस समय मन और शरीर दोनों शुद्ध होते हैं. अगर सुबह संभव न हो, तो शाम की पूजा के समय भी चंदन का टीका लगाया जा सकता है. खास बात यह है कि टीका लगाते समय मन शांत और विचार सकारात्मक होने चाहिए. जल्दबाजी या बिना श्रद्धा के लगाया गया टीका पूरा फल नहीं देता.

How to prepare sandalwood paste

शुद्ध चंदन की लकड़ी को साफ पत्थर पर थोड़े से पानी के साथ घिसकर टीका तैयार करना सबसे अच्छा माना गया है. पंडित पाठक बताते हैं कि बाजार के केमिकल वाले चंदन से बचना चाहिए. प्राकृतिक चंदन ही शीतल और लाभकारी होता है. घिसते समय “ॐ” का स्मरण करना शुभ माना जाता है. तैयार चंदन का टीका ताजा होना चाहिए. पुराना या सूखा चंदन उपयोग में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि उसका असर कम हो जाता है.

Caution and important advice

हालांकि चंदन का टीका सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कुछ सावधानियां जरूरी हैं. नकली या केमिकल युक्त चंदन त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है. अगर किसी को चंदन से एलर्जी हो, तो उसका प्रयोग न करें. टीका हमेशा श्रद्धा, विश्वास और नियम से लगाया जाए. इसे अंधविश्वास नहीं, बल्कि आस्था और मानसिक शांति का माध्यम मानें. किसी भी समस्या में अनुभवी पंडित या जानकार से सलाह लेना बेहतर होता है.

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सुबह लगाएं यह टीका, दिनभर रहें मानसिक रूप से शांत और फोकस्ड, जानिए सब

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