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पापमोचिनी एकादशी पर भूलकर भी न करें इसका सेवन, जीवन भर पीछा नहीं छोड़ेंगी परेशानियां!

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Haridwar: संवत 2081 की आखिरी एकादशी 26 मार्च यानी बुधवार को है. इस दिन पापमोचिनी एकादशी है, मान्यता है कि इस दिन भूलकर भी इस अन्न का सेवन किसी को नहीं करना चाहिए. नियमों का पालन करने से प्रभु की कृपा मिलती है.

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पापमोचनी

पापमोचनी एकादशी पर वर्जित है यह वस्तु

हाइलाइट्स

  • 26 मार्च को पापमोचिनी एकादशी है.
  • इस दिन चावल का सेवन न करें.
  • व्रत से भगवान विष्णु की कृपा मिलती है.

हरिद्वार. हिंदू कैलेंडर के अनुसार संवत में कुल 24 एकादशी व्रत आते हैं, जो मानव जीवन के उत्थान के लिए माने जाते हैं. संवत 2081 की आखिरी एकादशी 26 मार्च, बुधवार को होगी. हर एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व बताया गया है. संवत की आखिरी एकादशी चैत्र कृष्ण पक्ष में आती है, जिसे पापमोचनी एकादशी कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस एकादशी का विधिपूर्वक व्रत करने से सभी पापों का नाश होता है.

नष्ट हो जाते हैं सभी पाप
Bharat.one से बातचीत में ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीधर शास्त्री ने बताया कि यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है. मान्यता है कि इसे करने से पूर्व जन्म और इस जन्म के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं. इस व्रत का पालन करने वालों के साथ-साथ, जो लोग व्रत नहीं रखते, उन्हें भी इस दिन चावल या चावल से बनी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए. धार्मिक मान्यता के अनुसार, अगर भूलवश भी इस दिन चावल खा लिया जाए, तो उसका दोष जीवनभर बना रहता है. व्रत को पूरी श्रद्धा और पवित्रता के साथ करने से भगवान विष्णु की कृपा मिलती है.

कैसे करें ये व्रत
इस एकादशी का व्रत करने के लिए सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए. अगर संभव हो तो हरिद्वार के हर की पौड़ी में स्नान करें या फिर घर पर जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें. इसके बाद व्रत का संकल्प लें और भगवान विष्णु के मंत्रों, स्तोत्रों तथा विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें. साथ ही, इस एकादशी की कथा का श्रवण भी जरूरी माना जाता है.

इन नियमों का रखें ध्यान
व्रत से एक दिन पहले से ही प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा और अन्य तामसिक भोजन का सेवन वर्जित माना गया है. शुद्ध आचरण और सात्त्विक भोजन का पालन करने से व्रत का फल अधिक मिलता है.  पापमोचनी एकादशी का विधिपूर्वक पालन करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और व्यक्ति पर भगवान विष्णु की कृपा सदैव बनी रहती है.

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पापमोचिनी एकादशी पर भूलकर भी न करें इसका सेवन, पीछा नहीं छोड़ेंगी परेशानियां!

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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